आपको बीमार बना सकता है कमजोर मेटाबॉलिज्म, जानें इसे तेज करने के 3 टिप्स और इसका फंक्शन

आपके शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी है आपका मेटाबॉलिज्म तेज रहे। तो, आइए जानते हैं कैसे काम करता है आपका मेटाबॉलिज्म।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: May 03, 2021Updated at: May 03, 2021
आपको बीमार बना सकता है कमजोर मेटाबॉलिज्म, जानें इसे तेज करने के 3 टिप्स और इसका फंक्शन

मेटाबॉलिज्म (metabolism) शरीर में एक तरह का कैमिकल रिएक्शन है, जो आपके शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाने का काम करता है।  ये आपके पाचनतंत्र, श्वसन प्रणाली और बाकी सिस्टम को तेजी से काम करने में मदद करता है। पर ज्यादातर लोग इसके बारे में नहीं जानते कि आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म, आपको जहां स्वस्थ बना सकता है वहीं, आपको बीमार भी कर सकता है। वो कैसे, इस बारे में हमने डॉ. रवि शेखर झा (Dr Ravi Shekhar Jha), एचओडी और सीनियर कंसल्टेंट-पल्मोनोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, फरीदाबाद से बात की। डॉ. रवि शेखर झा बताते हैं कि शरीर की कोशिकाओं में हो रही इन रासायनिक गतिविधियों के लिए जितनी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, उसकी न्यूनतम मात्रा ही मेटाबॉलिज्म है। यानी मेटाबॉलिज्म में हमारा शरीर रोज जितनी भी ऊर्जा लेता है उसका 50 से 70 फीसदी खर्च करता है और इसी का धीमा पड़ना आपको बीमार कर देता है। तो, आइए जानते हैं कैसे काम करता है मेटाबॉलिज्म (how does metabolism work)?

Insidehowmetabolism

 कैसे काम करता है मेटाबॉलिज्म-How does metabolism work? 

मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय एक प्रक्रिया है। यह उसी तरह है जैसे हमारी कोशिकाएं हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन को ऊर्जा में बदलती हैं, जिसे हमें सांस लेने, काम करने, सोचने और शरीर के हर काम करो करने में मदद मिलती है। एक तरीके से ये हमारे शरीर को जीवत रखता है। चयापचय के लिए होने वाली दो रासायनिक प्रक्रियाएं होती हैं, अपचय (catabolism) और उपचय (anabolism), जो संतुलन में बने रहने के लिए विनियमित होते हैं। इसे सरल शब्दों में समझें, तो 

  • - कैटाबोलिज्म या अपचय (catabolism) वह प्रक्रिया है, जिसमें हमारे द्वारा खाई गई चीजें,  सरल रूपों में टूट जाती हैं, जिससे ऊर्जा निकलती है। 
  • -एनाबॉलिज्म या उपचय (anabolism) वह प्रक्रिया है जहां ऊर्जा का उपयोग शारीरिक कार्यों के लिए किया जाता है, जिसमें आपके शरीर में कोशिकाओं को विकसित और मरम्मत करना शामिल है।

ये दोनों चीजें मिल कर मेटाबोलिज्म के प्रोसेस को कंप्लीट करती है। पर ऐसे कई कारक हैं, जो कि हमारे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं। 

मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने वाले कारक - Factors that affects metabolism

आपका मेटाबॉलिज्म  रेट (metabolism rate) उस दर को संदर्भित करती है जो आपके शरीर को कार्य करने के लिए ऊर्जा का उपयोग करती है। जब चयापचय की बात आती है, तो कई कारक हैं जो इस दर को प्रभावित कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • -शरीर का आकार (Body size): आप मोटे हैं या पतले, आपकी साइज आपके  मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। जैसे ज्यादा मोटे लोगों को मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और ऐसे लोग ज्यादा बीमार पड़ते हैं। 
  • -लिंग (Gender) : आम तौर पर पुरुषों का मेटाबॉलिज्म महिलाओं की तुलना में तेज होता है और ये तेज गति से काम करता है। 
  • -उम्र (Age):  जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है और मांसपेशियों में कमी होने लगती है, आपका चयापचय धीमा होने लगता है। 

इसके अलावा कैलोरी की मात्रा और आपकी लाइफस्टाइल  भी आपके चपाचय को प्रभावित करता है। जैसे कि अधिक कैलोरी का सेवन आपको कई बीमारियों का भी शिकार बनाता है। 

इसे भी पढ़ें : कोरोना वैक्सीन की Efficacy और Effectiveness में क्या अंतर है? कैसे तय किया जाता है कौन सी वैक्सीन है बेस्ट

स्लो मेटाबॉलिज्म का शरीर को नुकसान- Effect of slow metabolism

हमारे चयापचय की स्थिति आमतौर पर हमारे वजन और आदतों से जुड़ी होती है और स्लो मेटाबॉलिज्म शरीर को कई नुकसान पहुंचाते हैं। जैसे कि स्लो मेटाबॉलिज्म के चलते

  • -शरीर में पाचन तंत्र धीमा हो जाता है।
  • -मोटापा बढ़ता है।
  • -हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी
  • -पीसीओडी की परेशनी
  • -पिट्यूटरी ग्रंथि विकार
  • -डायबिटीज की परेशानी हो सकती है। 

मेटाबॉलिज्म को तेज करने के उपाय-How to boost your metabolism

1.  डाइट सही करें 

आपकी डाइट, आपके मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। जैसे कि आप कब खाना खाते हैं, क्या और कैसे खाते हैं, ये भी आपके चपाचय को प्रभावित करता है। चपाचय को सही रखने के लिए आपको अपनी डाइट सही करनी चाहिए और इस कच्चे फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा आपको हाई प्रोटीन डाइट (High Protein Diet) का सेवन करना चाहिए। साथ ही आपको तले हुए खाद्य पदार्थ, जैसे कि आलू के चिप्स और परिष्कृत शक्कर, जैसे कि शीतल पेय, कैंडी और कई पके हुए चीजों को लेने से बचना चाहिए। ये ऊर्जा स्रोत वसा के रूप में संग्रहीत होने की सबसे अधिक संभावना रखते हैं। इसके बजाय आपको, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन, सब्जियां और फल आदि को खाना चाहि, जो कि आपके मेटाबॉलिज्म को तेज बनाते हैं। साथ ही आप मेटाबॉलिज्म को तेज करने के लिए खाना बनाते समय नारियल तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Inside2howmetabolismworks

2. एक्सरसाइज करें

खराब लाइफस्टाइल जैसे कि लंबे समय तक बैठे रहना और सोने और उठने का गलत समय आपके चपाचय को धीमा करता है। इसलिए आपको अपने चपाचय को तेज करने के लिए एक्सरसाइज और एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करना चाहिए। दरअसल, एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों के निर्माण में मदद मिल सकती है और ये कैलोरी की खपत को भी बढ़ाता है। मांसपेशी ऊतक, वसा ऊतक की तुलना में अधिक ऊर्जा का उपयोग करता है, तब भी जब आप आराम कर रहे हों। यह एक बड़ा कारण है कि महिलाओं का मेटाबोलिज्म स्लो होता है। यही कारण है कि कम उम्र के लोगों की तुलना में वृद्ध लोग कम कैलोरी जलाते हैं। मांसपेशियों का नुकसान कम उम्र बढ़ने का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन नियमित रूप से काम करने से आपकी मांसपेशियों को इससे निपटने में मदद मिल सकती है। इसलिए अपने मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए पांच दिन में 25 या 30 मिनट तक पैदल चलें। इसके अलावा रनिंग या एरोबिक्स भी आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद कर सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें : क्या कोरोनाकाल मे आपके घर आ रही है कामवाली? तो इन 6 जरूरी नियमों को जरूर करें फॉलो

3. वजन संतुलित रखें

चयापचय की प्रक्रिया के दो मुख्य भाग हैं। एनाबॉलिज्म आपको नई कोशिकाओं को विकसित करने, ऊर्जा स्टोर करने और आपके शरीर के ऊतकों को बनाए रखने में मदद करता है। अपचय वसा और कार्बोहाइड्रेट के अणुओं को विघटित करता है। ये दोनों आपके वजन को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा ये इंसुलिन को भी प्रभावित करता है। इंसुलिन कई हार्मोनों में से एक है जो आपके खाने के बाद उपचय को ट्रिगर करके इस चक्र को विनियमित करने में मदद करता है।अगर आपका वजन अधिक है, तो शरीर में इंसुलिन का रिसाव कम होगा, जिससे मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। यह आपके अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और आपको हृदय रोग, स्ट्रोक और गुर्दे की बीमारी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जोखिम में डाल सकता है। 

इन तीनों के अलावा डॉ. रवि शेखर झा का सुझाव है कि आपको मेटाबॉलिज्म को तेज करने के लिए ग्रीन टी (green tea) का सेवन करना चाहिए। साथ ही आपको एक अच्छी नींद और खूब सारा पानी पीना चाहिए। ये आपके मेटाबॉलिक सेल्स को तेज करते हैं और वजन संतुलित रखने व आपको स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।  ध्यान रखें कि आपका मेटाबॉलिज्म जितना अधिक होगा आप उतनी अधिक कैलोरी जलाते हैं। अगर आपका मेटाबोलिज्म अधिक है तो आपके शरीर में अधिक ऊर्जा का संचार होता है और आप बेहतर महसूस करेंगे। 

Read more articles on Miscellaneous in Hindi

Disclaimer