थॉयराइड की दवा न लेने पर शरीर पर पड़ते हैं ऐसे प्रभाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 15, 2017
Quick Bites

  • थाइरायड की दवा न लेने से रक्तचाप अनियमि हो सकता है।
  • थाइरायड की दवा न लेने से मरीज को अकसर बुखार रहता है।
  • थाइरायड की दवा न लेने से याद्दाश्त प्रभावित होती है।

थाइरायड की समस्या से ग्रस्त मरीजों के जीवन में दवा एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। यह बताने की जरूरत नहीं है कि थाइरायड के मरीज रोजाना दवाओं का सेवन करते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे हैं जिनके जहन में यह सवाल अकसर गोते लगाता है कि आखिर हम थाइरायड की दवा रोजाना क्यों खाए? इसे जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा क्यों बनाया जाए? वास्तव में थाइरायड की दवा मरीज के बेहतर स्वास्थ्य के लिए तो आवश्यक है ही। इसके अलावा यदि थाइरायड के मरीज थाइरायड की दवा का रोजाना सेवन नहीं करते तो उन्हें विभिन्न किस्म की नई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इस लेख में हम थाइरायड की दवा न लेने के नुकसान पर चर्चा करेंगे।

रक्तचाप

थाइरायड की दवा का सेवन न करने वाले या अनियमित करने वालों को यह बता दें कि थाइरायड की दवा के साथ खिलवाड़ करने का यह नतीजा हो सकता है कि रक्तचाप सम्बंधी समस्या आपके साथ खेल खेलने लगे। यह कभी कम तो कभी ज्यादा हो सकता है। कहने का मतलब यह है कि रक्तचाप की समस्या अनियमित हो सकती है।

बुखार

थाइरायड की दवा का जो मरीजा रोजाना सेवन नहीं करते उन्हें हमेशा बुखार बना रहता है। दरअसल थाइरायड की दवा हमारे शरीर में हारमोन को संतुलित करने में मदद करता है। ऐसे में यदि मरीज रोजाना थाइरायड की दवा नहीं लेता तो उसके शरीर में कई किस्म के असामान्य बदलाव होते हैं। नतीजतन शरीर अकसर बुखार से तप रहा होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार बहुत तेज नहीं होता। लेकिन दवा की कमी के चलते हो रहा बुखार शरीर के लिए नुकसानदेय है।

थकान

थाइरायड के मरीजों को हर रोज थाइरायड की दवाओं का सेवन करना चाहिए। इसका सेवन न करने से शरीर में थकान बनी रहती है। मरीज हमेशा यही महसूस करता है कि उसने बहुत सारा शारीरिक काम किया है। कम काम के बावजूद जल्द थकान हो जाती है। यही नहीं मरीज ज्यादा काम करने की स्थिति में भी नहीं होता। थकन एक ऐसी चीज है जो मरीज को अंदर तक निचोड़ कर रख सकती है। असल में थकन के कारण ही शरीर में बुखार का एहसास बना रहता है।

तनाव

जो मरीज थाइरायड की दवा का सेवन रोजान नहीं करते उन्हें तनाव भी अकसर घेरे रहता है। दरअसल यह शरीर का चक्र है। जब आप शारीरिक रूप से थकन से भरे रहोगे, बुखार हमेशा आपको अपनी चपेट में जकड़कर रखेगा तो ऐसे में मूड का स्विंग होना लाजिमी है। यही नहीं मूड इस हद तक खराब हो सकता है मरीज तनाव से घिर सकता है। आपको बताते चलें कि यदि मरीज दवाओं को नियमित न ले तो उससे तनाव आसानी से दूर नहीं जाता।

याद्दाश्त

थाइरायड की असंख्य समस्या है। इसी तरह इसकी दवाओं का सही समय में सेवन न करने से भी असंख्य समस्याएं आन खड़ी होती है। मतलब यह कि थाइरायड की दवा का रोजाना सेवन न करने से मरीज को याद्दाश्त सम्बंधी समस्या भी आ सकती है। उसके यादों के पन्ने धुंधले पड़ने लगते हैं। इतना ही नहीं बहुत पुरानी चीजें या बातें शायद उसे याद रहें। अतः ऐसी समस्या से बचना है तो दवाओं का रोज सेवन करें।

कोलेस्ट्रोल

थाइरायड की दवाओं का असर इतना होता है कि वह मरीज के शरीर के कई हिस्सों को संतुलित रखता है। जो मरीज थाइरायड की दवा का रोजाना सेवन न करने के लिए सैकड़ों बहाने बनाते हैं, उन्हें शायद यह नहीं पता कि इसका सेवन न करने से कोलेस्ट्रोल का स्तर भी प्रभावित होता है।

वजन बढ़ना

थाइरायड के मरीज अकसर मोटे होते हैं। लेकिन जो लोग थाइरायड की दवा नहीं लेते, वे असामान्य रूप से मोटे हो जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि यदि मरीज इस दवा को रोजाना न ले तो उसका न सिर्फ वजन बढ़ता है बल्कि यह वजन घटाया भी नहीं जा सकता है। विशेषज्ञों की मानें की तो थाइरायड  के कारण हुए मोटापे के बाद वर्कआउट, डाइट, एक्सरसाइज आदि भी काम नहीं करते।

इनफर्टिलिटी

थाइरायड की मरीज की समस्या छोटे से लेकर बड़े तक है। मरीज को थाइरायड की दवा का सेवन इसलिए भी करना चाएिह ताकि उसकी फर्टिलिटी बनी रहे। दरअसल जो मरीज थाइरायड की दवा का सेवन करने से बचना चाहते हैं, उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं है कि इस कमी के कारण वे ताउम्र मां या बाप बनने से वंचित रह सकते हैं।

गर्भपात

जो थाइरायड से ग्रस्त महिला गर्भवती हैं, उन्हें तो यह दवा आवश्यक रूप से लेनी चाहिए। असल में यदि वे इस दवा को लेने में जरा भी कोताही बरतती हैं, तो उनका गर्भपात हो सकता है। उनका शिशु इस बीमारी से पीड़ित हो सकता है। यही नहीं कई अन्य समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। अतः थाइरायड की दवा का रोजाना अवश्य सेवन करें।

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