Enlarged Uterus: पेल्विक एरिया और वजन का बढ़ना ना करें नजरअंदाज, हो सकती है आपको यूटरेस से जुड़ी ये परेशानी

यूटरेस के बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। तो, आइए जानते हैं इस परेशानी के बारे में विस्तार से।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Apr 19, 2021 08:53 IST
Enlarged Uterus: पेल्विक एरिया और वजन का बढ़ना ना करें नजरअंदाज, हो सकती है आपको यूटरेस से जुड़ी ये परेशानी

महिलाओं का पेल्विव एरिया, पुरुषों की तुलना हमेशा से ही ज्यादा चौड़ा होता है। इसके पीछे एक बड़ा कारण महिलाओं के शरीर की संरचना और इसके कार्य हैं। दरअसल, पेल्विव एरिया में शरीर के कुछ जरूरी अंग आते हैं, जैसे कि ब्लैडर, यूटेरस, वजाइना और रेक्टम। ये अंग प्रजनन और गर्भावस्था, दोनों में ही एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।  महिलाओं में पेल्विक एरिया की साइज बढ़ती हुई उम्र के साथ बदलती जाती है। जैसे कि प्रेग्नेंसी में या फिर मोटे होने पर। पर पेल्विक एरिया और वजन का यूं ही बढ़ना, नजरअंदाज करने वाली बात नहीं है। दरअसल, ये यूटरेस में एक अनियमित बढ़ोतरी के कारण हो सकती है, जिसे मेडिकल टर्म में यूटरेस यानी बच्चेदानी का बढ़ना या इनलार्ज्ड यूटेरस  (Enlarged Uterus) कहा जाता है।  इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डॉ. सोनाली गुप्ता, सलाहकार और आईवीएफ विशेषज्ञ, यथार्त सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, ग्रेटर नोएडा, से बात की। 

Insideuterus

क्या है यूटरेस का बढ़ना (Enlarged Uterus)?

यूटरेस का यूं ही बढ़ना महिलाओं के लिए एक परेशानी वाली बात हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये नार्मल नहीं है। दरअसल, गर्भाशय के बढ़ जाने पर महिलाओं में दर्दनाक ब्लीडिंग होती और स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां होती हैं, जैसे कि वजन का तेजी से बढ़ना, काम करने में दिक्कत और अनियमित पीरियड्स। 

इनलार्ज्ड यूटेरस का कारण- Causes of Enlarged Uterus

1. फाइब्रॉएड  (fibroids)

गर्भाशय में फाइब्रॉएड का होना इनलार्ज्ड यूटेरस का कारण हो सकता है। इसमें होता है कि ये फाइब्रॉएड हल्के ट्यूमर जैसे चिकनी मांसपेशी कोशिकाओं और रेशेदार टिशूज आपके गर्भाशय में बनने लगते हैं। कभी-कभी, ये ट्यूमर काफी बड़े हो जाते हैं और गंभीर पेट दर्द और हैवी पीरियड्स का कारण बनते हैं। ये आमतौर पर 30 से 50 की उम्र तक की 10 में से आठ महिलाओं को प्रभावित करते हैं। वहीं अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में फाइब्रॉएड विकसित होने का अधिक खतरा होता है। इसके चल हार्मोनल असंतुलन बढ़ जाता है। ऐसे में महिलाओं में कई लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे कि

  • -पेट के निचले हिस्से के साइज में अचानक से बदलाव
  • -पेट के निचले हिस्से में दबाव महसूस होना
  • -पेट में तेज दर्द 
  • -हैवी पीरियड्स 
  • -कब्ज
  • -लगातार पेशाब आना
  • -गर्भावस्था या प्रसव की जटिलताओं

2. पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज(PCOD)

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज भी एक बढ़े हुए गर्भाशय का कारण बनता है। यह मासिक धर्म में हार्मोनल असंतुलन और गर्भाशय के एंडोमेट्रियल अस्तर में परेशानी का कारण बनता है। इसके चलते एंडोमेट्रियल अस्तर से गर्भाशय की सूजन और बढ़ जाती है। इसलिए कई बार देखा गया है कि पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज वाली महिलाओं में इनलार्ज्ड यूटेरस की परेशानी हो जाती है। 

Inside4fibroids

3. एंडोमेट्रियल कैंसर 

एंडोमेट्रियल कैंसर सबसे अधिक 55 से 64 वर्ष की महिलाओं में पाया जाता है। इसके कुछ जरूरी लक्षणों में ही हम पाते हैं कि महिलाओं का  गर्भाशय बढ़ जाता है। इसमें डॉक्टर गहराई से जांच करके इस स्थिति का उपचार करते हैं। 

4. प्री मेनोपॉज के कारण

प्री मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में यूटरेस बढ़ जाता है। इसके पीछे एक बड़ा कारण है हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव। एक महिला के जीवन की इस अवधि के दौरान  हार्मोन का स्तर गर्भाशय के विस्तार का कारण हो सकता है। पर एक बार मेनोपॉज हो जाने के बाद अधिकांश समय, गर्भाशय अपने सामान्य आकार में वापस आ जाता है। पर अगर

5. यूटरेस की लाइनिंग का मोटा होना (Adenomyosis)

एडेनोमायोसिस के चलते गर्भाशय की लाइनिंग मोटी हो जाती है और  यूटरेस बढ़ने लगता है। ये तब होता है जब  गर्भाशय (एंडोमेट्रियम) के टिशूज बाहर निकल जाते हैं और एंडोमेट्रियम की तरह व्यवहार करते हैं। जब यह एक छोटे से क्षेत्र में होता है, या स्थानीयकृत होता है, तो इसे एडिनोमायोमा कहा जाता है। इसके चलते ही कई बार महिलाओं में बिना किसी कारण यूटरेस बढ़ जाता है और पेल्विक एरिया की चौड़ाई बढ़ती जाती है। 

इसे भी पढ़ें : बेटी पैदा होने पर फीस नहीं लेती हैं ये महिला डॉक्टर, जानें डॉ. शिप्रा के इस मिशन के पीछे क्या है कारण

इनलार्ज्ड यूटेरस के लक्षण- Symptoms of Enlarged Uterus

  • -पीरियड्स में परेशानियां, जैसा ज्यादा ब्लीडिंग और दर्द
  • -निचले पेट में दर्द
  • -शरीर में ऐंठन
  • -एनीमिया
  • -अनाचक से वजन बढ़ना
  • -पेल्विक एरिया का यूं ही बढ़ना
  • -कमर का वजन बढ़ जाना
  • -गर्भाशय और आसपास की संरचनाओं पर दबाव 
  • -श्रोणि क्षेत्र में ऐंठन
  • -कब्ज
  • -कमजोरी
  • -पैरों में सूजन और ऐंठन
  • -पीठदर्द
  • -बार-बार पेशाब लगना
  • -मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग

इनलार्ज्ड यूटेरस के कारण होने वाली परेशानियां

  • -हिस्टेरेक्टॉमी यानी कि गर्भाशय के सभी या किसी भाग को हटाना पड़ सकता है।
  • -प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है।
  • -गर्भपात और अन्य गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं हो सकती हैं।
  • -गर्भाशय की सूजन के कारण संक्रमण फैल सकता है। 

इसे भी पढ़ें : स्‍वस्‍थ और होशियार बच्‍चा चाहते हैं, तो प्रेगनेंसी के दौरान ध्यान रखें ये 5 बातें

इनलार्ज्ड यूटेरस की जांच और इलाज- Treatment

कई महिलाओं पता ही नहीं होता है कि उन्हें इनलार्ज्ड यूटेरस की परेशानी है। आमतौर पर, एक चिकित्सक एक शारीरिक परीक्षा के दौरान या इमेजिंग परीक्षणों जैसे कि अल्ट्रासाउंड आदि करने के साथ इस स्थिति का पता लगाते हैं। ज्यादातर मामलों में, एक बढ़े हुए गर्भाशय बहुत बड़ी परेशानी नहीं होता है पर अगर इसके गंभीर लक्षण और दर्द सामने आए, तो इसमें लंबे इलाज की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि कुछ महिलाओं को दर्द से राहत के लिए दवा की आवश्यकता हो सकती है। प्रोजेस्टेरोन युक्त गर्भनिरोधक गोलियां और अंतर्गर्भाशयी उपकरण (आईयूडी) भारी मासिक धर्म के रक्तस्राव के लक्षणों को कम कर सकते हैं। बहुत गंभीर मामलों में, कुछ महिलाओं को हिस्टेरेक्टॉमी की जरूरत पड़ सकती है। गर्भाशय के कैंसर होने पर, गर्भाशय हटाने, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय उपचार के अनुशंसित कोर्स हो सकते हैं। सर्जरी के बाद, महिलाओं को कीमोथेरेपी और विकिरण से गुजरना पड़ सकता है।

यूटेरस को हेल्दी रखने के लिए क्या करें-Tips for Healthy Uterus

1. संतुलित आहार लें

प्रसूति और स्त्री रोग में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, रेड मीट खाने से गर्भाशय फाइब्रॉएड के विकास के आपके जोखिम को दोगुना हो सकता है, जबकि बहुत सारी सब्जियां खाने से आपका जोखिम 50% तक कम हो जाता है। इसलिए अपने खाने में  ब्रोकोली, फूलगोभी, पत्तागोभी, और ब्रूसल स्प्राउट्स जैसी चीजों को सम्मिलित करें, जो कि आपके शरीर में अतिरिक्त एस्ट्रोजन को खत्म करने में भी मदद कर सकता है।

2. कैफीन का सेवन कम करें

बड़ी मात्रा में, कैफीन गर्भाशय फाइब्रॉएड को बढ़ा सकता है क्योंकि यह एस्ट्रोजेन उत्पादन बढ़ा सकता है। साथ ही ये एस्ट्रोजन का उत्पादन बढ़ता है इसलिए कैफीन के ज्यादा सेवन से बचें।

Insidekegelexercise

3. कीगल एक्सरसाइज करें

पेल्विक फ्लोर (pelvic floor) मांसपेशियों और ऊतकों को आराम पहुंचाने के लिए कीगल एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद होते हैं, इसलिए महिलाओं को ये एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। 

इन सबके अलावा एक हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें, जिसमें कि एक्सरसाइज और योग को शामिल करें। शरीर को पूरी तरह से एक्टिव रखें और ज्यादा तनाव न करें। इससे आपका वजन बढ़ सकता है और होर्मोनल असंतुलन हो सकता है। स्मोकिंग की आदत छोड़ दें। ऐसा इसलिए क्योंकि धूम्रपान करने वालों को गर्भधारण करने में अधिक समय लगता है। धूम्रपान आपके अंडाशय को खराब करता है और समग्र प्रजनन स्वास्थ्य को कम कर सकता है, इसलिए स्मोकिंग की खराब आदत छोड़ दें। तो, अगर आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है और आपको कोई परेशानी नहीं है या पेल्विक एरिया में कोई परेशानी है तो अपने डॉक्टर से बात करें, अपनी सेहत का ध्यान रखें और हेल्दी रहें। 

Read more articles on Women's Health in Hindi

Disclaimer