डिलीवरी के बाद कई बार क्यों हो जाता है पेशाब पर नियंत्रण करना मुश्किल? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण और बचाव

डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को पेशाब अनियंत्रित होने की समस्या हो जाती है। आइए जानते हैं इसके कारण और बचाव के तरीके।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Mar 30, 2021 14:19 IST
डिलीवरी के बाद कई बार क्यों हो जाता है पेशाब पर नियंत्रण करना मुश्किल? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण और बचाव

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, गर्भावस्था के बाद भी महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अक्सर महिलाएं इस बात से अनजान होती हैं। नॉर्मल डिलीवरी (वजाइनल डिलीवरी) के बाद ब्लैंडर कंट्रोल पहले जैसा नहीं होता है। इस दौरान पहले की स्थिति में कई बदलाव आते हैं। वजाइना डिलीवरी के बाद अधिकतर महिलाओं को यूरीनरी इंकॉन्टीनेंस यानी की मूत्र कंट्रोल में न रहने का अनुभव होता है। यूरिन पर कंट्रोल ना रहने के कारण लीकेज होने लगता है, इसे ही यूरिनरी इंकॉन्टीनेंस (Urinary incontinence) के नाम से जाना जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, नॉर्मल डिलीवरी होने वाली हर तीन में से 1 महिला को इस दौर से गुजरना पड़ता है। पोस्टपार्टम  यूरीनरी इंकॉन्टीनेंस ( Urinary incontinence ) की समस्या दो तरह से होती है। जिसे स्ट्रेस और अर्ज इंकॉन्टीनेंस का नाम दिया गया है। 

नोएडा स्थित मदरहुड हॉस्पिटल की गायनाकोलॉजिस्ट एंड चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. मनीषा रंजन के मुताबिक, नॉर्मल डिलीवरी के बाद महिलाओं को जब  हंसते, कूदते, छिंकती या फिर कोई भारी सामान उठाते समय लीकेज होता है, जो इसे स्ट्रेस इंकॉन्टीनेंस (Stress continuance) कहते हैं। डिलीवरी के लिए कुछ हॉर्मोन और शरीर के टिशूज लचीले हो जाते हैं। इसकी वजह से ब्लैडर और पेशाब पर नियंत्रण करना पहले की तुलना में कमजोर हो जाता है। वहीं, कुछ महिलाओं में ब्लैंडर ना भरे होने के बावजूद पेशाब होने का एहसास होता है। जिसके कारण उन्हें बार-बार वॉशरूम जाना पड़ता है। इस समस्या को अर्ज इंकॉन्टीनेंस कहते हैं। इस समस्या में महिलाओं को अक्सर लीकेज का अनुभव होता है। 

किन कारणों से होता है यूरिनरी इंकॉन्टीनेंस  (Causes of Urinary incontinence)

डिलीवरी के बाद महिलाओं को यूरिनरी इंकॉन्टीनेंस होने के कई कारण हो सकते हैं। क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का पेल्विक अक्सर खिंचता रहता है, जिसके कारण ब्लैंडर की मांसपेशियां पहले की तुलना में कमजोर और लचीला हो जाता है। ब्लैंडर लचीला और कमजोर होने की वजह से पेशाब को रोकने मेें मुश्किल का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कुछ अन्य कारण इस प्रकार हैं - 

  • शरीर का वजन अधिक होना
  • 1 से ज्यादा बच्चों को जन्म देना।
  • बच्चे का साइज बड़ा होना।
  • वजाइना पर अधिक दबाव पड़ना।
  • डिलीवरी के दौरान वजाइना पर अधिक प्रेशर पड़ना।
  • वंशानुगत इत्यादि कारणों से  यूरिनरी इंकॉन्टीनेंस  की समस्या हो सकती है। 

पोस्टपार्टम यूरिनरी इंकॉन्टीनेंस का इलाज और बचाव (Prevention and treatment of Urinary Incontinence)

महिलाओं की यह समस्या अगर समय के साथ ठीक नहीं होती है, तो इसके लिए उन्हें डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत होती है। डॉक्टर आपको निम्न सलाह दे सकते हैं-

सैनिटरी पैड का इस्तेमाल

लीकेज होने पर पब्लिक के सामना शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में शर्मिंदगी से बचने के लिए डॉक्टर आपको सैने़टरी पैड इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं। यह आपको इंस्टेंट सुरक्षा प्रदान करता है। कसी भी तरह के इंफेक्शन से बचवे के लिए इस नियमित रूप से जरूर बदलें। घर से बाहर जाते समय अपने बैग में 1 सैनिटरी का पैकेट जरूर रखें।

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यूरिन को न रोके

यदि आप डिलीवरी के बाद यूरिनरी इंकॉन्टीनेंस की समस्या सेे गुजर रही हैं, तो ऐसी स्थिति में पेशाब को रोकने की कोशिश ना करें। पेशाब को रोकने से लीकेज की समस्या अधिक हो सकती है। इसलिए जब भी आपको पेशाब आने का अनुभव हो, तो तुरंत वॉशरूम जाएं। समय-समय पर ब्लैंडर को खाली करने से आपको हल्का महसूस होगा, साथ ही लीकेज की परेशानी भी कम होगी।

लीकेज से बचने के लिए पेसरी का करें इस्तेमाल

लीकेज की परेशानी होने पर डॉक्टर आपको पेसरी रिंग लगाने की सलाह दे सकते हैं। पेसरी एक छोटी रिंग होती है, जो सिलिकॉन से बनी होती है। इसे दिन की शुरुआत यानी सुबह में वजाइना में डाला जाता है और रात को सोने से पहले निकाल दिया जाता है। पेसरी के इस्तेमाल से आंतरिक संचरना को सुधारने की कोशिश की जाती है। कुछ महिलाएं सिर्फ बाहर जानें के दौरान या फिर खेल-खूद के दौरान ही पेसरी का इस्तेमाल करती हैं, ताकि इससे लीकेज की परेशानी को रोका जा सके।

पेल्विक की मांसपेशियों को करें टाइट

मांसपेशियों को टाइट करने से भी लीकेज की परेशानी को कंट्रोल कर सकते हैं। यानी अगर आपको छींक या फिर हंसी आ रही है, तो अपने पैरों को क्रॉस कर लें। ऐसा करने से पेल्विक की मांसपेशियां टाइट हो जाएंगी। इससे अचानक होने वाले लीकेज की परेशानी से बचा जा सकता है।

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सर्जरी

स्थाई रूप से लीकेज की परेशानी से बचने के लिए डॉक्टर सर्जरी कराने की सलाह दे सकते हैं। सर्जरी के दौरान डॉक्टर आपके बदाइना में U आकार की जालीदार गोफन को डालते हैं। यह सर्जरी करीब 90 फीसदी तक सफल रहने की संभावना होती । सर्जरी कराने की सलाह अधिकतर उन महिलाओं को दी जाती है, जिन्हें आगे बच्चा नहीं चाहिए होता है।

इसके अलावा आप अपनी इस समस्या को एक्सरसाइज से भी दूर कर सकते हैं। डिलीवरी के बाद हेल्थ एक्सपर्ट कीगल एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं, जिससे अनैच्छिक लीकेज की परेशानी से बचा जा सकता है। इससे पेल्विक मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

डिलीवरी के बाद पेल्विक से जुड़ी किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपको उचित सलाह दे सकते हैं। पेशाब को रोक कर रखने से बचें। इससे आपकी पेल्विक की मांसपेशियां कमजोर होती हैं। डिलीवरी के बाद शिशु और खुद को स्वस्थ रखने के लिए समय-समय पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। 

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