सोफे-कुर्सी से कहीं ज्यादा फायदेमंद है जमीन पर बैठना, जानें 7 वैज्ञानिक कारण

इंडियन स्टाइल में जमीन पर बैठना आपकी सेहत के लिए कई तरह से लाभदायक है। जानें क्यों है ये बैठने की सर्वोत्त्म पोजीशन और क्या हैं इस तरह बैठने के लाभ।

Monika Agarwal
विविधWritten by: Monika AgarwalPublished at: Dec 07, 2020Updated at: Dec 07, 2020
सोफे-कुर्सी से कहीं ज्यादा फायदेमंद है जमीन पर बैठना, जानें 7 वैज्ञानिक कारण

बदलते वक्त के साथ हमारे लाइफस्टाइल में काफी परिवर्तन आया है। हम अधिकतर समय सोफा कुर्सी पर बैठकर बिताते हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि जमीन पर बैठना हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। पहले के समय में जमीन पर बैठना या जमीन पर बैठकर भोजन करना भी काफी प्रचलित था। बहुत से पश्चिमी देशों ने भी भारत की जमीन पर बैठ कर खाने की परम्परा अपनाई है। इसे इंडियन या तुर्किश सिटिंग स्टाइल के नाम से भी जाना जाता है। जापान में इसे सीजा व कोरिया में इससे युंगबन स्टाइल नाम से जाना जाता है। दरअसल सोफा या कुर्सी पर बैठने से हमारी सभी मांसपेशियां एक्टिव नहीं रहतीं। जबकि जमीन पर बैठने से हमारे पोश्चर में सुधार होता है। जमीन पर समान्य रूप से बैठने की अवस्था को आप सुखासन नाम से भी जान सकते हैं, जो कि एक योग की मुद्रा है। यह आसन आप के शरीर की सारी मांसपेशियों के लिए बहुत लाभदायक है।

जमीन पर बैठने के अन्य लाभ इस प्रकार हैं।

benefits of sitting on floor

मन और शरीर को आराम देता है (Relaxes Mind)

पद्मासन (जमीन पर पालथी लगा कर बैठने की एक मुद्रा) मेडिटेशन में सहायक हैं। इन आसनों से तनाव कम होता है व शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह बढ़ता है। इस अवस्था में बैठने से रीढ़ सीधी होती है और कंधे की मांसपेशियों को आराम मिलता है।

शरीर की लचक बढ़ाता है (Gives Flexibility)

यदि आप जमीन पर बैठते हैं तो इससे आप के शरीर की बहुत सी मांसपेशियां खिंचती हैं। जिससे आप के शरीर की लचक बढ़ती है। जब आप ऊपर से नीचे आते हैं और जब आप उठने के लिए नीचे से ऊपर उठते हैं, तो आप के शरीर में खिंचाव महसूस होता है। इससे आप के शरीर की लचकता बढ़ती है।

दर्द में आराम (Reduce Body Ache)

आजकल की व्यस्त जीवनशैली के कारण हम में से अधिकांश लोग किसी न किसी प्रकार के दर्द से घिरे रहते हैं। यदि आप उन दर्द को कम करना चाहते हैं और तो आप फर्श पर बैठिए और कम से कम कुर्सी का प्रयोग करें। फर्श पर बैठना आपकी पीठ के निचले हिस्से, कमर और पेट में मांसपेशियों को मजबूत करने का एक उम्दा तरीका है। यह आपके पैरों, घुटनों और कूल्हों की ताकत और लचीलेपन को भी बढ़ाता है।

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रक्त प्रवाह होता है तेज (Improve Blood Circulation)

क्रॉस लेग पोजीशन हमारे शरीर में रक्त संचार को बढ़ाती है क्योंकि यह नसों को शांत करती है और इसमें होने वाले तनाव को दूर करती है। जमीन पर बैठने से दिल भी स्वस्थ रहता है क्योंकि हमारे शरीर और हृदय पर कम दबाव पड़ता है। सुखासन में, रक्त प्रवाह (Blood Circulation) पूरे शरीर में समान रहता है।

जोड़ों को आराम मिलता है (For Joints Good Health)

जब आप किसी कुर्सी या सोफे पर बैठते हैं तो पूरा दबाव आप के हिप्स पर आ जाता है। इसलिए उन्हें आप के शरीर का सारा बोझ उठाने में तकलीफ होती है। परन्तु यदि आप जमीन पर बैठते हैं तो आप के शरीर का सारा भार आप के हिप्स पर आने की बजाय आप की जांघों व हिप्स मे बंट जाता है। इसलिए आप के हिप्स को भी थोड़ी राहत मिलती है।

पाचन बढ़ाता है (For Better Digestion)

यदि आप नीचे जमीन पर बैठ कर भोजन करते हैं तो आप की नर्व आप के दिमाग तक यह सिग्नल पहुंचाती हैं कि अब उसे पाचन करने के लिए तैयार होना है। अतः आप की पाचन क्रिया तुरन्त शुरू हो जाती है और आप को किसी प्रकार की समस्या भी नहीं होती है। आप बिना किसी सहारे बैठते हैं इसलिए आप का पाचन और भी अच्छे ढंग से होता है।

यह हमारा जीवन काल बढ़ाता है (increases longevity)

यदि आप सुखासन में या जमीन पर बैठ कर खाना खाते हैं तो हमारी जीवन प्रत्याशा भी बढ़ती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस अवस्था में भोजन करते हैं तो हमारा पाचन ठीक  होता है और जब पाचन सही होगा, तो हमारा सारा शरीर भी अच्छे से काम करेगा। इसलिए हम अपने लंबे जीवन काल की उम्मीद कर सकते हैं।

sitting on ground

जमीन पर बैठने की सही अवस्था (Right Position While You Sit On Floor)

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पालथी मारकर बैठना (To Sit With Crossed leg)

इस अवस्था के लिए आप को पहले जमीन बैठना है और फिर अपने पैरों को अपनी जांघों पर एक दूसरे के उपर रखना है। यदि आप इस अवस्था में बैठते हैं तो आप को ढेर सारे लाभ मिल सकते हैं।

उकड़ू बैठना (Sit On Feet)

यह आप के शरीर को सक्रिय रखने वाली और आप की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने वाली सबसे अच्छी स्थिति है। इस अवस्था में आने के लिए आप को अपनी एड़ियों को जमीन पर रखना होगा ताकि आप के घुटनों व जांघों से थोड़ा प्रेशर कम हो सके।

घुटने मोड़कर (Kneeling Down)

इस अवस्था में आप को अपनी एड़ियों पर बैठना होता है व अपने पैरों का भी सहारा आप ले सकते हैं। यह एक बैठने की अवस्था व योगा दोनो ही हैं। जापान में यह बैठने का फॉर्मल तरीका है।

यदि आप बहुत सारा समय कुर्सी या किसी सोफे पर बैठ कर गुजारते हैं तो नीचे जमीन पर बैठना आप के लिए कुछ हद तक लाभ दायक साबित हो सकता है। यह आप की लोअर बॉडी की सभी मांसो में खिंचाव लाता है। परन्तु आप को नीचे बैठते समय अपने पोश्चर का भी ध्यान रखना होगा। यदि आप खराब पोश्चर के साथ बैठते हैं तो आप को लाभ की बजाय हानि हो सकती है।

जमीन पर बैठने के नुकसान

  • चाहे आप जमीन पर बैठे हैं या सोफे पर आप को एक ही अवस्था में बहुत देर तक नहीं बैठना चाहिए। यदि आप को उस अवस्था में किसी प्रकार की दिक्कत होती है या अच्छा महसूस नहीं होता है तो आप को वह अवस्था तुरन्त बदल लेनी चाहिए।
  • यदि आप को किसी भी प्रकार का जोड़ों में दर्द है तो आप को जमीन पर बैठना अवॉइड करना चाहिए क्योंकि इससे आप का दर्द और अधिक बढ़ सकता है क्योंकि जमीन पर बैठने से आप के जोड़ों में अधिक दबाव पड़ता है।
  • यदि आप के हिप्स, टखनों या घुटनों मे पहले से ही कोई दिक्कत है तो आप को नीचे जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। यदि आप बैठेंगे तो आप की यह समस्या और अधिक बढ़ सकती हैं। जब आप बहुत देर तक बैठने के बाद वापिस उठते हैं तो आप को दोबारा से खड़े होने व नीचे बैठने में दिक्कत आती है क्योंकि कुछ लोगों का शरीर बहुत देर तक एक ही अवस्था में रहने के कारण सुन्न हो जाता है।
  • जमीन पर बैठने से आप के लोअर पार्ट्स मे सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। आप के सारे शरीर का वजन आप के हिप्स से लेकर आप के पंजों तक आता है। इसलिए आप को कभी कभार उठते समय अपने पैर सुन्न महसूस होते हैं या वह जल्दी से हिल डुल भी नहीं पाते है क्योंकि कुछ समय के लिए आप का ब्लड सर्कुलेशन भी खराब हो जाता है।

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