1 हफ्ते में वजन बढ़ाता है ये चमत्‍कारी चूर्ण, बनती है स्‍ट्रांग बॉडी!

आयुर्वेद के अनुसार, अश्‍वगंधा और शतावरी के नियमित सेवन से दुर्बल व्‍यक्ति भी बलवान हो सकता है। आज हम आपको इन औषधियों के सेवन की विधि और इसके लाभ के बारे में इस लेख के माध्‍यम से बता रहे हैं।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Oct 24, 2017
1 हफ्ते में वजन बढ़ाता है ये चमत्‍कारी चूर्ण, बनती है स्‍ट्रांग बॉडी!

अश्वगंधा और शतावरी कमजोर, दुबले-पतले और कम वजन वाले व्यक्तियों, जिनका काम करने का मन नहीं करता, खाना हजम नहीं होता, शारीरिक क्षीणता, वीर्य विकार, यौन विकार जैसी समस्‍याएं होती हैं उनके लिए दोनों औषधियां किसी चमत्‍कार से कम नहीं है। खासकर जो युवा बिना किसी दवा के आकर्षक बॉडी पाना चाहते हैं वह इस आयुर्वेदिक औषधि का सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अश्‍वगंधा और शतावरी के नियमित सेवन से दुर्बल व्‍यक्ति भी बलवान हो सकता है। आज हम आपको इन औषधियों के सेवन की विधि और इसके लाभ के बारे में इस लेख के माध्‍यम से बता रहे हैं।

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अश्‍वगंधा और शतावरी का कैसे करें सेवन

अश्‍वगंधा और शतावरी का सेवन किसी भी उम्र में किया जा सकता है। इसका सेवन पुरूष और महिला दोनों कर सकते हैं। हालांकि सेवन से पहले एक बार चिकित्‍सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इन दोनों औषधियों में ऐसे तत्‍व पाए जाते हैं जो गंभीर से गंभीर बीमारियों को दूर करने में मदद करती है। इसके सेवन की विधि बहुत आसान है। अश्‍वगंधा और शता‍वरी का चूर्ण मार्केट में बड़ी आसानी से मिल जाता है। आप चाहें तो 100-100 ग्राम के पैक को लेकर उन्‍हें मिला लें, और रोजाना सुबह और शाम आधा चम्‍मच यानी लगभग 5 ग्राम चूर्ण को गर्म दूध में मिलाकर पी सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इस औषधि का असर एक सप्‍ताह के भीतर ही दिखने लगता है। इसके सेवन से तेजी से वजन बढ़ता है। हालांकि, इसके सेवन के साथ-साथ व्‍यायाम करना जरूरी है।

अश्‍वगंधा के औषधिय गुण  

  • शरीर को ताकत, बल, यौवन, जोश प्रदान करने के लिए और आलस और थकान दूर करने में अश्वगंधा का प्रयोग किया जाता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।
  • तनाव कम करने के लिए और अनिद्रा यानि की जिन्हें नींद नहीं आती इसका प्रयोग उनके लिए लाभदायक सिद्ध होता है।
  • नपुंसकता को दूर करने, कामुकता को बढाने, लिंग वृद्धि और सेक्स संबंधी समस्याओ को दूर करने के लिए अश्वगंधा का प्रयोग किया जाता है।
  • खून की खराबी, पेट के कीड़े और पाचन क्रिया ठीक करने में लाभदायक होता है।

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शतावरी के औषधिय गुण

  • शतावरी की जड़े उँगलियों जैसी दिखाई पढ़ती है। इनकी संख्या 100 या सौ से अधिक होती है इसलिए इसे शतावर कहते है।
  • जिन व्यक्तियों में कमजोरी और निर्बलता, धातु दुर्बलता, नपुंसकता, शारीरिक क्षीणता है उनके लिए शतावरी अति गुणकारी है।  
  • पुरुष और महिला दोनों इसका प्रयोग कर सकते है, दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
  • महिलाओ के लिए ये औषधि सर्वोत्तम होती है, आयुर्वेद की मानें तो उन्हें इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

 

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