वायरल फीवर के लक्षणों को 'कोरोना' समझने की भूल तो नहीं कर रहे आप, एक्‍सपर्ट से जानिए दोनों में अंतर

अगर आप इन दिनों सर्दी-जुकाम और बुखार से ग्रसित हैं और आपको कोरोना वायरस होने का डर सता रहा है तो ये लेख आपके लिए है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Jun 29, 2020
वायरल फीवर के लक्षणों को 'कोरोना' समझने की भूल तो नहीं कर रहे आप, एक्‍सपर्ट से जानिए दोनों में अंतर

मानसून में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार यानी वायरल फीवर (Viral Fever) एक आम समस्‍या है। मौसम में बदलाव के दौरान इस प्रकार की समस्‍या किसी को भी हो सकती है। वायरल बुखार एक ऐसी समस्‍या है, जिसमें कुछ सावधानी बरतने पर चार-छह दिन में अपने आप ही ठीक हो जाता है। मगर इन दिनों कोरोना वायरस संक्रमण (Corona virus Pendamic) के कारण लोग वायरल फीवर को भी कोरोना वायरस समझने की भूल कर रहे हैं! अगर किसी व्‍यक्ति में सर्दी, जुकाम, बुखार है तो वे भी कोरोना के डर से डर जा रहे हैं। यह एक गंभीर समस्‍या है जो कोरोना वायरस संकट के बीच देखने को मिल रही है। 

अगर आप भी आम वायरल फीवर को कोरोना वायरस समझने की भूल कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए है। इस भ्रम को दूर करने के लिए नई दिल्‍ली के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्‍थान (AIIMS) के निदेशक डॉक्‍टर रणदीप गुलेरिया ने लोगों को सलाह दी है।

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क्‍या वायरल फीवर कोरोना वायरस हो सकता है? 

एम्‍स के निदेशक डॉक्‍टर रणदीप गुलेरिया कहते हैं, "ये जा मौसम बदल रहा है, इसमें फीवर, कफ, कोल्‍ड, गले में खराश, खांसी और शरीर में दर्द जो वायरल फीवर के लक्षण हैं वो कॉमन हैं। लेकिन इस तरह का वायरल फीवर कोरोना वायरस नहीं है। यहां यह समझना जरूरी है कि इस तरह के अधिकांश वायरस कोरोना वायरस नही है। क्‍योंकि कोरोना वायरस बाहर से आया है।"

वायरल फीवर है या कोरोना वायरस, कैसे जानें?

आमतौर पर कोरोना वायरस और वायरल फीवर के लक्षण (बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में खराश आदि)  लगभग एक जैसे हैं। हालांकि असाध्‍य रोगों (Cronic Diseases) वालों में इसके लक्षण अलग हो सकते हैं। मगर कोरोना वायरस अपने शुरुआती चरण में वायरल फीवर की तरह ही संकेत दिखाता है। वायरल फीवर है या कोरोना वायरस, ये समझने के लिए डॉक्‍टर गुलेरिया कहते हैं कि, "अगर आप पिछले दो सप्‍ताह में किसी ऐसी जगह से आए हैं, जहां कोरोना वायरल महामारी फैली हुई है, या पिछले दो हफ्तों में किसी कोविड-19 पेशेंट के संपर्क में आए हैं, तभी आपको इस बात की शंका होनी चाहिए कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है। अगर आपको सामान्‍य नजला, बुखार है तो इसकी दवा लेने की जरूरत है, पैनिक होने की आवश्‍यकता नही है।" 

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वायरल फीवर और कोरोना वायरस में अंतर - Difference Between Viral Fever And Corona Virus

कोरोना वायरस और वायरल फीवर में फर्क को समझने के लिए पहले इसके लक्षणों को समझना जरूरी है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) के मुताबिक, कोरोना वायरस से संक्रमित व्‍यक्ति में तेज बुखार के साथ सूखी खांसी, सांस लेने में समस्‍या, मांसपेशियों व शरीर में दर्द, थकान आदि लक्षण दिखाई देते हैं। हालांकि, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो ज्‍यादातर मामले एसिम्‍टोमैटिक हैं यानी ऐसे पेशेंट जिसमें कोरोना के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, ऐसे लोगों में वायरस है या नहीं इसका पता जांच के बाद ही चलता है।

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वहीं, अगर वायरल फीवर की बात करें तो इसके लक्षण कोरोना वायरस से थोड़े अलग हैं। वायरल फीवर में बुखार के साथ सर्दी-जुकाम और कई बार हल्‍की खांसी की समस्‍या हो सकती है। अगर आप इसमें पैरासिटामॉल जैसी कुछ सामान्‍य दवाएं, गुनगुना पानी और काढ़े का सेवन करते हैं तो यह एक सप्‍ताह के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाती है। जबकि कोरोना वायरस के पेशेंट के साथ ऐसा नही है। उनमें या तो हल्‍के या गंभीर लक्षण होते हैं या फिर बिना लक्षण के होते हैं। ऐसे में यदि आपको कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं तो आपको तुरंत हेल्‍पलाइन नंबर (Helpline Number: +91-11-23978046, Toll Free: 1075) पर कॉल कर सूचना देनी चाहिए।

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संक्रमण से बचने के उपाय - Ways To Prevent Infections

सामान्‍य फ्लू, वायरल या कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति को संक्रमित व्‍यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। मास्‍क का प्रयोग करना चाहिए। अपने मुंह, नाक और आंख को बार-बार छूने से बचना चाहिए। जब भी आप कोई चीज छूते हैं तो हैंड सैनिटाइजर या साबुन व पानी से समय-समय पर हाथ धोते रहना चाहिए।

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