वायरल, डेंगू और चिकनगुनिया की छुट्टी करती हैं ये 3 चीजें, पहली बार में ही दिखेगा असर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 16, 2018
Quick Bites

  • लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।
  • पपीते के पत्ते प्लेटलेट्स को बढ़ाने का काम करते हैं। 
  • आयुर्वेद में भी गिलोय को एक महत्वपूर्ण हर्ब माना जाता है।

आजकल वायरल बुखार घर घर में पसरा हुआ है। बच्चे से लेकर बड़े तक हर कोई इसकी चपेट में आ रहा है। यूं तो इसके लिए डॉक्टर कई अच्छी दवा लिखते हैं लेकिन घरेलू उपचार इस रोग को सही करने में काफी हद तक कारगार हैं। वायरल बुखार, चिकनगुनिया और डेंगू का उपचार मौजूद है लेकिन लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। इनकी पहचान होते ही इसका इलाज जल्द से जल्द शुरू करना ही इनसे बचने का एकमात्र उपाय है इसके अलावा कुछ घरेलू उपायों के जरिए भी इन जानलेवा बुखार की गंभीरता को कम किया जा सकता है, जिसका अनुसरण करने की सलाह कई विशेषज्ञ भी देते हैं।

  • आयुर्वेद में इसे एक महत्वपूर्ण हर्ब माना जाता है। यह मेटाबॉलिक रेट को बनाए रखने में मदद करता है, इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और शरीर को इन्फेक्शन से सुरक्षित रखता है। इसके स्टेम को उबालकर चाय की तरह पीएं। इसमें कुछ तुलसी की पत्तियां भी डाल सकते हैं।
  • डेंगू में प्लेटलेट्स काउंट बहुत तेजी से कम होने लगते हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि पपीते के पत्ते प्लेटलेट्स को बढ़ाने का काम करते हैं। फीवर जैसे लक्षण शरीर में दर्द, कमजोरी, थकान और मितली भी इन पत्तों से दूर हो सकते हैं। आप पपीते के पत्तों को पीसकर या ड्रिंक के रूप में पी सकते हैं, इससे शरीर के टॉक्सिंस बाहर आ जाते हैं।
  • ऐसा माना जाता है कि मैथी के पत्तों के सेवन से फीवर कम होता है और यह दर्द निवारक की तरह भी काम करता है। इससे मरीजों को सुकूनभरी नींद आती है। आप चाहें तो इनके पत्तों को पानी में भिगो कर उसे पी सकते हैं और मैथी पावडर को पानी में मिलाकर भी उस पानी को पी सकते हैं। इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं।
  • इसकी सूखी जड़ों का प्रयोग दवाएं बनाने में किया जाता है। इसमें डेंगू फीवर के लक्षणों को खत्म करने की क्षमता होती है और शरीर से उसके वायरस को निकालने की भी। यह पपीते के पत्तों की तरह कार्य करता है। इसे पपीते के पत्तों की तरह ही प्रयोग कर सकते हैं या तो इसे मसलकर या चबाकर या फिर इसका जूस बनाकर पी सकते हैं।
  • मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में हल्दी उपयोगी मानी जाती है और इससे हीलिंग प्रक्रिया तेज हो जाती हैं। इसे दूध के साथ लेना फायदेमंद माना जाता है।
  • तुलसी की पत्तियों से तैयार पेय पीएं और उसमें 2 ग्राम काली मिर्च डालें। इससे इम्यूनिटी बेहतर होती है और एंटीबैक्टीरियल तत्व की तरह कार्य करता है।

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