जानें कितने प्रकार का होता है डेंगू और कैसे इससे बचें

डेंगू का बुखार एक महामारी की तरह पूरे फैल रहा है, टीके के अभाव के कारण बचाव ही इसका सबसे उपयोगी तरीका है, इस लेख में पढ़ें यह कितने प्रकार का है और इससे कैसे बचें।

Aditi Singh
डेंगू Written by: Aditi Singh Published at: Jul 15, 2018
जानें कितने प्रकार का होता है डेंगू और कैसे इससे बचें

डेंगू एक ऐसी बीमारी हैं जो एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से होता है। इस रोग में तेज बुखार के साथ शरीर पर चकत्‍ते बनने शुरू हो जाते हैं। जहां यह महामारी के रूप मे फैलता है वहां एक समय में अनेक प्रकार के विषाणु सक्रिय हो सकते है। डेंगू से बचाव के लिए फिलहाल कोई टीका नहीं आया है इसलिए इससे बचाव के लिए आपका जागरूक होना जरूरी हैं। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं इसके कितने प्रकार हैं और इससे कैसे बचाव हो सकता है।


डेंगू वायरस के प्रकार

डेंगू वायरस चार भिन्न-भिन्न प्रकारों के होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को इनमें से किसी एक प्रकार के वायरस का संक्रमण हो जाये तो आमतौर पर उसके पूरे जीवन में वह उस प्रकार के डेंगू वायरस से सुरक्षित रहता है। हलांकि बाकी के तीन प्रकारों से वह कुछ समय के लिये ही सुरक्षित रहता है। यदि उसको इन तीन में से किसी एक प्रकार के वायरस से संक्रमण हो तो उसे गंभीर समस्याएं होने की संभावना काफी अधिक होती है। डेंगू आमतौर पर डेन1, डेन2, डेन3 और डेन4 सरोटाइप का होता है। 1 और 3 सरोटाइप के मुकाबले 2 और 4 सेरोटाइप कम खतरनाक होता है।टाइप 4 डेंगू के लक्ष्णों में शॉक के साथ बुखार और प्लेट्लेट्स में कमी, जबकि टाइप 2 में प्लेट्लेट्स में तीव्र कमी, हाईमोरहैगिक बुखार, अंगों में शिथिलता और डेंगू शॉक सिंडरोम प्रमुख लक्षण हैं। डेंगू की हर किस्म में हीमोरहैगिक बुखार होने का खतरा रहता है, लेकिन टाइप 4 में टाइप 2 के मुकाबले इसकी संभावना कम होती है। डेंगू 2 के वायरस में गंभीर डेंगू होने का खतरा रहता है।


डेंगू से बचाव के तरीके

डेंगू की रोकथाम के लिए जरुरी है कि डेंगू के मच्‍छरों के काटने से बचे और इन मच्‍छरों के फैलने पर नियंत्रण रखा जाए। डेंगू के मच्‍छरों को कंट्रोल करने के लिए उसके पनपने की जगहों को ही नष्ट कर देना चाहिए।एडीज एजिप्टी मच्छर ज्यादातर दिन में काटते हैं ऐसे में पानी के कंटेनर खाली कर दें और जिन जगहों पर पानी के जमा होने की उम्मीद हैं वहां कीटनाशकों का उपयोग करें।रोजाना मच्छरदानी लगाकर सोएं और पूरे कपड़े पहनकर रहें. मच्‍छर ना काटें इसके लिए क्रीम लगाकर रखें।घर में और घर के आसपास साफ-सफाई रखें क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है. कचरे के डिब्बे को हमेशा ढककर रखें।

डेंगू वायरस से जल्द निजात पाने के लिए इसके लक्षणों को पहचान कर सही समय पर डॉक् र की सलाह लें. डेंगू के उपचार में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर का रूप ले लेता है।

 

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