वजन घटाने के लिए ज्‍यादा व्‍यायाम से जरूरी है थोड़ा कम खायें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 17, 2015
Quick Bites

  • मोटापा एक विश्वस्तरीय समस्या है, और गंभीर चिंता का विषय भी।
  • मोटापा कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की एक अकेली जड़ होता है।
  • वजन घटाना है तो ज्‍यादा व्‍यायाम से जरूरी है कि थोड़ा कम खायें।
  • अमरीका में हुए कुछ अध्ययनों से पता चले ये सभी तथ्य।

मोटापा एक विश्वस्तरीय समस्या है, और गंभीर चिंता का विषय भी। और हो भी क्यों ना, मोटापा कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की अकेली जड़ जो होता है। लेकिन क्या मोटापा कम करने के लिये अधिक व्यायाम ही काफी होता है? नहीं! केवल ज्यादा एक्सरसाइज कर आप अपना वज़न नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। इसके लिये आपको अपने ज्यादा भोजन करने की आदत को भी बदलना होगा। जी हां, अमरीका में हुए कुछ शोध व सर्वेक्षण बताते हैं कि वे लोग जो ज्दाया एक्सरसाइज करते थे, लेकिन साथ में अधिक भोजन भी करते थे, उनमें मोटापे की समस्या जस की तस रही। तो चलिये विस्तार से जानें क्या है माझरा।   

 

Eating Less in Hindi

 

अध्ययन के तथ्य

अमरीका में हुए कुछ अध्ययनों से पता चला कि वे लोग जो मोटापे की समस्या से बचने या इसे कम करने के लिये ज्यादा एक्सरसाइझ तो करते थे, लेकिन भोजन की मात्रा में उन्होंने कोई कटोती नहीं की, मोटापा कम करने में असमर्थ रहे। विशेषज्ञों के मुताबिक एक्सरसाइज के अनेक फायदे हैं, लेकिन इसका एक प्रभाव यह भी है कि ये आपके एपेटाइट को बेहतर बनाता है। जिस कारण लोग एक्सरसाइज में जितनी कैलोरी बर्न करते हैं, उतना ही ज्यादा भोजन कर उन्हें वापस भी ग्रहण कर लेते हैं। परिणाम स्वरूप स्थिति जस की तस ही बनी रहती है। इसलिये उनका मानना है कि वजन कम करने वाली एक्सरसाइज के साथ-साथ अपने खाने की मात्रा पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है।   


एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन

'एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन' जर्नल में छपे एक अध्ययन के अनुसार, कम वसा वाले भोजन करने की तुलना में कम कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन अधिक फायदेमंद होते हैं। शोधकर्ताओं ने अमेरिका में 148 पुरुषों एवं महिलाओं पर किए गए अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला। अध्ययन में शामिल किए गए इन लोगों को न तो किसी तरह का हृदय रोग था और न ही वे मधुमेह की बीमारी से पीड़ित थे।

 

 

Eating Less in Hindi

 

 

प्रतिभागियों में आधे से अधिक अश्वेत नागरिकों को शामिल किया गया था। बॉडी मास इंडेक्स के आधार पर प्रतिभागियों को मोटे लोगों की श्रेणी में रखा गया। कम कार्बोहाइड्रेट और कम वसा युक्त भोजन करने वाले समूहों को नियमित अंतराल पर खानपान को लेकर परामर्श दिए जा रहे थे, लेकिन उनके सामने कैलोरी को लेकर कोई लक्ष्य नहीं रखा गया था। करीब एक साल बाद अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन लेने वाले अश्वेत और श्वेत, दोनों तरह के प्रतिभागियों के वजन में उनकी तुलना में काफी कमी आई, जो कम वसा युक्त भोजन ले रहे थे। कम कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन लेने वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा भी अपेक्षाकृत कम पाया गया। अध्ययनकर्ताओं ने यह भी कहा कि बीएमआई में वृद्धि अक्सर मधुमेह होने के खतरे की सूचना होती है।


कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यदि वजन कम करना है तो एक्सरसाइज के साथ-साथ खान-पान, भोजन की मात्रा व प्रकार पर भी पूरा ध्यान देना चाहिये, ताकि एक्सरसाइज का पूरा लाभ मिले और वजन भी नियंत्रण में रहे।

 

 

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