इम्यूनिटी बूस्टर है 15 जड़ी बूटियों से बना 'कबसुर कुडिनीर', जानें इसे घर पर बनाने का तरीका और फायदे

कोरोना महामारी से बचाव का एक ही उपाय ये है कि आप अपनी इम्यूनिटी बढ़ाएं और अंदर से स्वस्थ रहें। ऐसे में ये कबसुर कुडिनीर काफी फायदेमंद हो सकता है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Apr 22, 2021Updated at: Apr 22, 2021
इम्यूनिटी बूस्टर है 15 जड़ी बूटियों से बना 'कबसुर कुडिनीर', जानें इसे घर पर बनाने का तरीका और फायदे

कोरोना महामारी जिस तरह से बढ़ रही है, ऐसे में स्थिति बेकाबू होती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए हर कोई अपने आप को इस बीमारी से बचाने में लगा हुआ है। लोग दवाइयों, परहेज के साथ घरेलू उपायों की भी मदद ले रहे हैं और अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को स्वस्थ रखने की कोशिश कर रहे हैं। ज्यादातर घरेलू उपायों की बात करें, तो उनमें जड़ी बूटियों शामिल हैं। ऐसी ही एक चीज है, कबसुर कुडिनीर (Kabasura Kudineer)। ये  15 जड़ी बूटियों से बनी हुई है और ये फेफड़ो के लिए बहुत अच्छी माना जाता है।  इसे लोग एक चूर्ण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में बहुत फायदेमंद है। इसे आप अपने घर में भी बना सकते हैं, तो आइए जानते हैं इस चूर्ण को बनाने की विधि और इसका फायदा (Kabasura Kudineer benefits)

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क्या है कबसुर कुडिनीर (Kabasura Kudineer)? 

कबसुर कुडिनीर एक पारंपरिक चूर्ण है, जिसका उपयोग आयुर्वेद में फ्लू और सर्दी जैसे सामान्य श्वसन रोगों के प्रभावी ढंग से प्रबंधन के लिए किया जाता है। ज्यादातर इसका उपयोग सिद्ध चिकित्सकों ने किया है। इसे सांस की सेहत से जुड़े लक्षणों से राहत पाने के लिए लंबे समय से प्रभावी माना गया है।  इस जड़ी बूटी के सेवन से गंभीर कफ, सूखी और गीली खांसी और बुखार आदि को ठीक किया जाता है। कबसुर कुडिनीर को भारत के कई राज्यों में बांटा जा रहा है खास कर कि दक्षिण भारत के राज्यों में जो कि लोगों को कोरोना के लक्षणों से बचने में भी मदद कर रहा है। पर क्या आप जानते हैं इस चूर्ण में है क्या?

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कबसुर कुडिनीर बनाने की विधि (Kabasura Kudineer Recipe)

कबसुर कुडिनीर एक प्रसिद्ध सिद्ध दवा है जिसमें 15 हर्बल सामग्री होती हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशिष्ट विशेषता होती है। इसे लोग चूर्ण, काढ़ा और गोलियों के रूप में भी ले रहे हैं। पर ज्यादातर लोग इसे चूर्ण के रूप में आम तौर पर पानी में घोलकर काढ़ा बना कर सेवन कर रहे हैं। इसे बानने के लिए कुछ सामग्री की जरूरत है, जैसे कि 

  • -अदरक 
  • -पिप्पली
  • -लौंग
  • -दुस्पर्शा
  • -अकरकरा
  • -कोकिलाक्षा
  • -हरड़
  • -मालाबार नट 
  • -अजवाइन
  • -कुस्टा (कोस्तम)
  • -गिलोय 
  • -भारंगी
  • -कालमेघ
  • -राजा पात 
  • -मुस्ता
  • -पानी
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बनाने का तरीका:

  • -जड़ी-बूटियों को पहले सूखा लें।
  • -फिर मोटा दरदरा करके पाउडर के रूप में पीस लें। 
  • -किसी भी नमी के कणों की उपस्थिति को दूर करने के लिए उन्हें सीधे धूप के नीचे सुखाएं।
  • -सूखे चूर्ण में पानी डालें और तब तक गर्म करें जब तक पानी इसकी शुरुआती मात्रा 1 तिहाई कम न हो जाए।
  • -अवशेषों को हटाने के लिए एक मलमल के कपड़े का उपयोग करके इसे काढ़े को छान लें।
  • -इसके बाद इसे पी लें। 
  • -आप इसे  3 घंटे तक संग्रहीत करके रख सकते हैं और इसका इस्तेमाल कर सकता है। 

कबसुर कुडिनीर के फायदे (Kabasura Kudineer benefits)

कबसुर कुडिनीर के कई फायदे हैं। पहले तो इसका अदरक पाचन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है और अस्थमा और अन्य पुरानी सांस की बीमारियों के इलाज में फायदेमंद है। दूसरा इसका पिप्पली अपच, अस्थमा और खांसी के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।। लौंग को एंटीबायोटिक माना जाता है और इसमें जीवाणुओं को मारने और लिवर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की शक्ति होती है। दुस्पर्शा का उपयोग बवासीर के इलाज के लिए किया जाता है और अकरकरा मुंह के छालों, गले में खराश, खांसी और वात दोष के कारण होने वाली बीमारियों को ठीक करने के लिए दिया जाता है। कोकिलाक्षा, पीलिया, पेट की गड़बड़ी और मूत्र संक्रमण के इलाज के लिए आयुर्वेदिक उपजार के रूप में इस्तेमाल होता है।

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इम्यूनिटी बूस्टर है

इसी तरह बात अगर  हरड़ की करें, तो ये मजबूत एंटीऑक्सिडेंट और एंटीबायोटिक गुण से भरपूर है। इससे गले में खराश और एलर्जी का इलाज करने में मदद मिलती है। इसके अलावा हरड़ इम्यूनिटी बढ़ाने में भी काफी फायदेमंद है। तो, बात अगर मालाबार नट की करें, तो इसका उपयोग ऊपरी श्वसन संक्रमण और अस्थमा के इलाज के लिए किया जाता है। इस तरह इसके तमाम हर्ब्स इम्यूनिटी बढ़ाने में काफी मददगार हैं। 

सर्दी और खांसी से राहत दिलाता है

कबसुर कुडिनीर सर्दी और खांसी से राहत दिलाने में मदद करता है।  इसके कई हर्ब्स श्वसन संबंधी बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक लोकप्रिय जड़ी बूटी है। साथ ही इसके गिलोय जैसे तत्व एंटीपीयरेटिक और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होते हैं।  एक मजबूत जड़ी बूटी का उपयोग व्यापक रूप से एलर्जी राइनाइटिस, अस्थमा और अन्य भड़काऊ स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है।

इस तरह आप कोरोना महामारी से बचने के लिए कबसुर कुडिनीर  का काढ़ा बना कर या इसका चूर्ण गर्म पानी के साथ ले सकते हैं। ये आपको फ्लू और इंफेक्शन से भी बचाय रखने में मदद करेगा। अगर आप इसे गर पर नहीं बना पा रहे हैं, तो आप इसे बाहर से भी खरीद सकते हैं। 

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