बच्चों की इन 8 बुरी आदतों को दूर करने के लिए पैरेंट्स अपनाएं ये आसान टिप्स

बच्चों के अंदर कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जिनको समय रहते बदलना जरूरी है। इन आदतों को बदलने के लिए माता-पिता कुछ टिप्स अपना सकते हैं।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 13, 2021Updated at: Jul 13, 2021
बच्चों की इन 8 बुरी आदतों को दूर करने के लिए पैरेंट्स अपनाएं ये आसान टिप्स

अगर बच्चों को बचपन से ही सुधारा जाए और उनकी दिनचर्या में अच्छी आदतें जोड़ी जाएं तो बड़े होकर उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सकारात्मक व्यवहार हमें दूसरों की नजरों मेंअच्छा बनाता है। लेकिन कुछ ऐसी आदतें बचपन में बच्चों के अंदर होती हैं जो उनके नकारात्मक व्यवहार को बढ़ाने के साथ-साथ माता-पिता को शर्मिंदगी का सामना करवा सकती हैं। ऐसे में इन आदतों को समय रहते बदलना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपनी इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बच्चों के अंदर कोन सी ऐसी बुरी आदतें हैं जो उनके भविष्य और सेहत के लिए अच्छी हैं। और माता-पिता कैसे उन बुरी आदतों से अपने बच्चों को सुधार सकते हैं। पढ़ते हैं आगे...

1 - होंठ चूसने की आदत

कई बच्चों की आदत होती है कि वे अपने निचले होंठ को चूसते रहते हैं। इसके कारण बच्चों के होंठ मोटे हो जाते हैं और उनका आकार भी बढ़ने लगता है। ऐसे में इस आदत को समय रहते ठीक करना जरूरी है। माता पिता अपने बच्चों के फटे होंठ की समस्या पर घी या मलाई लगाएं, जिससे उनके होठों की ड्राइनेस खत्म हो जाए। इसके अलावा माता पिता बच्चे को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की आदत डलवाएं। ऐसे करने से बच्चे का शरीर ना केवल हाइड्रेट रहेगा बल्कि उनके होठ ड्राई भी नहीं रहेंगे।

2 - अपने बालों पर बार-बार हाथ फेरना

कुछ बच्चों की आदत होती है कि वे बेवजह बोर होते हैं या चिंता में होते हैं तो वे अपने हाथों पर हाथ फेरते रहते हैं। यह एक बुरी आदत है। ऐसे माता-पिताओं की जिम्मेदारी है कि वे इस आदत को समय रहते बदलें। बालों में हाथ फेरने का एक कारण होता है बालों को लंबे रखना। इस आदत को दूर करने के लिए माता पिता बच्चों के लंबे बालों को छोटा करवाते रहें। वहीं अगर बच्चे अपने बालों को नहीं कटवाना चाहते हैं पैरेंट्स उनके बालों को बांधकर भी रख सकते हैं। इसके अलावा बच्चों को बताएं कि बालों पर हाथ फेरना अच्छी बात नहीं है। अगर बच्चा किसी तनाव और त कारण कर रहा है तो उसका ध्यान किसी और काम में लगाएं।

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3 - बार-बार नाक को छुना

कुछ बच्चों की आदत होती है कि वे समय-समय पर अपनी नाक में उंगली देते रहते हैं। बार-बार नाक साफ करते हैं। यह आदत बुरी होती है। इसके कारण हाथ के कर्ण नाक के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे इस आदत को समय रहते बदलें। अगर बच्चा आपका बड़ा हो गया है तो उसे समझाएं कि नाक में उंगली डालना सही नहीं है। इसके अलावा बच्चों को समय-समय पर टोकते रहें। साथ ही अगर आपका बच्चा बार-बार उंगली डाल रहा है तो उसे बार-बार हाथ धोने के लिए भेजें।

4 - अंगूठा चूसने की आदत

कुछ बच्चों की आदत होती है कि वे अंगूठा चूसते रहते हैं। अगर समय के साथ ये आदत बढ़ने लगे तो ऐसा करने से उनका पक्के दांतों का प्रभाव पड़ता है और दांत टेढ़े-मेढ़े हो सकते हैं। ऐसे में इस आदत को समय रहते छोड़ना जरूरी है। सबसे पहले बच्चों को बताएं कि अंगूठा चूसना अच्छी बात नहीं है। इससे अलग आप अंगूठे पर कुछ खट्टा मीठा या तीखा लगा सकते हैं, जिससे बच्चे अगर अंगूठी को मुंह में दे तो उनका स्वाद बदल जाए।

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5 - झूठ बोलने की आदत

अपने बचाव में छोटे-मोटे झूठ बोलना शुरू कर देते हैं और ऐसा करना कब उनकी आदत बन जाती है पता ही नहीं चलता। लेकिन इस आदत को माता-पिता नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण बच्चों को आगे चलता परेशानी होती है। ऐसे में बचपन में ही रोक लगाई जाए तो बड़े होकर व्यक्ति को प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस बनाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। माता-पिता झूठ बोली आदत को रोकने के लिए सबसे पहले अपने बच्चे को समझाएं। उसके बाद उन्हें झूठ बोलने की आदत पर छोटी-मोटी सजा दें। जैसे- घर की सफाई, कपड़े सुखाना आदि करवा सकते हैं। ऐसा करने से बच्चे काम से बचने के लिए झूठ का सहारा नहीं लेंगे।

6 - छोटी-छोटी बातों पर जवाब देना

कुछ बच्चों की आदत होती है कि वे दूसरों की बात सुने बिना बस अपनी-अपनी बोलते हैं और पलटवार करते हैं। जबकि यह आदत उनके व्यवहार में नकारात्मक बदलाव ला सकती है। बचपन से ही बच्चों को सिखाना चाहिए कि उल्टा जवाब देना गलत है। ऐसे में माता-पिता भी बच्चों से तेज आवाज में ना बात करें। साथ ही अगर बच्चे गुस्सा है तो उसके पीछे का कारण जानें।

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7 - बच्चों का अधिक गुस्सा करना

बच्चे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करते हैं और अगर उनके मन का ना हो तो वे जिद करने लगते हैं। ऐसे में वे अपनी मनपसंद चीजों को करवाने में सफल हो जाते हैं। लेकिन ये कब आदत बन जाती है पता ही नहीं चलता। माता-पिता बचपन में ही बच्चों की हर बात को ना मानें। खासकर वो बातें जिसके लिए वो जिद कर रहा है। कभी-कभी ऐसा करना सही है। लेकिन हमेशा ऐसा करने से उसकी आधत बिगड़ सकती है और आगे चलकर वो हर बात के लिए जिद और गुस्से का सहारा लेगा। इसके अलावा बच्चों को समझाना भी जरूरी है कि हर बात पर गुस्सा या जिद करनी सही नहीं। 

8 - जोर जोर से बोलना

घर में मेहमान आए हैं या माता-पिता अपने बच्चों के साथ बाहर गए हैं लेकिन बच्चों का सबके सामने जोर जोर से बोलना एक गलत आदत की तरफ इशारा करता है। चाहे वह पब्लिक प्लेस पर हो या घर पर माता पिता बच्चे को समझाएं कि अपनी बात को धीरे-धीरे और स्पष्ट रूप से सबके सामने रखें।  ऐसे में आप उसके जेर-जोर से बोलने पर टोक दें। आप चाहे तो उसके लिए शब्द सीमा तय करें और धीरे-धीरे बोलने की प्रैक्टिस करवा सकता हैं। 

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चे के अंदर कुछ ऐसी आदत होती हैं, जिन्हें बचपन में ही सुधारना जरूरी है। ऐसे में माता-पिता कुछ उपायों को अपनाकर इन आदतों को बदल सकते हैं।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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