दिमाग के लिए घातक हैं आपकी ये 5 आदतें, बनती हैं मानसिक रोगों का कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 14, 2018
Quick Bites

  • हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों से हमारे दिमाग को नुकसान पहुंचता है।
  • सुबह का नाश्ता हमारे शरीर और दिमाग के लिए बेहद जरूरी है।
  • ज्यादा मात्रा में चीनी खाने से हमारे दिमाग पर प्रभाव पड़ता है।

हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों से हमारे दिमाग को नुकसान पहुंचता है। इसकी वजह से न सिर्फ हमारी याददाश्त और एकाग्रता प्रभावित होती है बल्कि ये आदतें कई दिमागी रोगों का कारण बनती हैं। दिमाग हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि ये हमारे शरीर और भावनाओं को कंट्रोल करता है। जन्म के साथ ही हमारा दिमाग तरह-तरह के अनुभवों और जानकारियों को संजोता जाता है। इन सूचनाओं, अनुभवों और भावनाओं की मदद से हम जिंदगी को आसानी से जी पाते हैं और अभिव्यक्त कर पाते हैं। दिल की तरह ही दिमाग हमारे जीने के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बिना दिमाग के हमारा शरीर किसी काम का नहीं है। आइये आपको बताते हैं कि रोजमर्रा की किन छोटी-छोटी आदतों का नकारात्मक प्रभाव हमारे दिमाग पर पड़ता है।

सुबह का नाश्ता छोड़ देना

सुबह का नाश्ता हमारे शरीर और दिमाग के लिए बेहद जरूरी है। सुबह का नाश्ता हमें दिनभर काम करने की उर्जा देता है और हमारे दिमाग को दिनभर शांत रखता है। समय की कमी या काम की अधिकता की वजह से कुछ लोग सुहब का नाश्ता छोड़ देते हैं वहीं कुछ लोग थोड़ा सा नाश्ता करके ये सोचते हैं कि दोपहर या रात के खाने में भरपेट खाएंगे। मगर आपको बता दें कि सुबह का नाश्ता खाने से भी कहीं ज्यादा जरूरी है। आपका ब्रेकफास्ट हमेशा हेल्दी और थोड़ा हैवी होना चाहिए ताकि दिनभर काम करने की ऊर्जा आपको मिल सके। अगर दिमाग को अपनी जरूरत अनुसार विटामिन्स और मिनरल्स नहीं मिलते हैं तो दिमाग की क्षमता भी प्रभावित होती है।

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चीनी का ज्यादा सेवन

ज्यादा मात्रा में चीनी खाने से मोटापा, डायबिटीज, कैंसर जैसी कई खतरनाक बीमारियों का खतरा होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ज्यादा मात्रा में चीनी खाने से हमारे दिमाग पर भी प्रभाव पड़ता है। दरअसल चीनी ज्यादा खाने से ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और इस वजह से प्रोटीन्स और दिमाग के लिए जरूरी पोषक तत्व दिमाग तक नहीं पहुंच पाते हैं। इस वजह से दिमाग की क्षमता प्रभावित होती है।

एक साथ कई काम करना

कुछ लोगों की आदत होती है कि वो एक साथ कई काम करते हैं। आमतौर पर एक साथ ढेर सारे काम करने को आदमी का गुण माना जाता है। मगर डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार एक ही समय में कई काम करने वाले लोगों के दिमाग की क्षमता समय के साथ प्रभावित होती है और इससे कई दिमागी बीमारियों का भी खतरा होता है। दरअसल एक साथ कई काम करने पर ब्रेन टिशूज पर दबाव पड़ता है और वो सिकुड़ने लगती हैं।

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मुंह ढककर सोना

मुंह ढककर सोना भी आपके दिमाग को कमजोर बना सकता है। कुछ लोगों की आदत होती है कि वो सोते समय मुंह को चादर, तकिया या कंबल से ढककर सोते हैं। इस आदत के कारण आपकी दिमागी क्षमता प्रभावित होती है और सिर संबंधित कई गंभीर रोगों का खतरा होता है। दरअसल जब आप सिर ढककर सोते हैं तो आपके मुंह के आसपास ऑक्सीजन और कार्बन डाई ऑक्साइड इकट्ठा हो जाते हैं। ज्यादा मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड फेफड़ों के साथ-साथ दिमाग के लिए भी खतरनाक है।

जरूरत से ज्यादा खाना

अगर आपको लगता है कि जरूरत से ज्यादा खाने से सिर्फ मोटापे का खतरा होता है तो आप गलत हैं। ओवरईटिंग से हमारा दिमाग भी प्रभावित होता है। दरअसल जब आप जरूरत से ज्यादा खाते हैं तो आपके दिमाग की धमनियों में कड़ापन आता है और इस कारण से दिमाग की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए अपने दिनभर की डाइट की जरूरत को समझें और उसी अनुसार खाएं।

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