रोजाना के इस्तेमाल में आने वाली इन चीजों से भी हो सकता है कैंसर, जानें किस चीज से कितना जोखिम

हम रोजाना जिन पदार्थों का सेवन करते हैं क्या वह हमारे स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित होता है? जानें उनसे हमें कैंसर का खतरा तो नहीं!

सम्‍पादकीय विभाग
Written by: सम्‍पादकीय विभागUpdated at: Jan 19, 2020 10:45 IST
रोजाना के इस्तेमाल में आने वाली इन चीजों से भी हो सकता है कैंसर,  जानें किस चीज से कितना जोखिम

अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में हम तरह-तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। साथ ही कुछ चीजें और गैजेट्स हमारी जिंदगी का बहुत ही अहम हिस्सा बन जाते हैं। हम अपने जीवन में जिन चीजों का सेवन करते हैं या गैजेट्स का इस्तेमाल करते हैं क्या उससे हमें किसी भी प्रकार के किसी कैंसर का खतरा होता है? ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि क्या ऐसा हो सकता है या नहीं। जानें किन चीजों से आपको कैंसर हो सकता है-

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स

सारी बातचीत और चेन ईमेल के बावजूद इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ये शुगर लेवल आपके कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि सैकरीन (Saccharine) की वजह से चूहों को कैंसर होता है। लेकिन चूहों की तुलना में हमारे शरीर की प्रतिक्रिया अलग होती है। सन् 2000 के बाद से इस पर कैंसर की चैतावनी का लेबल भी हटा दिया गया है। एसपारटेम (Aspartame) के अध्ययन के बाद लोगों में इसका कोई लिंक देखने को नहीं मिला है।

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एक्स-रे

आप जब अपने डेंटिस्ट के पास जाते हैं तो वह एक्स-रे करने से पहले आपको एक कंबल से कवर देता है। इसका एक मुख्य कारण यह होता है कि एक्स-रे की वजह से आपको कैंसर होने की संभावना को अधिक बढ़ाता है। एक्स-रे की रेडिएशन (Radiation) की मात्रा जितनी अधिक होगी कैंसर होने का जोखिम भी उतना ही अधिक होगा। लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि रेडिएशन (Radiation) कितनी मात्रा सुरक्षित है। यही कारण है कि ईपीए (EPA) की अपनी सीमा है कि आप इसके कितनी मात्रा में ले सकते हैं।

मोबाईल फोन

आप अपने मोबाईल फोन को हमेशा अपने पास रखते हैं लेकिन यह गैजेट जिसे आप हमेशा अपने करीब रखते हैं माइक्रोवेव ओवन की तरह गर्म हो जाता है। हालांकि अब तक यह कैंसर से जुड़ा नहीं है इसके लिए अधिक शोध की आवश्यकता है। लेकिन फिर भी सुरक्षित रहने के लिए:

  • जब आपके पास कोई लैंडलाईन मौजूद न हो तो उस समय छोटी-मोटी बातें करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करें।
  • हैंड-फ्री डिवाइस का इस्तेमाल करें।

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मीट

मीट चाहे आपको देखने में कितना भी या प्रोसेस्ड (Processed) या लाल दिखता हो लेकिन जीवन में इसकी अधिक आवश्यकता नहीं होती है। आप शायद नहीं जानते कि दिन में सिर्फ एक हॉट डॉग (Hot Dog) खाने से पेट का कैंसर होना की संभावना अधिक बढ़ जाती है। लंचियन (Luncheon) मीट कोल्ड कट्स (cold cuts) और हॉट डॉग्स (Hot Dog) सभी में नाइट्राइट्स (nitrites) नामक प्रिजर्वेटिव्स मौजूद होते हैं जो पेट के कैंसर का कारण बनते हैं। साथ ही मीट को उच्च तापमान पर और धुंए में पकाने से उसमें PAHs नामक यौगिक बनता है। यह लोगों को किस तरह प्रभावित कर सकता है इसका पता लगाने के लिए कई स्टडीज चल रही हैं।

प्लास्टिक के प्रोडक्ट

हम जिस बोतल में पानी को भरकर रखते हैं यदि वह बोतल क्लीयर प्लास्टिक की है तो इसमें बिस्फेनॉल ए (बीपीए) हो सकता है। यह कैमिकल फूड और ड्रिंक कंटेनर्स, डेंटल सीलेंट (Dental Sealants) और कई अन्य प्रोडक्ट को बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। क्या इससे कैंसर होता है? FDA के मुताबिक वर्तमान समय में BPA का जो स्तर खाद्य पदार्थों में पाया जाता है वह पूरी तरह सुरक्षित है। यदि आप इसको लेकर चिंतित हैं तो डिब्बों में पैक खाना खाने से बचें। साथ ही क्लीयर प्लास्टिक में जमा ड्रिंक्स का सेवन न करें। भोजन को गर्म करने के लिए क्लीयर प्लास्टिक के बजाए स्टील व कांच के बर्तनों का इस्तेमाल करें।

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