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गर्भवती महिलाएं इन 5 लक्षणों पर हमेशा रखें नजर, नहीं तो गंभीर समस्याओं का करना पड़ सकता है सामना

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओें में बहुत से बदलाव होते हैं जिनके बारे में कई बार गर्भवती महिलाओं को जानकारी ही नहीं हो पाती लेकिन यह जरूरी है कि इन लक्षणों को जाना जाए। इसको नजरंदाज करने पर कई बार गंभीर समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

गर्भावस्था के नौ महीने महत्व क्या होता हैं, इसे गर्भवती महिला के अलावा किसा अन्य व्यक्ति के लिए समझना कठिन है। गर्भवती होने के साथ ही एक महिला का जीवन नई उम्मीदों से भर जाता है वहीं उसे आने वाले दिनों की चिंता भी सताने लगती है। उन्हें खुद से ज्यादा गर्भ में पल रहे बच्चे की चिंता होती है। वो बस यही चाहते हैं कि गर्भावस्था का यह नौ महीने बिना किसी परेशानी के बीतें। जैसे-जैसे गर्भावस्था का समय बढ़ता है, वैसे-वैसे शरीर में कई बदलाव होते हैं। गर्भावस्‍था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते हैं जिनके बारे में महिलाओें को जानकारी होना बहुत आवश्यक है। यदि आप गर्भवती हैं और इनमें से किसी भी लक्षणों को महशूश करती हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिले और इसकी जांच कराएं।

पेट में अत्यधिक दर्द

अगर आपको गर्भवती हुए 12 हफ्ते से कम हुए हैं और गर्भवस्था के दौरान पेट के दोनों ओर तेज ऐंठन महसूस करती हैं, तो आपको तुरंत अल्ट्रासाउंड करवाने की आवश्यकता है। डॉक्टर इससे यह पता लगा पाएंगे कि कहीं आपको अस्थानिक गर्भधारण (Ectopic Pregnancy) तो नही है। इस स्थिति में अंडाणु गर्भाशय के अंदर विकसित होने की जगह उसके बाहर फैलोपियन ट्यूब में विकसित होने लगते हैं, अगर गर्भावस्था के इस लक्षणों को शुरू में ही नहीं पहचाना गया, तो फैलोपियन ट्यूब फटने का खतरा भी हो सकता है। सही समय पर इलाज न होने पर यह समस्या जानलेवा भी हो सकती है।

बहुत ज्यादा उल्टी होना

गर्भावस्था के दौरान सुबह-सुबह जी मिचलाने, उल्टी होने और चक्कर आने की समस्या हो सकती है।। यह थोड़ा कष्टदायक होता है लेकिन ज्यादा हानिकारक नहीं होता है। लेकिन अगर आपको बहुत ज्यादा उल्टी हो रही है और आपके स्वस्थ्य में बिल्कुल भी सुधार नही हो रहा है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिल कर इसके बारे में बताना चाहिए। ज्यादा उल्टी होने के वजह से निर्जलीकरण या डिहाइड्रेशन हो सकता है, जो पेट में पल रहे बच्चे के स्वस्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। अत्यधिक उल्टी हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (एचजी) से पीड़ित होने का एक संकेत हो सकता है। ये गर्भावस्था के दौरान होने वाली समस्या हैं जिसमें गंभीर बेहोशी, उल्टी, वजन घटाने, और निर्जलीकरण जैसी समस्याएं आपको पूरे गर्भावस्था के दौरान रह सकती है।

अत्यधिक सिरदर्द या शरीर में सूजन

आपको गर्भावस्था के पहली तिमाही के दौरान सिरदर्द होते हैं, तो यह कोई बड़ी बात नहीं है।
गर्भावस्था के दौरान सूजन एक आम समस्या है, इसका मतलब यह है कि आपका शरीर तरल पदाथों को बनाए रख रहा है। इससे कोई भी गर्भवती महिला प्रभावित हो सकती है। सूजन में विभिन्न तरह के उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं। अगर आपको दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान सिर में दर्द ज्यादा होता है और आपके पैर, हाथ और चेहरे सूज जाते हैं, तो जल्द से जल्द खुद की जांच करवाएं, इन समस्याओं से आप प्रीक्लेम्पसिया (Preeclampsia)  से पीड़ित हो सकते हैं। इससे गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है और आंखों से कम दिखाई देने लगते हैं।

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गर्भावस्था में अधिक ब्लीडिंग

गर्भावस्था के दौरान ब्लीडिंग होना गर्भवती महिला को काफी बेचैन कर सकता है। गर्भवती होने पर अगर आपको कभी भी योनि से ब्लीडिंग होती है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। दूसरी तिमाही में महिला को ब्लीडिंग होने पर इसे गंभीर माना जाता है और इस दौरान प्लेसेंटा के टूटना का डर भी बहुत अधिक रहता है। यह मां और बच्चे दोनों के लिए खतरे का संकेत होता है। आमतौर पर अगर प्रेग्नेंसी के शुरुआती दौर में ब्लीडिंग होती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। हां, अगर ब्लीडिंग ज्यादा हो रही है, तो आप डॉक्टर के पास जाकर जांच जरूर करवाएं। वहीं, अगर दूसरी और तीसरी तिमाही में भी योनी से रक्तस्राव हो रहा है, तो यह सामान्य नहीं है।

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गर्भावस्था में पानी की थैली फटना

गर्भावस्था के आखिरी समय में जब गर्भवती की पानी की थैली फट जाती है, तो समझिए प्रसव का समय आ गया है। गर्भावस्था के 37वें सप्ताह से पहले अगर पानी की थैली फट जाती है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करने में बिल्कुल देरी न करें। कभी-कभी एमनियोटिक थैली में खिंचाव आने की वजह से भी ज्यादा पानी छूट सकता है और आप समय से पूर्व बच्चे को जन्म दे सकती हैं। इससे बच्चे के स्वस्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।


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    Aug 05, 2019 00:00 IST

    Published By : धीरज सिंह राणा

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