Sat Oct 24, 2026 | 01:08 AM IST

Medically Reviewed by Dr Purendra Bhasin , Ophthalmologist

मेनोपॉज पीरियड्स ही नहीं, आंखों पर भी डाल सकता है असर, इन 5 बदलावों को न करें नजरअंदाज

मेनोपॉज के बाद महिलाओं को आंखों से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जिन महिलाओं को मेनोपॉज के बाद आंखों को कुछ बदलाव दिखे, तो उसे नजरअंदाज न करें।
मेनोपॉज पीरियड्स ही नहीं, आंखों पर भी डाल सकता है असर, इन 5 बदलावों को न करें नजरअंदाजमेनोपॉज पीरियड्स ही नहीं, आंखों पर भी डाल सकता है असर, इन 5 बदलावों को न करें नजरअंदाज

मेनोपॉज का नाम आते ही ज्यादातर महिलाओं के दिमाग में पीरियड्स का बंद होना, हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग्स और नींद से जुड़ी परेशानियां आती हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। मेनोपॉज में एस्ट्रोजन में होने वाले बदलाव आंखों की सतह, आंसुओं की गुणवत्ता और आंखों में नमी को प्रभावित कर सकते हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने Dr. Purendra Bhasin, Opthamologist, Founder & Director, Ratan Jyoti Netralaya, Gwalior से बात की।

मेनोपॉज में आंखों में होने वाले बदलाव

Dr. Purendra Bhasin कहते हैं, “मेनोपॉज के आसपास कुछ महिलाओं को आंखों में सूखापन, जलन, चुभन या धुंधला दिखाई देने जैसी शिकायतें होने लगती हैं। कई बार महिलाएं इसे सिर्फ उम्र बढ़ने या ज्यादा स्क्रीन देखने का असर मानकर छोड़ देती हैं। हालांकि, आंखों में लगातार बने रहने वाले बदलावों की वजह जानना जरूरी है।”

1. ड्राई आई होना

Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि ड्राई आई यानी आंखों में सूखेपन की समस्या मेनोपॉज के आसपास परेशान कर सकती है। आंखों की सतह को स्वस्थ रखने के लिए आंसुओं की एक परत जरूरी है, लेकिन मेनोपॉज में हार्मोनल बदलावों के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इस वजह से आंखों में सूखापन, जलन, चुभन, लालिमा या आंख में कुछ फंसा हुआ महसूस हो सकता है। कुछ महिलाओं को आंखों से पानी आने की शिकायत भी हो सकती है।

Journal of Midlife Health के मुताबिक, महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन और एंड्रोजन के बैलेंस न होने के कारण आंसू की परत को सही तरीके से नियंत्रित नहीं हो पाती। इस कारण महिलाओं को आंखों में दर्द, धुंधलापना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

2. कभी साफ तो कभी धुंधला दिखना

Dr. Purendra Bhasin ने कहा, “मेनोपॉज के दौरान अगर आंखों की सतह पर नमी का संतुलन बिगड़ता है, तो कुछ महिलाओं को हल्का धुंधलापन महसूस हो सकता है। खासतौर पर जब महिलाएं पढ़ने लगती है या स्क्रीन देखती हैं, तो उन्हें साफ न दिखने की शिकायत हो सकती है। इसके साथ यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि हमेशा धुंधली नजर को हार्मोनल बदलाव नहीं मानना चाहिए। कई बार चश्मे का नंबर बदलना, डायबिटीज या आंखों की दूसरी समस्याएं भी हो सकती है। इसलिए अगर धुंधलापन बार-बार हो रहा है या लगातार बना हुआ है, तो आंखों का चेकअप जरूर कराना चाहिए।”

3. कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में मुश्किल

Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि जिन महिलाओं को पहले कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में कोई परेशानी नहीं होती थी, उन्हें मेनोपॉज के आसपास लेंस पहनने पर सूखापन या जलन महसूस हो सकती है। इसका कारण आंखों की नमी कम होना है, जिस वजह से कॉन्टैक्ट लेंस पहनना असहज लग सकता है। कुछ महिलाओं को लेंस लंबे समय तक पहनने में परेशानी होती है या आंखें लाल होने लगती हैं। ऐसी स्थिति में खुद से लेंस का इस्तेमाल बंद करने या कोई आई ड्रॉप शुरू करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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4. आंखों में थकान और जलन होना

Dr. Purendra Bhasin का कहना है, “मेनोपॉज के दौरान नींद खराब होना काफी आम है। इसके साथ स्ट्रैस और बढ़ता स्क्रीन टाइम भी आंखों की परेशानी को बढ़ा सकता है। इसका नतीजा यह हो सकता है कि आंखों को जल्दी थकान और जलन होने का रिस्क हो सकता है। कई बार महिलाएं आंखें बार-बार रगड़ने लगती हैं, जिससे जलन हो सकती है। इसलिए मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को स्क्रीन इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में दूर की किसी चीज को देखने की आदत भी आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकती है।”

5. मोतियाबिंद

Vision Matters के मुताबिक, मेनोपॉज के बाद महिलाओं को मोतियाबिंद होने का रिस्क काफी ज्यादा हो सकता है। एस्ट्रोजन हार्मोन आंखों के लेंस को साफ और हाइड्रेट रखने में मदद करता है। मेनोपॉज में एस्ट्रोजन के स्तर के कम होने से आंखों के लेंस सही तरीके से साफ और नमीयुक्त नहीं रह पाते। इसलिए महिलाओं को मेनोपॉज के बाद साफ दिखाई न देने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर की सलाह

Dr. Purendra Bhasin कहते हैं, “महिलाओं को मेनोपॉज के बाद डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का भी रिस्क बढ़ सकता है और इसका असर आंखों पर पड़ सकता है। इसलिए अगर महिला को पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, लो ब्लड प्रेशर के कारण ग्लूकोमा या आंखों से जुड़ी कोई समस्या है, तो उसके लिए रेगुलर आंखों की चेकअप और भी जरूरी हो जाती है।”

मेनोपॉज में आंखों की देखभाल कैसे करें?

Dr. Purendra Bhasin ने कहा कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों पर ध्यान दिया जा सकता है।

  • स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय नियमित ब्रेक लें।
  • पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।
  • आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें।
  • रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • बैलेंस्ड डाइट लें।
  • स्मोकिंग या शराब से दूरी बनाएं।
  • डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

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निष्कर्ष
मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं को ड्राई आई, जलन, आंखों की थकान, कॉन्टैक्ट लेंस से परेशानी और कभी-कभी धुंधला भी नजर आ सकता है। इसलिए मेनोपॉज के बाद अगर ऐसी कोई समस्या दिखे, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

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FAQ

  • मेनोपॉज के दौरान पलकों में सूजन या पपड़ी जमने की समस्या क्यों होती है?

    हार्मोनल असंतुलन से पलकों के किनारे मौजूद तेल ग्रंथियां ब्लॉक हो जाती हैं। इससे पलकों की जड़ों में सूजन, पपड़ी जमना और बार-बार गुहेरी निकलने की समस्या होने लगती है।
  • क्या मेनोपॉज के दौरान आंखों में जलन होने पर गुलाब जल या घरेलू आई ड्रॉप डालना सुरक्षित है?

    बिल्कुल नहीं, मेनोपॉज में आंखों का सुरक्षात्मक बैरियर कमजोर होता है। बिना डॉक्टरी सलाह के गुलाब जल या ओवर-द-काउंटर आई ड्रॉप डालने से गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन या कॉर्निया में इरिटेशन हो सकती है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 28, 2026 16:24 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Purendra Bhasin