पैरों की मजबूती के लिए रोजाना करें ये 4 एक्‍सरसाइज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 10, 2017
Quick Bites

  • पीठ और शरीर की हरेक मांशपेशियों का उपयोग होगा
  • जिससे अधिक मात्रा में कैलरी भी खर्च होगी
  • इनमें फ्री वेट शामिल करें

पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों के पैर ज्यादा नाजुक होते हैं। इसलिए इनमें चोट और खिंचाव जैसी समस्याओं की संभावनाएं भी अधिक होती हैं। इसका मुख्य कारण है- पैरों को सख्ती से जमीन पर रखना या फिर घुटने अंदर की तरफ रखना। साथ ही स्त्रियों के पैरों की हेमस्ट्रिंग्स (घुटने की पीछे की नस) अकसर कमजोर पाई जाती है। इस असामान्यता से घुटनों में तकलीफ पैदा हो सकती है। पैरों को मजबूत बनाने के लिए सप्ताह में दो बार पैरों की एक्सरसाइज करें। इनमें फ्री वेट शामिल करें, जो आपके लिए हर एंगल में सही मूवमेंट सुनिश्चित करेगा। इससे हड्डियों की कमजोरी भी दूर होगी। जब यह एक्सरसाइज करेंगी तब, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों यानी पीठ और शरीर की हरेक मांशपेशियों का उपयोग होगा, जिससे अधिक मात्रा में कैलरी भी खर्च होगी।

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1. स्क्वॉट्स एंड लंजेस

पीठ सीधी रखें। ध्यान रहे कि घुटने 90 डिग्री से अधिक के कोण पर न मुड़े हों, इससे चोट लग सकती है। लंजेस करने के लिए, सीधे नीचे की तरफ झुकें। एड़ी पूरे समय ऊपर ही होनी चाहिए। स्क्वॉट्स एंड लंजेस को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए आप बेस बॉल जैसी अस्थिर सतह का इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर स्क्वॉट्स करते समय पीठ में दर्द होता है तो पीठ के पीछे दीवार के सहारे एक जिम बॉल रखें। फिर इस बताई गई प्रक्रिया को दोबारा करें। इस प्रक्रिया की संख्या रोजाना धीरे-धीरे बढ़ाएं। स्क्वॉट्स एंड लंजेस को एक रैंप पर भी कर सकते हैं।

2. काव्स रेज

एक ऊंचे प्लैटफॉर्म पर खड़ी हो जाएं। अधिक प्रतिरोध के लिए आप डंबबेल्स या बारबेल्स जैसे भार उठा सकती हैं। अब पैर की एडिय़ां ऊपर उठाएं और नीचे ले जाएं। इसका 5 सेट करें। पिंडलियों के लिए यह अच्छी कसरत है।

3. साइड लेग ऐब्डक्शन

यह प्रक्रिया ऐबडक्टर मशीन या फिर जांघों के किनारों पर होती है। आप चाहें तो इसे एक चटाई पर एक साइड में लेटे हुए करें, या फिर बेंच या जिम बॉल पर। इसे करते समय पैरों पर वजन भी पहन सकती हैं।

4. ऐब्डक्टर एक्सरसाइज

ऐब्डक्टर एक्सरसाइज करते समय रेसिस्टेंस बैंड पैरों और ऐब्डक्टर पर बांधे जा सकते हैं। खासकर थेरा बैंड्स आपको पैरों की मांसपेशियां स्ट्रेच करने में मदद करते हैं। दौडऩे, जॉगिंग करने, स्विमिंग या सायक्लिंग जैसी एक्सरसाइज के बाद अपनी दोनों क्वॉड्राइसेप्स और हेमस्ट्रिंग्स को स्ट्रेच करना काफी महत्वपूर्ण होता है।

ध्यान दें
इन्हें करने से पहले सही तकनीक समझना व सीखना जरूरी है, जिसके लिए एक प्रशिक्षित ट्रेनर की सहायता ली जानी चाहिए। ट्रेनर ही आपका बॉडी पोस्चर सुधार सकता है।

 

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