पीरियड्स के कारण शरीर में खून की कमी (एनीमिया) के क्या संकेत होते हैं? इससे कैसे बचें

Periods and Anemia : हैवी ब्लीडिंग की वजह से महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jul 12, 2022Updated at: Jul 12, 2022
पीरियड्स के कारण शरीर में खून की कमी (एनीमिया) के क्या संकेत होते हैं? इससे कैसे बचें

शरीर में खून की कमी को एनीमिया कहा जाता है। इसकी वजह से शरीर में रेड ब्लड सेल्स और हीमोग्लोबिन का स्तर प्रभावित होता है। रेड ब्लड सेल्स में मौजूद हीमोग्लोबिन शरीर के सभी अंगों और टिश्यूज तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य  करता है। अधिकतर मामलों में एनीमिया की परेशानी शरीर में आयरन की कमी के कारण होती है। शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में आयरन मददगार  होता है। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में आयरन की कमी अधिक होती है। पीरियड्स में रक्तस्त्राव अधिक होना भी इसके प्रमुख कारणों में से एक है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में- 

खून की कमी और पीरियड्स 

नोएडा स्थित मदरहुड हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर मनीषा रंजन का कहना है कि कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होती है, जिसकी वजह से उनके शरीर में खून की कमी हो सकती है। यह परेशानी एनीमिया का कारण बन  सकती है।  इसके कारण महिलाओं के शरीर में  जितने रेड ब्लड सेल्स बन  रहे होते हैं, पीरियड्स के दौरान उतनी ही मात्रा में  ये ब्लड सेल्स बाहर  निकल जाते हैं। इसकी वजह से हीमोग्लोबिन निर्माण में भी परेशानी आने लगती है। 

पीरियड्स के दौरान होने वाली हैवी ब्लीडिंग को मेनोरेजिया ( Menorrhagia) कहा जाता है। इस स्थिति से प्रभावित महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कुछ घंटों के अंतराल में ही पैड चेंज करना पड़ सकता है। हैवी ब्लीडिंग के साथ पेट में भी काफी ज्यादा दर्द हो सकता है। कुछ-कुछ स्थितियों में महिलाओं को दो-दो पैड लगाने की आवश्यकता हो जाती है। यहां तक की कुछ महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग 7 दिनों तक होती है। 

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मेनोरेजिया में हैवी ब्लीडिंग और पेट दर्द के साथ-साथ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान सांस लेने में परेशानी और काफी ज्यादा थकान महसूस होती है। इस स्थिति में महिलाओं को तुरंत हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह की आवश्यकता होती है। 

हैवी ब्लीडिंग की कैसे करें पहचान

  • हर घंटे पैड बदलने की आवश्यकता
  • पीरियड्स के दौरान काफी थकान महसूस होना।
  • रात में सोने से दौरान भी बार-बार पैड  बदलने की जरूरत महसूस होना
  • 7 दिन या इससे ज्यादा समय तक हैवी ब्लीडिंग की परेशानी होना।
  • ब्लड  क्लॉट काफी ज्यादा बड़े होना।

हैवी ब्लीडिंग से बचाव के उपाय

पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इस स्थिति में डॉक्टर कुछ दवाओं के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह दे सकते हैं, जैसे-

  • आहार में आयरन युक्त चीजें जैसे - अनार, चुकंदर, पालक इत्यादि को शामिल करे  नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। 
  • पीरियड्स के दौरान भारी काम न करें, बल्कि आराम करें। 
  • स्ट्रेस और डिप्रेशन से बचें इत्यादि।

पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग की वजह से शरीर में खून की कमी होने लगती है। इस स्थिति से बचने के लिए महिलाओं को समय-समय पर मेडिकल चेकअप कराने की जरूरत होती है। वहीं, अगर आपको हैवी ब्लीडिंग के लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

 
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