सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन 'Sputnik Light' को मिली रूस में मंजूरी, जानें इसकी खास बातें

स्पूतनिक लाइट (Sputnik Light) की एक डोज लगवाने के बाद लोगों को दूसरी डोज लगवानी नहीं पड़ेगी। ये वैक्सीन 79.4% प्रतिशत कारगर बताया जा रहा है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: May 07, 2021Updated at: May 07, 2021
सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन 'Sputnik Light' को मिली रूस में मंजूरी, जानें इसकी खास बातें

देश और दुनिया में कोरोना वायरस का कहर (Covid-19 in India) जारी है। भारत में अब उन राज्यों में ही कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, जहां पहले नहीं थे। यहां तक कि अब गांवों की स्थिति भी खराब हो रही है। बात अगर पिछले 24 घंटे की करें, तो एक बार फिर 4 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। 24 घंटे में 4,14,433 नए मामले सामने आए हैं और लगभग 3920 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही कई राज्यों में अब मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और यूपी में संक्रमण दर बहुत ज्यादा है। इसी बीच एक राहत की खबर ये भी है कि दुनिया में जहां कोरोना के कई दो डोज वाले वैक्सीन आ गए हैं और भारत के पास जहां अपनी 2 वैक्सीन है, वहीं अब सिंगल डोज यानी एक डोज वाली कोरोना वैक्सीन भी आ गई है। जी हां, रूस ने इस सिंगल डोज वाली वैक्सीन स्पूतनिक लाइट (Sputnik Light)को इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि ये वैक्सीन पुराने सभी वैक्सीन की तुलना में आसान है क्योंकि इसे आप एक ही बार लगावार निश्चिंत हो सकते हैं। तो, आइए जानते हैं इस वैक्सीन की खास बातें पर इससे पहले जान लेते हैं देश में कोरोना से जुड़े बड़े अपडेट्स (corona live updates)

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लगातार दूसरे दिन भी भारत में आए 4 लाख से ज्यादा मामले

पिछले कुछ महीने से भारत कोरोना की दूसरी लहर की मार झेल रहा है, पर अब भी स्थिति में कोई सुधार आता नजर नहीं आ रहा है। लगातार दूसरे दिन भी 410,000 से अधिक नए कोविड -19 मामले दर्ज किए हैं, इसके चलते कुल मामलों की संख्या 21,485,285 हो गई है। शुक्रवार को, देश में 414,433 मामले दर्ज किए गए और 3,920 मौतें हुईं। भारत में अब 3.65 मिलियन सक्रिय मामले हैं। उधर सुप्रीम कोर्ट लगातार कोरोना मामलों और ऑक्सीजन आदि की परेशानियों को लेकर सुनवाई करता रहा है और गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश को कोरोना की तीसरी लहर (coronavirus third wave in india) के लिए तैयार रहने की जरूरत है, जिसे लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि ये विशेष रूप से बच्चों के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है। ताजा हालात और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में कमी देखते हुए सुप्रीम कोर्ट का ये भी कहना है कि इस हालात को देखते हुए ऑक्सीजन के बफर स्टॉक बनाने की जरूरत है और इसके लिए सरकार को तेजी से काम करना चाहिए। साथ ही केंद्र ने अगले आदेश तक दिल्ली में ऑक्सीजन की आपूर्ति 700MT से कम नहीं करने को कहा है।

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शहरों के साथ गांवों में भी तेजी से बढ़ रहा है कोरोना

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र के मंगलवार अमरावती  में 249 नए कोराना मामले दर्ज किए गए जबकि कुछ अन्य ग्रामीण इलाकों में 947 नए मामले दर्ज किए गए। इसी तरह हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात के गांवों में भी कोरोना का संक्रमण दर बढ़ रहा है।  इधर महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में एक बार फिर से इजाफा हुआ है। बीते 24 घंटे में महाराष्ट्र में कोरोना के 62,194 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुत दिनों बाद कोरोना के मामलों में कमी आई है। पिछले 24 घंटे में लखनऊ में 1865 नए केस आए हैं, जो पिछले कई दिनों की तुलना में सबसे कम है। पर यहां 5 जून तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है। 

स्पूतनिक लाइट (Sputnik Light) की खास बातें

रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को कोरोनावायरस वैक्सीन की सिंगल डोज वाली वैक्सीन को मंजूरी दे दी। इस वैक्सीन का नाम स्पूतनिक लाइट (Sputnik Light) है, जिसका सिर्फ एक ही शॉट लेना होगा। इसकी कुछ खास बातों पर ध्यान दें तो

  • -ये वैक्सीन 79.4% प्रतिशत कारगर बताया जा रहा है।
  • -91.7% लोग जिन्हें ये टीका लगाया गया उनमें 28 दिन बाद वायरस की प्रभावशिलता को खत्म करने वाले एंटीबॉडी का विकास हुआ। 
  • -96.9% लोगों में IgG एंटीबॉडी  नामक विशेष  एंटीबॉडी  का विकास हुआ।
  • -100 प्रतिशत लोगों ने कोरोना वायरस के S प्रोटीन के खिलाफ रिस्पांस किया है।
  • - जिन लोगों में पहले से एंटीबॉडी थे उन 100 प्रतिशत लोगों में इसे लेते ही दस दिन के भीतर 40 गुना ज्यादा इम्यूनिटी बढ़ा। 

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परिणाम में कहा गया है इंजेक्शन के 28 दिन बाद से लिया गया डेटा 5 दिसंबर 2020 और 15 अप्रैल 2021 के बीच रूस के सामूहिक टीकाकरण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में प्रशासित किया गया था, जिसमें कि ये काफी कारगर पाया गया है। अब देखना ये है कि ये वैक्सीन वैक्सीन विश्व और भारत की आबादी को कब उपलब्ध होती है।

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