क्या सच में 15 गुना ज्यादा खतरनाक है आंध्र प्रदेश में मिला नया कोरोना स्ट्रेन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

आंध्र प्रदेश में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन ' N440k Virus'में इम्यून-एस्केप म्यूटेशन E484Kऔर N501Y शामिल हैं, जो कि इसे अत्यधिक संक्रामक बनाता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: May 06, 2021Updated at: May 07, 2021
क्या सच में 15 गुना ज्यादा खतरनाक है आंध्र प्रदेश में मिला नया कोरोना स्ट्रेन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

कोरोना वायरस की दूसरी लहर (second wave of covid in india) भयावह  स्थिति पैदा कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों की बात करें, तो पिछले 24 घंटे में 4,14,188 हजार मामले सामने आए हैं और 3915 लोगों की मौत हुई है। कल स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी में  मंत्रालय ने बताया है कि देश में कोरोना के चलते आने वाले 71 प्रतिशत मामले सिर्फ 10 राज्यों से आ रहे हैं। पर अब कोरोना का एक नया स्ट्रेन लोगों का ध्यान खींच रहा है। दरअसल, दक्षिण भारत में कोरोना का एक नया स्ट्रेन  N440K लोगों में डर पैदा कर रहा है। ये वायरस आंध्र प्रदेश से शुरू हुआ है इसलिए इसे AP Strain भी कहा जा रहा है। इस स्ट्रेन को लेकर कहा जा रहा था कि ये पूराने स्ट्रेन की तुलना में 15 गुणा ज्यादा खतरनाक है पर अब इस बात को सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने खारिज किया है और इसे गलत बताया है। सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने इस नए स्ट्रेन के बारे में सिर्फ इतना ही नहीं कहा बल्कि ये भी जानकारी दी ये वायरस सिर्फ 5 प्रतिशत के करीब ही रह गया है और आने वाले दिनों में ये जल्द ही खत्म हो जाएगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि N440K वेरिएंट अन्य कोविड -19 वेरिएंट की तुलना में ज्यादा घातक या अधिक संक्रामक है।

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क्यों खतरनाक है आंध्र प्रदेश में मिला कोरोना का नया 'स्ट्रेन' (COVID-19 New AP Strain)

सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) ने  N440K वैरिएंट की खोज की है, जिसकी पहचान आंध्र प्रदेश के कुरनूल में की गई थी। इस स्ट्रेन ने विशाखापट्टनम और दक्षिण भारत के राज्यों में खौफ पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये  N440K वैरिएंट बाकी कोराना स्ट्रेन की तुलना में 15 गुणा अधिक वायरस है।  दरअसल,  भारतीय वेरिएंट (Indian variants) बी -1.617 (B1.617) और बी-1.618 (B1.618) भारत में दूसरी लहर का जिम्मेदार है। 

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CSIR-Genomics and Integrative Biology के वैज्ञानिक विनोद स्कारिया ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा था कि भले ही ये वेरिएंट खतरनाक लग रहा हो पर धीमे-धीमे ये खत्म हो सकता है और किसी और स्ट्रेन में परिवर्तित हो सकता है। विनोद कहते हैं कि N440K धीरे-धीरे मर सकता है और तेजी से दो अन्य वेरिएंट - B.1.1.7 और B.1.617 में परिवर्तित हो सकता है और केरल सहित लगभग सभी दक्षिणी राज्यों में ये हो भी रहा है। N440K संभवतः कोरोनवायरस को फेफड़ों की कोशिकाओं को बांधने में मदद करता था। बता दें कि  B.1.1.7 यूके वेरिएंट (UK Variant) हैं और B.1.617 भारतीय वेरिएंट (Indian Variant) हैं, जिन्हें 'डबल वेरिएंट (double mutant variant)' भी कहा जाता है। 

बता दें कि वैज्ञानिकों ने दक्षिण भारत के कई केन्द्रों से वायरस का सैंपल इकट्ठा किया है उनमें से 50 फीसदी में कोरोना का N440k वेरिएंट पाया गया है। इसमें यह भी पता चला कि यह वायरस आबादी के एक खास हिस्से में फैल रहा है और अन्य वेरिएंट्स के मुकाबले कहीं यह ज्यादा स्थानीय है, जो इन इलाकों के कई राज्यों को अपना शिकार बना सकता है।

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कर्नाटक में पहली बार कोरोना के 50000 से ज्यादा नए मामले

दक्षिण भारत में महाराष्‍ट्र से इस समय सबसे ज्यादा कोरोना मामले सामने आ रहे हैं पर अचानक से कर्नाटक स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है। कर्नाटक में  पिछले 24 घंटों में पहली बार कोरोना के 50 हजार से अधिक नए केस सामने आए हैं और इसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अकेले बेंगलुरू शहर में ही कोरोना के 23 हजार से अधिक मामले आए हैं। शहर में अब तक 7000 से ज्यादा लोग इस महामारी की वजह से जान गंवा चुके हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 30 फीसदी से ऊपर हो गई है और माना जा रहा है आने वाले समय में ये स्थिति और बिगड़ सकती है। 

गौरतलब है कि कल महाराष्ट्र में कोरोना से एक दिन में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यहां कल कोरोना से 920 लोगों ने अपनी जान गवा दी। पिछले 24 घंटों में 57 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और अब भी राज्य की स्थिति बेहतर होने का नाम नहीं ले रही। बता दें कि नए मामलों में 70.91 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से सामने आए हैं, पर अब पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना के मामल बढ़ रहे हैं और इसे देखते हुए हिमाचल प्रदेश में 10 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया गया है। 

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