वैज्ञानिकों ने खोजा मच्‍छर भगाने का बिल्‍कुल नया तरीका!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 12, 2017
Quick Bites

  • रोशनी से मच्छरों के काटने और उडऩे के व्यवहार में परिवर्तन लाया जा सकता है। 
  • मच्छर मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि बीमारियों की वजह बनते हैं।
  • वेबलेंथ की रोशनी होने पर मच्छर तेजी से इधर-उधर भागने लगते हैं!

घर और बाहर पलने वाले मच्छर मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि बीमारियों की वजह बनते हैं। इनसे बचने के लिए हर कोई मॉस्कीटो क्वॉयल, क्रीम और अलग-अलग तरह के लिक्विड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन वह भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। इसीलिए अमरीकी वैज्ञानिकों ने मच्छरों को भगाने के लिए नए तरीके की खोज की है। 'पैरासाइट्स एंड वेक्टर' नामक पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एक खास वेवलेंथ की रोशनी से मच्छरों के काटने और उडऩे के व्यवहार में परिवर्तन लाया जा सकता है।

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अमरीका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉट्रेडम के वैज्ञानिकों ने यह शोध किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक रोशनी पर किए गए प्रयोग के शुरुआती नतीजे बताते हैं कि इसकी मदद से मच्छरों को हम खुद से दूर रख सकते हैं। वैज्ञानिकों की टीम ने इसके लिए उस समय का चुना को जिस समय में मच्छर सबसे ज्यादा सक्रिय रहते हैं। 

 

उन्होंने  बताया कि एक खास वेबलेंथ की रोशनी होने पर मच्छर तेजी से इधर-उधर भागने लगते हैं और उन पर लगभग 12 घंटे तक इसका प्रभाव रहता है। उनकी टीम ने अलग-अलग वेवलेंथ की रोशनी पर यह प्रयोग किया। उन्होंने सबसे पहले अपना प्रयोग लाल रंग पर किया, क्योंकि सोते समय इंसान को लाल रंग की रोशनी से सबसे कम परेशानी होती है। अब उनकी टीम सफेद रंग की रोशनी पर अध्ययन कर रही है।

 

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