बालों को रेगुलर डाई करने से ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ता है खतरा, रिसर्च में हुआ खुलासा

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं ने हर पांच से आठ सप्ताह में हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल किया, उनमें स्तन कैंसर होने की संभावना अधिक  है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 05, 2019
बालों को रेगुलर डाई करने से ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ता है खतरा, रिसर्च में हुआ खुलासा

बालों पर हेयर डाई और केमिकल्स के इस्तेमाल से कई नुकसान हैं पर हाल ही में आए शोध ने इसे ब्रेस्ट कैंसर से जोड़ा है। शोधकर्तोओं का कहना है कि जो महिलाएं स्थाई हेयर डाई और रासायनिक हेयर स्ट्रेटनर का उपयोग करती हैं, उनमें अन्य महिलाओं की तुलना में स्तन कैंसर विकसित होने का खतरा अधिक होता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित इस अध्ययन से पता चलता है कि इन रासायनिक बाल उत्पादों के अधिक लगातार उपयोग से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ गया है।

Inside_cancer

अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एन्वायर्नमेंटल हेल्थ साइंसेज (NIEHS) के लेखक एलेक्जेंड्रा व्हाइट के द्वारा किए गए इस शोध में बताया गया है कि लंबे समय से हेयर डाई और कैंसर के बीच संबंध गए हैं। लेकिन परिणाम असंगत रहे हैं। शोधकर्तोओं ने अध्ययन में बताया है कि बालों में डाई के उपयोग से स्तन कैंसर से जुड़ा खतरा बढ़ सकता है। इसका प्रभाव अफ्रीकी अमेरिकी महिलाओं, खासकर उन लोगों में अधिक मजबूत होता है, जो इसे रेगुलर यूज करते हैं। 

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सिस्टर स्टडी में 46,709 महिलाओं के डेटा का उपयोग करते हुए, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एन्वायर्नमेंटल हेल्थ साइंसेज के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं ने अध्ययन में भाग लिया, उनमें पहले साल में नियमित रूप से स्थाई हेयर डाई का इस्तेमाल किया गया। उनमें उन महिलाओं की तुलना में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना नौ प्रतिशत अधिक थी, जिन्होंने हेयर डाई को रेगुलर इस्तेमाल नहीं किया। अफ्रीकी अमेरिकी महिलाओं में, हर पांच से आठ सप्ताह या उससे अधिक समय से स्थाई रूप से डाई का इस्तेमाल कर रही थी और उनमें कैंसर होने की संभावना ज्यादा थी।

Inside_dye and breast cancer

इसके अलावा एक पेचीदा खोज रासायनिक बाल स्ट्रेटनर और स्तन कैंसर के उपयोग के बीच पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं ने हर पांच से आठ सप्ताह में हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल किया, उनमें स्तन कैंसर होने की संभावना लगभग 30 प्रतिशत अधिक थी। अध्ययन में कहा गया है कि स्ट्रेटनर के उपयोग और स्तन कैंसर के बीच संबंध अफ्रीकी अमेरिकी और श्वेत महिलाओं में समान था। लेकिन स्ट्रेटनर का उपयोग अफ्रीकी अमेरिकी महिलाओं के बीच अधिक आम था। वहीं शोधकर्ताओं ने आगाह किया कि रासायनिक स्ट्रेटनर के इस्तेमाल से कुछ ऐसी किरणें निकलती हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर को बढ़ावा देता है। 

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शोध में यह पूछे जाने पर कि क्या महिलाओं को अपने बालों को डाई करना बंद कर देना चाहिए? तो लेख में सह-लेखक डेल सैंडलर ने कहा कि हमने डाई में कई चीजें पाई, जो संभवतः स्तन कैंसर में योगदान कर सकते हैं। पर यह संभावना नहीं है कि कोई भी एक कारक किसी महिला में ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम की व्याख्या करता है। पर ये तय है कि लंबे समय तक डाई का इस्तेमाल हानिकारक है। इससे महिलाओं में ही नहीं पुरूषों में भी कई अन्य बीमारियों के होने का खतरा बढ़ सकता है।

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