सार्वजनिक टॉयलेट को इस्तेमाल करने में रहें थोड़ा सावधान, कोरोना संक्रमण का खतरा है ज्यादा

कोरोनावायरस के इस वक्त में घर के बाहर किसी भी चीज को इस्तेमाल करने से पहले संक्रमण के खतरे के बारे में सोचें। इससे आपको बचने के उपाय समझ में आएंगे।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jun 18, 2020Updated at: Jan 15, 2021
सार्वजनिक टॉयलेट को इस्तेमाल करने में रहें थोड़ा सावधान, कोरोना संक्रमण का खतरा है ज्यादा

कोरोना वायरस के केस कम हुए हैं और वैक्सीन भी आ रही है, लेकिन वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। घर से बाहर जाने के दौरान आपको याद भी न हो आप इतनी जगहों से गुजरेंगे और बहुत सी चीजों को छू भी सकते हैं। वहीं सबसे ज्यादा डर ऐसी जगहों पर है जिसका इस्तेमाल सबके लिए स्वाभाविक सा है और तय है कि उसे बहुत से लोगों ने इस्तेमाल किया होगा। जैसे कि किसी ऑफिस का टॉ़यलेट या कोई भी सार्वजनिक टॉयलेट। सार्वजनिक टॉयलेट को लेकर हम सब जानते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल करते हैं और सफाई यहां उतने गंभीर तरीके से नहीं हो पाती है। गंदे सिंक और दरवाजे के हैंडल, बाथरूम के अंदर का हवाई कण और छोटे व बंद स्थान, ये तमाम चीजें कोरोनावायरस को आसानी से फैला सकते हैं।

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मजबूरी में कैसे इस्तेमाल करें सार्वजनिक टॉयलेट (Public toilets During Corona)

शौचालय जाना हर किसी के लिए मजबूरी है क्योंकि इसके इस्तेमाल को कोई न नहीं कह सकता है। पर आपको ख्याल रखना होगा कि आप कैसे बिना ज्यादा कुछ छुए हुए अपना काम करके संक्रमण से बच सकते हैं। जैसे कि क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप टॉयलेट फ्लश करते हैं तो क्या होता है? जब आप दरवाजे को खोलकर अंदर आते हैं या बाहर जाते हैं तो क्या होता है। नहीं, तो इसे लेकर गंभीर हो जाएं।

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बाथरूम में संक्रमण फैलाने वाले तत्व को लेकर क्या कहता है शोध

दरअसल बाथरूम में घूमते हुए छींटे, मल के अपशिष्ट को एयरोसोलाइज छोटे कणों को हवा में भेज सकते हैं। अस्पताल के बाथरूम पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि उन कणों की मात्रा एक शौचालय में फल्श के बाद निकली और हवा में एकाग्रता 30 मिनट बाद उच्च रही। इसके बाद शौचालय के ठीक बगल में या 3 फीट दूर परीक्षण किया गया था, तो हवा में संक्रमण के कुछ कण पाए गए। दूसरे और तीसरे फ्लश ने कणों को फैलाना जारी रखा। अध्ययन में बताया गया कि फ्लशिंग के बाद बड़ी संख्या में कण टॉयलेट सीट से ऊपर उठे और हवा में लिपट गए।

शोधकर्ताओं ने पाया है कि नए कोरोनावायरस, SARS-CoV-2, बीमारी के बाद एक महीने तक मल में बहाए जा सकते हैं। श्वसन नमूनों की तुलना में यह अधिक लंबा है, हालांकि उस समय का वायरस कितना संक्रमण पैदा कर सकता है इसका अभी सही से अनुमान नहीं लगाया गया है। वहीं बताया गया है कि वॉश बेसिन में भी संक्रमण का खतरा बहुत अधिक है। इन सतहों पर वायरस हो सकते हैं और यहां तक कि ये किसी के खांसी से निकल कर एरोसोल के रूप में हवा में हो सकते हैं।

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संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

  • -वैज्ञानिकों की सलाह फ्लशिंग करने से पहले ढक्कन को बंद कर दें।
  • -सुरक्षित रहने के लिए, अतिरिक्त सावधान रहें और दरवाजे के हैंडल सहित सार्वजनिक टॉयलेट में जितना संभव हो उतना कम स्पर्श करें।
  • - आप जो कुछ भी करते हैं, इन सतहों को छूने के बाद अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूने से पूरी तरह बचें।
  • -जब आप टॉयलेट कर लें, तो अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धो लें और हाथ सूखाने के लिए गर्म हवा वाले ड्रायर को छोड़ दें, जिससे एरोसोल भी बन सकते हैं और उन्हें आपकी ओर उड़ा सकते हैं।
  • -फेस मास्क, हैंड सैनिटाइजर और कीटाणुनाशक वाइप्स को अपने साथ हमेशा रखें। 
  • -वहीं टॉयलेट के अंदर कम से कम वक्त तक रहें क्योंकि ऐसे बंद जगहों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।
  • -अगर कोई अन्य व्यक्ति नहीं है, तब भी फेस मास्क पहने ही रहें।

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