बच्‍चों में न‍िमोन‍िया क्‍यों होता है? जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

इस लेख में हम जानेंगे बच्‍चों में न‍िमोन‍िया के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के आसान ट‍िप्‍स, जानने के ल‍िए पढ़ें व‍िस्‍तार से

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Oct 07, 2021
बच्‍चों में न‍िमोन‍िया क्‍यों होता है? जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

निमोनिया क्या है? न‍िमोन‍िया छाती या फेफड़े में होने वाला संक्रमण है जो फेफड़ों में फैल जाता है ज‍िसके चलते खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी होती है। न‍िमोन‍िया जुकाम या फ्लू के बाद हो सकता है। वैसे तो ये बीमारी क‍िसी भी उम्र के लोगों को प्रभाव‍ित कर सकती है पर ये नवजात श‍िशुओं और छोटे बच्‍चों में गंभीर हो सकती है इसल‍िए अगर आपके बच्‍चे में न‍िमोन‍िया के लक्षण नजर आएं तो उसे तुरंत डॉक्‍टर के पास लेकर जाएं और इलाज करवाएं। इस लेख में हम बच्‍चों में न‍िमोन‍िया के कारण, लक्षण, बचाव के उपाय और इलाज आद‍ि पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

pneumonia symptoms

(image source:childrenswellnesscente)

बच्चों को निमोनिया क्यों होता है? (Causes of pneumonia in kids)

बच्‍चों को न‍िमोन‍िया होने के ये कारण हो सकते हैं- 

  • ज‍िन बच्‍चों को जन्‍म के समय जरूरी टीके नहीं लग पाते उन्‍हें न‍िमोन‍िया होने की आशंका ज्‍यादा रहती है। 
  • बच्‍चों में ज्‍यादातर न‍िमोन‍िया के केस बैक्‍टीर‍िया या वायरस के संक्रमण के कारण होते हैं। 
  • अगर बच्‍चे की सांस की नली में रुकावट है या द‍िल में जन्‍म से व‍िकार है तो न‍िमोन‍िया हो सकता है। 
  • ज‍िन बच्‍चों की सांस की नली में रुकावट हो उन्‍हें भी न‍िमोन‍िया हो सकता है।
  • ऐसे बच्‍चे जि‍नका वजन जन्‍म के समय सामान्‍य से कम होता है उन्‍हें न‍िमोन‍िया के लक्षण अपना श‍िकार बना सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- बच्चों में भी हो सकती हैं सांस से जुड़ी ये 6 गंभीर बीमारियां, जानें इनके बारे में

बच्‍चों में न‍िमोन‍िया के लक्षण (Symptoms of pneumonia in kids)

pneumonia causes

(image source:cdnparenting)

न‍िमोन‍िया दो प्रकार के होते हैं- पहला ब्रोंकाइल न‍िमोन‍िया ज‍िसमें न‍िमोन‍िया दोनों फेफड़ों के पैचेज को प्रभावि‍त करता है और दूसरा लोबर न‍िमोन‍िया ज‍िसमें फेफड़े का एक या एक से ज्‍यादा ह‍िस्‍सा प्रभाव‍ित होता है। ज‍िन बच्‍चों को न‍िमोन‍िया होता है उनमें ये लक्षण देखने को म‍िल सकते हैं- 

  • अगर आपके बच्‍चे को तेज बुखार आ रहा है तो ये न‍िमोन‍िया के लक्षण हो सकते हैं। 
  • अगर बच्‍चे को पसीना आ रहा है या ज्‍यादा ठंड लग रही है तो भी ये न‍िमोन‍िया के लक्षण हो सकते हैं। 
  • नाखून या होठों का नीला पड़ना भी न‍िमोन‍िया के लक्षण हो सकते हैं। 
  • सीने में घरघराहट महसूस होना या सांस लेने में द‍िक्‍कत होना भी न‍िमोन‍िया के ल‍क्षण हो सकते है।
  • बच्‍चों में हल्‍के न‍िमोन‍िया या वॉक‍िंग न‍िमोन‍िया के लक्षण भी नजर आ सकते हैं ज‍िन्‍हें बच्‍चे ज्‍यादातर नजरअंदाज कर देते हैं। 
  • अगर थकान, स‍िर में दर्द या सूखी खांसी हो तो बच्‍चा हल्‍के न‍िमोन‍िया का श‍िकार हो सकता हे उसका इलाज तुरंत करवाएं। 
  • बच्‍चों में न‍िमोन‍िया के मध्‍यम लक्षणों की बात करें तो नाक में कफ जमना, भूख कम लगना या लो एनर्जी भी महसूस हो सकती है।

इसे भी पढ़ें- निमोनिया के लक्षण हैं बलगम में खून और सीने में चुभन, जानिए Pneumonia के घरेलू उपचार

बच्‍चों को न‍िमोन‍िया से बचाने के उपाय (How to prevent pneumonia in kids)

pneumonia prevention

(image source:everydayhealth)

  • बच्‍चों को न‍िमोन‍िया से बचाने के लि‍ए ऐसे लोगों से दूर रखें ज‍िन्‍हें घर में बीमारी हो या बुखार के लक्षण हों, बीमार व्‍यक्‍त‍ि से बच्‍चे को संक्रमण हो सकता है।
  • बच्‍चे को न‍िमोन‍िया से बचाने के ल‍िए ऐसी जगह पर न ले जाएं जहां ज्‍यादा भीड़ हो, ऐसी जगहों पर संक्रमण का खतरा सबसे ज्‍यादा होता है।
  • बच्‍चे की साफ-सफाई पर ध्‍यान दें, उसे ऐसी आदतें स‍िखाएं जो वो खुद भी अपने ल‍िए कर पाए जैसे खाना खाने के बाद या पहले हाथों को अच्‍छी तरह से साफ करना। 
  • बच्‍चा अगर टॉयलेट का इस्‍तेमाल कर रहा है तो उसे इसकी ट्रेन‍िंग दें और सुन‍िश्‍च‍ित करें क‍ि टॉयलेट साफ हो और इस्‍तेमाल के बाद बच्‍चा हाथों को अच्‍छी तरह से साफ कर ले। 
  • बच्‍चे को ऐसी जगह न लेकर जाएं जहां ज्‍यादा धुआं हो, इससे बच्‍चे को न‍िमोन‍िया हो सकता है, स‍िगरेट के धुएं के आसपास रहने से भी बच्‍चे को न‍िमोन‍िया हो सकता है इसल‍िए इन बातों का खास खयाल रखें।

निमोन‍िया क‍ितने दिनों में ठीक होता है?

अगर सही इलाज म‍िला तो न‍िमोन‍िया एक से दो हफ्ते में ठीक हो जाता है। पूरी तरह से र‍िकवरी में दो हफ्ते से ज्‍यादा का समय लग सकता है या गले में खराश लंबे कई द‍िनों तक हो सकती है। अगर आपके बच्‍चे को न‍िमोन‍िया हो गया है तो उसे खांसी की दवा न दें। बच्‍चे को आराम करने दें और उसकी बॉडी को हाइड्रेट रखें। ज‍िन बच्‍चों को अस्‍पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है उन्‍हें एक से दो द‍िन में छुट्टी म‍िल जाती है वहीं गंभीर मामलों में एक हफ्ते का समय लग सकता है। 

नवजात श‍िशु को न‍िमोन‍िया से कैसे बचाएं? (Prevent pneumonia in newborn)

pneumonia treatment

(image source:sharp.com) 

अगर आपके घर में नवजात श‍िशु है तो आपको उसका खास खयाल रखने की जरूरत है, नवजात श‍िशु को न‍िमोन‍िया से बचाने के ल‍िए इन ट‍िप्‍स को फॉलो करें- 

  • नवजात श‍िशु को न‍िमोन‍िया से बचाने के ल‍िए जरूरी टीके जरूर लगाएं ज‍िनमें बीसीजी, डीपीटी, एचआईवी, न्‍यूमोकॉक्‍कल शाम‍िल हैं। 
  • जन्‍म के बाद 6 महीनों तक केवल स्‍तनपान करवाने के फायदे आप सब जानते हैं पर स्‍तनपान करवाने से बच्‍चे को न‍िमोन‍िया से भी सुरक्षा म‍िलती है। 
  • अगर आपका बच्‍चा एक साल से छोटा है तो उसे ठंड लगने से बचाएं, रात के समय बच्‍चे को ठंडी हवा से दूर रखें। 
  • गर्भवती मह‍िला को खानपान और पोषण पर ध्‍यान देना चाह‍िए ताक‍ि होने वाले बच्‍चे का वजन सामान्‍य से कम न हो, जन्‍म के समय स्‍वस्‍थ बच्‍चे का वजन  ढाई क‍िलो होना चाह‍िए।

एंटीबायोट‍िक दवाओं से दूर होता है न‍िमोन‍िया (Treatment of pneumonia in kids)

लक्षण नजर आने पर बच्‍चों में न‍िमोन‍िया के इलाज में देरी न करें। ज‍िन बच्‍चों को न‍िमोन‍िया होता है उनको इलाज में एंटीबायोट‍िक दवा दी जाती है। न‍िमोन‍िया के गंभीर केस में बच्‍चे को सांस की समस्‍या होने पर ऑक्‍सीजन दी जाती है। वहीं अगर बच्‍चे का खानपान ठीक न हो तो सलाइन चढ़ाने की जरूरत भी पड़ सकती है। न‍िमोन‍िया की जांच में ब्‍लड टेस्‍ट और चेस्‍ट एक्‍स-रे क‍िया जाता है। इलाज के साथ-साथ आपको बच्‍चे के पोषण का भी ध्‍यान रखना है, डॉक्‍टर से बच्‍चे की डाइट की पूरी जानकारी लें और उसी मुताब‍िक बच्‍चे को हेल्‍दी आहार दें।

अगर बच्‍चे को तेज बुखार है या उसकी सांस तेज चल रही हो, बच्‍चा सुस्‍त होया उल्‍टी हो रही हो तो आपको तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

(main image source:amazonaws)

Read more on Children Health in Hindi 

Disclaimer