शिशुओं को स्तनपान कराने के 5 तरीके और इनके फायदे, जिनके बारे में नई मांओं को जरूर जानना चाहिए

Ways to breastfeed  : स्तनपान कई तरीकाें से करवाया जा सकता है। इनके अलग-अलग फायदे हाेते हैं। जानें स्तनपान कराने के तरीके-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatUpdated at: Aug 04, 2021 09:22 IST
शिशुओं को स्तनपान कराने के 5 तरीके और इनके फायदे, जिनके बारे में नई मांओं को जरूर जानना चाहिए

क्या आप पहली बार मां बनी हैं? डिलीवरी बाद शिशु के विकास के लिए उसे दूध पिलाना हाेता है, जिसे स्तनपान कहते हैं। स्तनपान शिशु काे दूध पिलाने का एक प्राकृतिक तरीका है। 1 से 7 अगस्‍त के बीच व‍िश्‍व भर में वर्ल्ड ब्रेस्‍टफीड‍िंग वीक मनाया जाता है ताक‍ि ब्रेस्‍टफीड‍िंग की अहम‍ियत को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग समझ सकें। स्तनपान शिशु के साथ ही मां के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हाेता है। शिशु काे कई तरीकाें से दूध पिलाया जा सकता है, लेकिन पहली बार मां बनी महिलाओं काे इस बारे में जानकारी नहीं हाेती है। अगर आप भी पहली बार मां बनी हैं, ताे जानें स्तनपान करवाने के अलग-अलग तरीकाें के बारे में-

breastfeeding 

1. रग्बी बॉल हाेल्ड (Rugby Ball Hold Breastfeeding)

शिशु काे स्तनपान कराने के लिए आप रग्बी बॉल हाेल्ड का तरीका अपना सकती हैं। इसमें शिशु काे बाजू के नीचे लेकर स्तनपान करवाया जाता है। यह मुद्रा उनके लिए अच्छी है, जिनके शिशु स्तनपान करते हुए पांव इधर-उधर मारते हैं। इसके लिए आप शिशु काे लिटाएं, उसका शरीर अपनी बाजू के नीचे रखें। इसके बाद उसके सिर काे स्तन के पास रखें और उसे स्तनपान करवाएं। यह स्तनपान का एक काफी अच्छा तरीका हाे सकता है। 

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Biological Nurturing

2. बायाे लॉजिकल नर्चरिंग (Biological Nurturing)

बायाे लॉजिकल नर्चरिंग मुद्रा काे अर्ध लेटी अवस्था भी कहा जाता है। इसमें महिलाएं अपने पीछे कमर पर दाे-चार तकिया लगाएं। इसके बाद तकिया के सहारे लेट जाएं। इसमें शिशु काे आड़ा लिटाकर दूध पिलाया जाता है। इस अवस्था में शिशु काे सिर स्तन पर हाेता है और उसे पेट पर आड़ा करके लिटाया जाता है। जिन महिलाओं की पीठ, कमर में दर्द हाेता है, उनके लिए यह अवस्था काफी फायदेमंद हाेती है। इतना ही नहीं सिजेरियन डिलीवरी हाेने पर भी स्तनपान के लिए यह मुद्रा काफी फायदेमंद हाेती है। यह ब्रेस्टफीडिंग का एक अच्छा तरीका है। 

Side Lying Hold Breastfeeding

3. साइड-लाइंग हाेल्ड (Side Lying Hold Breastfeeding)

इस मुद्रा में अकसर ही महिलाएं अपने शिशु काे स्तनपान करवाती हैं। साइड-लाइंग हाेल्ड यानी करवट लेकर स्तनपान करवाना हाेता है। यह शिशु औऱ मां के लिए स्तनपान की एक आरामदायक अवस्था हाेती है। इसमें शिशु काे अपने साथ सुलाएं। इसके सिर काे अपने से सटा लें और स्तन के पास लें जाएं। इसके बाद आप उसे आसानी से ब्रेस्टफीडिंग करवा सकती हैं।

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4. कोआला हाेल्ड (Koala Hold)

शिशु काे कोआला हाेल्ड की पाेजिशन में भी स्तनपान करवाया जा सकता है। इसमें आप दाेनाें घुटनाें काे माेड़कर बैठ जाएं। अब शिशु काे अपने एक घुटने पर दाेनाें तरफ टांगे करके सीधा बिठाएं।  इसमें आप जिस तरफ से स्तनपान करवाएंगी, उसी तरफ के घुटने पर बिठाना हाेता है। इस दौरान स्तनपान करते समय शिशु काे अच्छी तरह से संभालना हाेता है। इससे बच्चे काे दूध पीने के बाद उल्टी नहीं हाेती है। 

5. जुड़वा शिशुओं के लिए स्तनपान की अवस्था

अगर आपके जुड़वा बच्चे हैं, ताे उन्हें एक साथ स्तनपान करवाना किसी टास्क से कम नहीं है। इसके लिए आप पहले आरामदायक अवस्था में बैठ जाएं। अपनी गाेद में एक तकिया रखें। अब अपने शिशुओं काे बाजू के नीचे रखें। इसमें एक शिशु काे दाएं, दूसरे काे बाएं बाजू के नीचे रखें। सिर काे अपने स्तनाें के पास रखें। इससे आप शिशुओं काे अपने हाथाें से सहारा दे सकती हैं। जुड़वा बच्चाें के लिए स्तनपान की यह अवस्था या पाेजिशन एक अच्छी विकल्प हाे सकता है। इसमें मां काे काेई परेशानी भी नहीं हाेती है।

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