क्या आप भी सोचती हैं शिशु को स्तनपान कराने से फिटनेस और बॉडी शेप होती है खराब? जानें ऐसे ही 5 मिथकों की सच्चाई

स्तनपान से जुड़े किसी भी सवाल के लिए पहले तो आपको अपने डॉक्टर के पास जाएं। वहीं लोक धारणाओं से जुड़ी बातों को शिशु पर लागू न करें।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 06, 2019Updated at: Aug 02, 2021
क्या आप भी सोचती हैं शिशु को स्तनपान कराने से फिटनेस और बॉडी शेप होती है खराब? जानें ऐसे ही 5 मिथकों की सच्चाई

माँ बनना सब कुछ बदल देता है। अपने नवजात शिशु की देखभाल करने के साथ-साथ एक नई माँ को अपनी सेहत का भी खास ख्याल रखना चाहिए। खासकर जब वो शिशु को स्तनपान करवा रही हों। स्तनापान के कारण एक शिशु भविष्य में कई बीमारियों से बच सकता है। इसके अलावा स्तनपान करवानी वाली मां को अपनी डाइट का ध्यान रखना चाहिए। पर अक्सर ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली मां में खुद के शरीर को लेकर कई प्रकार को डर भी होता है। उन्हें लगता है प्रेग्नेंसी के बाद, मानों वो पहले की तरह अपने खूबसूरत शरीर को फिर से नहीं पा सकेंगी या नहीं। इसी तरह एक धारण ये भी है ब्रेस्टफीडिंग से उनके शरीर का सेप खराब हो जाएगा इत्यादि। वहीं कुछ लोग इन चीजों से जुड़ी कई तरह की अन्य बातें भी बताती हैं। पर ये सब उस समय सोचना सही नहीं जब आप एक मां हैं। ऐसे में स्तनपान से जुड़े किसी भी सवाल के लिए आपको अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए। 

Inside_breast feeding myth

स्तनपान से जुड़ी कुछ लोक धारणाएं-breastfeeding myths and misconceptions

1. स्तनपान के कारण ब्रेस्ट खराब हो जाएंगे

एक महिला को अपनी गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद भी बहुत कुछ करना पड़ता है। स्तनपान से जुड़ी अपनी कठोर टिप्पणियों को अपने तक रखना हमेशा एक अच्छा विचार है। इसके अलावा, एक एस्थेटिक सर्जरी जर्नल द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, ज्यादातार महिलाओं को लगता है कि स्तनपान करवाने से  उनका शरीर खराब हो जाता है। उनके ब्रेस्ट का सेप खराब हो जाता है और वो लटकने लगते हैं। पर ऐसा कुछ नहीं होता है। दरअसल जब तक मां स्तनपान करवाती है, तभी तक ऐसा होता है क्योंकि स्तनों में लगातार दूध रहता है। पर बच्चे के बड़े होने के बाद ये अपने पहले जैसे साइज में आने लगते हैं।

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2. बिना स्तनपान कराए भी बच्चे स्वस्थ होते हैं

किसी भी मां के लिए यो सोचना कि बिना स्तनपान कराए बच्चा स्वस्थ रहेगा, तो ऐसी मांएं गतल सोच रही हैं। दरअसल किसी भी शिशु के लिए स्तनपान करवाना बेहद जरूरी है। इससे उनका विकास ही नहीं होता, बल्कि स्तनपान से मां और बच्चे के बीच एक संबंध बनाता है। इसके अलावा ये कई स्वास्थ्य कारणों से भी जरूरी है। इसलिए अपने स्तनों के साइज और सेप को छोड़े और अपने बच्चे की जरूरतों तो समझें और उसी के अनुसार काम करें। इससे कम से आपका बच्चा भविष्य के लिए भी सेफ हो जाएगा। 

3. बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो स्तनपान बंद कर दें

हर बच्चा अलग होता है और इसलिए उनकी जरूरतें भी होती हैं। कुछ लोग स्तनपान के लिए सहज नहीं होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपने बच्चे को स्तनपान न करवाएं। वास्तव में, अमेरिकन एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक्स एक वर्ष के लिए बच्चे को स्तनपान कराने की सलाह देता है और जब तक माँ और बच्चे चाहें तब तक जारी रखें। यह आपकी मां, बहन या सबसे अच्छे दोस्त ने कितनी देर तक किया है इससे आपका कोई मतलब नहीं है। आप अपने बच्चे को जब तक चाहे स्तनपान करा सकते है।

4. बच्चे की मांग पर स्तनपान करवाने से आपका बच्चा खराब हो जाएगा

शिशुओं की बहुत मांगे होती हैं और इसमें हेरफेर किया जा सकता है। आप इतने छोटे बच्चे को बिगाड़ नहीं सकते। कुछ नए जन्मे बच्चे अक्सर 1.5 घंटे और कुछ 3 घंटे तक स्तनपान करते हैं। एक दिन में एक नए जन्मे बच्चे को 8 - 12 बार स्तनपान करवाना पड़ता है। इसलिए ये सोचना गलत होगा कि अगर आप अपने बच्चे को स्तनपान हमेशा उनके रोने पर करवाती रहीं, तो उन्हें इसकी आदत लग जाएगी। इस तरह की सोच में न रखें। आमतौर पर तीन साल की उम्र तक के बच्चे स्तमपान करते हैं। 

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5. बच्चे का पेट भरा हुआ है, स्तनपान न करवाएं

स्तनपान कराने वाली मां मुश्किल से पर्याप्त नींद ले पाती हैं। संभवत, उनके पास इस बात का सटीक सुराग नहीं होता है कि उनका बच्चे का पेट कब भरा हुआ है। पर एक नई मां के लिए आराम करना भी जरूरी है। पर वहीं वो परेशान भी होती हैं कि उनका बच्चा कहीं भूखा तो नहीं या उन्हें कोई परेशानी तो नहीं। ऐसे में मां को लगता है कि बच्चे ने दूध पी लिया है और वो इसे भूलने लगती हैं।

बच्चे को स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया जा सकता है कि वह भूखा है भी है नहीं। लेकिन माँ के लिए ये आसान है और उन्हें ये जानना सीखाना चाहिए। एक नई मां के लिए ये एक चैलेंच के जैसा हो सकता है।

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