कई कारणों से होता है वजाइना के आसपास कालापन, जानें इसे दूर करने के नैचुरल तरीके

क्या आप अपनी वजाइना के गहरे रंग की वजह से चिंतित हैं? तो परेशान न हो। पहले इसके कारणों को जान लें और फिर इसका उपाय करें।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Aug 03, 2021 17:09 IST
कई कारणों से होता है वजाइना के आसपास कालापन, जानें इसे दूर करने के नैचुरल तरीके

वजाइना एक महिला के शरीर का सबसे नाजुक हिस्सा है और वजाइना शरीर के अन्य हिस्सों के रंग की तुलना में अधिक गहरा प्रतीत होता है। यह एक आम समस्या है और बाजार में इसके गहरे रंग को हल्का करने के कई तरह की चीजें उपलब्ध है। पर ये उपचार त्वचा को गोरा करने के बजाय त्वचा को और गाढ़ा बना सकते हैं। वजाइना के क्षेत्र का काले होने के पीछे के कुछ आम कारणों में से एक है बाल हटाने वाली क्रीम, तंग कपड़े, त्वचा संक्रमण, विटामिन की कमी, आनुवंशिकता, उम्र बढ़ने और मोटापा है। वहीं वजाइना को प्राकृतिक रूप से सफेद करने के आसान घरेलू उपचारों भी हैं, पर इससे पहले वजाइनल एरिया के डार्कनिंग के अन्य कारणों से विस्तार से जान लेते हैं।

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वजाइनल एरिया में डार्कनिंग के 5 अहम कारण-Why Your Vaginal Skin Is Darkening In Hindi 

1. हार्मोनल परिवर्तन

महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों में शरीर में विभिन्न हार्मोनल परिवर्तन होते हैं। ये उतार-चढ़ाव वजाइना और उसके आसपास के क्षेत्र को भी प्रभावित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिकी कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार जवानी के दौरान, शरीर में एस्ट्रोजन में अचानक वृद्धि वजाइना को काला कर सकती है। वास्तव में 30 से 40 के उम्र के अंत में, मेनोपॉज तक जाते जातेएस्ट्रोजन की कमी होने लगती है। इस वजह से लड़कियां जैसे-जैसे बड़ी हो रही होती हैं, वो अपने वजाइनल एरिया में डार्कनिंग महसूस कर सकती हैं।

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2. पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम (पीसीओएस)

हार्मोनल परिवर्तनों की बात करते हुए, हम पीसीओएस को कैसे भूल सकते हैं। यह स्थिति, जिसमें छोटे अल्सर अंडाशय में विकसित होते हैं, शरीर के अंदर एक हार्मोनल उन्माद पैदा कर सकते हैं। इसके परिणामअतिरिक्त एण्ड्रोजन (पुरुष होर्मोन), जो एस्ट्रोजन के स्तर को प्रभावित करता है और आपके वजाइनल एरिया को काला कर देता है। इससे बचने का एक उपाय यही है कि आप पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम के कारण और लक्षणों का जानें और उससे बचे रहने की कोशिश करें।

3. इंफेक्शन के कारण

कई बार, वल्वा के आसपास का क्षेत्र फंगल इंफेक्शन हो सकता है, जो वजाइना पर गहर रंग के पैच को छोड़ सकता है। वहीं त्वचा विशेषज्ञ की मानें को ज्यादातर फंगल इंफेक्शन इसे वाइटनिंग करने वाले प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने के कारण भी होता है। इसलिए कभी भी वजाइनल एरिया को साफ करने से पहले या शेविंग से पहले उस उत्पाद और उसके पीएच वैल्यू के बारे में अच्छे से जान लें। इससे बेहतर होगा कि आप घर में बनी हुई चीजों का इस्तेमाल।

4. इंसुलिन प्रतिरोध

यह भी बताते हैं कि जब कुछ लोग का वजन ज्यादा बढ़ने लगता है, तो उन्हें इंसुलिन प्रतिरोध का एक रूप का अनुभव हो सकता है। जिसके परिणामस्वरूप ऐसी स्थिति हो सकती है जिसे एकैनथोसिस निग्रिकन्स कहा जाता है। इसमें, वल्वा के आसपास का क्षेत्र, विशेष रूप से आंतरिक जांघ में कालापन आ जाता है। इससे बचने का एक सबसे आसान उपाय ये है कि न ज्यादा मीठा खाएं, न ही ज्यादा नमक।

5. शारीरिक कारक

गंभीर हार्मोनल मुद्दों को एक तरफ, कई भौतिक कारक जैसे आपके टाइट कपड़े पहने के कारण हिस्सों में वेंटिलेशन की कमी हो सकती है। इसके कारण आपके नीचले हिस्से में पसीना हो सकता है।

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वजाइना के कालेपन को दूर करने का प्राकृतिक तरीके-

  • एलोविरा जैल को हल्दी में मिला कर इस्तेमाल करें।
  • दही से वजाइनल एरिया को धोएं।
  • अंडे का करें इस्तेमाल।
  • कच्चा दूध लगाएं।
  • खीरा पीस कर वजाइनल एरिया में लगाएं।
इसके अलावा सभी प्रकार के फंसे बैक्टीरिया बंद कपड़ों में और तेजी से बढ़ने लगते हैं और इससे भी आपकी जांघ काले रंग की हो सकती है। वहीं जांघों के बीच का घर्षण भी आपके अंतरंग क्षेत्र में गहरे रंग का योगदान दे सकता है। इसलिए कोशिश करें कि वजन कम रखें और ज्यादा टाइट कपड़े न पहनें।

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