Pariksha Pe Charcha 2020: परीक्षा के तनाव को कम करने के 5 'मोदी मंत्र', जरूर जानें

Pariksha Pe Charcha 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को परीक्षा पे चर्चा के तीसरे सत्र में छात्रों को संबोधित किया, छात्रों का मनोबल बढ़ाया।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Jan 20, 2020
Pariksha Pe Charcha 2020: परीक्षा के तनाव को कम करने के 5 'मोदी मंत्र', जरूर जानें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) छात्रों और बच्‍चों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। वह कभी 'मन की बात' के माध्‍यम से तो कभी दूसरे मंच से बच्‍चों का उत्‍साहवर्धन करते रहते हैं। आज, सोमवार को पीएम मोदी (PM Modi) ने 'परीक्षा पे चर्चा' (Pariksha Pe Charcha 2020) के माध्‍यम से छात्रों में परीक्षा के भय और तनाव को दूर करने व उनमें आत्‍मविश्‍वास बढ़ाने के लिए टिप्‍स दिए। उन्‍होंने अपने अनुभवों के माध्‍यम से छात्रों मे होने वाले परीक्षा के तनाव (Exam Stress) को कम करने का प्रयास किया।  

पीएम मोदी ने न सिर्फ छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के साथ भी अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य यह है कि छात्र तनावमुक्‍त रहकर आगामी परीक्षाओं को सफल बना सकें। 'परीक्षा पे चर्चा' का यह तीसरा सत्र दिल्‍ली के तालकटोरा स्‍टेडियम में आयोजित किया गया, जहां 2 हजार से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। इस कार्यक्रम में एक हजार छात्र ऐसे थे, जिन्‍हें निबंध प्रतियोगिता में चयनित होने के बाद उन्‍हें यहां सम्मिलित किया गया था। इस दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' भी मौजूद रहे। 

परीक्षा पे चर्चा: परीक्षा के तनाव को कैसे कम करें (How to Reduce Exam Stress in Hindi)

1: प्रधानमंत्री मोदी से राजस्थान की एक छात्रा ने पहला सवाल पूछते हुए कहा, 'बोर्ड परीक्षा के बारे में सुनते ही हमारा मूड ऑफ हो जाता है तो हम कैसे अपने आपको परिश्रम करने के लिए प्रेरित करें।' जवाब में पीएम ने कहा, क्या हमने कभी सोचा है कि मूड ऑफ क्यों होता है? खुद की वजह से या बाहर की वजह से? मोदी ने कहा, 'घड़ी देखकर पढ़ाई करने से गड़बड़ शुरू होती है।'  

2: पीएम मोदी ने क्रिकेट मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि, '2001 में कोलकाता में इंडिया और ऑस्ट्रेलिया का मैच था, फटाफट हमारे विकेट गिरने लगे, सारा माहौल निराशा का था, आपको याद होगा राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने मैदान में जो कमाल किया, सारी परिस्थिति बदल दी और मैच जीतकर आ गए, एक संकल्प कैसे हार सकता है।'

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3: एक छात्र ने सवाल पूछा कि, परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए हम कितना ध्यान लगाएं और क्या अंकों से सफलता को मापा जा सकता है? इस पर पीएम ने कहा, 'आज जिंदगी बदल चुकी है। अंक पड़ाव हैं लेकिन ये जिंदगी है और अंक ही सब कुछ है, ये नहीं मानना चाहिए। हमें इस सोच से बाहर आना चाहिए। बच्चों के माता-पिता से गुजारिश करूंगा कि वो बच्चों पर प्रेशर न डालें। बच्चों को उनके मन की भी करने दें।'

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4: पीएम मोदी ने कहा, 'स्मार्टफोन आपका समय चुराता है। आप 10 मिनट अपने दादा-दादी, मां-बाप व परिवार के अन्य लोगों के साथ भी वक्त बिताओ। टेक्नोलॉजी की बुराई से बचना चाहिए। टेक्नोलॉजी को खुद पर हावी न होने दें।'

5: प्रधानमंत्री ने कहा, '10वीं-12वीं के छात्रों से कहना चाहूंगा कि आप कुछ देर के लिए कुछ अलग भी कीजिए। सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं दीजिए, माइंड फ्रेश करने के लिए और भी कुछ करिए।'

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