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दाद की समस्या दूर करती है आयुर्वेद‍िक औषधि पवांड, जानें इस्तेमाल का तरीका

दाद की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप आयुर्वेद‍िक तरीका आजमा सकते हैं, पवांड एकऔषधि है ज‍िसे दाद और खुजली को दूर करने के ल‍िए यूज कर सकते हैं

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 23, 2022Updated at: Jun 23, 2022
दाद की समस्या दूर करती है आयुर्वेद‍िक औषधि पवांड, जानें इस्तेमाल का तरीका

आयुर्वेद में शारीर‍िक समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए कई ऐसी जड़ी-बूट‍ियां मौजूद हैं ज‍िनसे आपको फायदा म‍िल सकता है। ऐसी ही एक जड़ी-बूटी का नाम है पवांड (Pavaand)। पवांड को चकवड़, चक्रमर्द के नाम से भी जाना जाता है वहीं अंग्रेजी में पवांड को वाइल्‍ड सैना (Wild Senna) भी कहा जाता है। पवांड को दाद की समस्‍या दूर करने में फायदेमंद माना जाता है। दांत और चर्म रोग की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए पवांड एक चमत्‍कारी  औषधि है। इस लेख में हम दाद की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए पवांड को इस्‍तेमाल करने का तरीका जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की। 

ringworm pavaand use

दाद की समस्‍या से न‍िजात द‍िलाती है पवांड औषधि (Pavaand helps to cure ringworm)

दाद की समस्‍या को दूर करने में पवांड  औषधि फायदेमंद मानी जाती है। दाद या र‍िंगवॉर्म एक फंगल इंफेक्‍शन है जो हमारी त्‍वचा के ऊपरी परत पर व‍िकस‍ित होता है। ये द‍िखने में लाल गोलाकर चकत्ते के रूप में होता है। दाद होने पर आपको खुजली भी हो सकती है। अंग्रेजी में इसे टिनिया कॉर्पोरिस (Tinea Corporis) भी कहा जाता है। वैसे तो दाद के ल‍िए डॉक्‍टर एंटीफंगल दवा या क्रीम देते हैं पर आयुर्वेद‍िक उपाय में पवांड के इस्‍तेमाल से भी दाद की समस्‍या को दूर क‍िया जाता है। इस समय गर्मी का सीजन है और अभी ज्‍यादा पसीना आने के कारण दाद तेजी से फैलता है इसल‍िए आपको लक्षणों पर गौर करना चाह‍िए। दाद होने पर खुजली, जलन, लाल चकत्ते, परतदार, उभरा हुआ न‍िशान नजर आ सकता है। 

इसे भी पढ़ें- अगर आप भी दाद-खाज से परेशान हैं, तो जानें क्‍या हैं इसके कारण, लक्षण और उपचार   

पवांड का इस्‍तेमाल कैसे करें? (How to use pavaand for ringworm)

दाद का आयुर्वेद‍िक इलाज कई तरीकों से क‍िया जाता है, जानते हैं  पवांड से इसे कैसे ठीक कर सकते हैं-   

  • पवांड के बीज का इस्‍तेमाल खुजली या सूजन की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है। ज‍िन लोगों को खुजली की समस्‍या है वो इसके पत्‍तों को साग की तरह खा सकते हैं पर आप डॉक्‍टर की सलाह पर इसका सेवन करें। 
  • पवांड के 20 ग्राम बीजों को पीसकर, उसमें हल्‍दी म‍िलाकर दाद पर लगाने से खुजली से छुटकारा म‍िलता है। 
  • पवांड की जड़ को पानी में म‍िलाकर काढ़ा बनाकर पीने से भी आराम म‍िलता है। 
  • पवांड के पत्‍तों को पीसकर आप इसे दाद पर लगाएंगे तो आपको रोग में फर्क महसूस होगा।
  • आरोग्यवर्धिनी वटी को पवांड के पत्‍ते के रस के साथ म‍िलाकर लगाने से भी लाभ म‍िलता है। 
  • पवांड के पत्‍तों को पीसकर उसे दही में म‍िलाकर लगाने से भी दाद की समस्‍या दूर होती है। 
  • अमलतास के साथ पवांड के बीजों को पीसकर उसे दाद पर लगाने से भी लाभ म‍िलेगा। 

पवांड के नुकसान (Side effects of pavaand)

  • क‍िसी भी व्‍यक्‍त‍ि को नैचुरल जड़ी-बूटी को अपनी डाइट में एड करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह जरूर लेनी चाह‍िए।  
  • जो मह‍िलाएं गर्भवती हैं वो पवांड का सेवन न करें। 
  • बच्‍चों के ल‍िए पवांड का सेवन हान‍िकारक हो सकता है।
  • अगर आप क‍िसी गंभीर स्‍क‍िन रोग या बीमारी का श‍िकार हैं तो डॉक्‍टर की सलाह के बगैर पवांड का इस्‍तेमाल न करें।

दाद होने पर क्‍या न करें?

  • दाद होने पर आप अपने शरीर को गंदा न रखें, साफ-सफाई पर गौर करें।
  • नंगे पैर क‍िसी स्‍थान पर न जाएं।
  • हाथों को क‍िसी सरफेस को छूने के बाद अच्‍छी तरह क्‍लीन करें।    
  • अपने तौल‍िए, साबुन को क‍िसी के साथ शेयर न करें।
  • बासी या खराब खाना खाने से आपको बचना चाह‍िए। 

दाद की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए पवांड का इस्‍तेमाल फायदेमंद है पर आपको इसके ओवरडोज से बचना चाह‍िए। इसका ज्‍यादा इस्‍तेमाल सेहत के ल‍िए हान‍िकारक हो सकता है। 

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