कोकोनट ऑयल या ऑलिव ऑयल, हार्ट के लिए कौन सा तेल है ज्यादा फायदेमंद?

कुकिंग में कोकोनट ऑयल या ऑलिव ऑयल में से किसका प्रयोग बेहतर है, अगर इस बात को लेकर मन में संशय है तो पढ़ें यह आर्टिकल।

Monika Agarwal
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Monika AgarwalPublished at: Aug 20, 2022Updated at: Aug 20, 2022
कोकोनट ऑयल या ऑलिव ऑयल, हार्ट के लिए कौन सा तेल है ज्यादा फायदेमंद?

हेल्दी और फिट जीवन जीने के लिए खान-पान का ध्यान जरूर रखना जरूरी होता है। खासकर, जिस ऑयल का आप खाना बनाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं उसका सही होना बहुत जरूरी होता है। आजकल बाजार में बहुत प्रकार के कुकिंग ऑयल उपलब्ध हैं। इसलिए आम लोगों को बहुत परेशानी होती है कि कौन-सा ऑयल इस्तेमाल करना चाहिए और कौन सा नहीं। इस लेख में हम आपको कोकोनट ऑयल और ऑलिव ऑयल के बीच अंतर बताने जा रहे हैं। इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि खाना बनाने के लिए नारियल और ऑलिव ऑयल में से कौन-सा तेल अधिक फायदेमंद होता है।

वर्जिन ऑलिव ऑयल में पोषक तत्व

एक चम्मच एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में 120 कैलोरीज, 14 ग्राम टोटल फैट, दो ग्राम सैचुरेटेड फैट, 10 ग्राम मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड, 1.5 ग्राम पोली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स और जीरो कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है।

वर्जिन कोकोनट ऑयल में पोषक तत्व

एक चम्मच वर्जिन कोकोनट ऑयल में 120 कैलोरीज, 14 ग्राम टोटल फैट, 13 ग्राम सैचुरेटेड फैटी एसिड, एक ग्राम मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड, जीरो ग्राम पोली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड और जीरो कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है।

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ऑलिव ऑयल के फायदे- Olive Oil benefits in Hindi

स्मोकिंग प्वाइंट

ऑलिव ऑयल का स्मोकिंग प्वाइंट 250 डिग्री फारेनहाइट होता है। इससे ज्यादा हाई तापमान पर ऑलिव ऑयल को हीट नहीं किया जा सकता है।

मोनो सैचुरेटेड फैट

ऑलिव ऑयल में मोनो और पोली अनसैचुरेटेड फैट होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए लाभकारी माने जाते हैं। मोनो अनसैचुरेटेड फैट एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करने में मदद करता है।

एंटीऑक्सीडेंट्स

ऑलिव ऑयल में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते है। इसलिए ऑलिव ऑयल का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल का जोखिम कम होता है।

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नारियल के तेल फायदे- Coconut Oil Benefits in Hindi

स्मोकिंग प्वाइंट

नारियल के तेल का स्मोकिंग प्वाइंट ऑलिव ऑयल के स्मोकिंग प्वाइंट से ज्यादा होता है। आप इसे 350 डिग्री फोरनहाइट पर कुक कर सकते हैं। इसलिए यह तेज तापमान पर कुक होने वाली चीजों के लिए एकदम सही है।

सैचुरेटेड फैट

नारियल के तेल में सैचुरेटेड फैट केवल मॉलिक्यूल्स के फॉर्म में पाया जाता है, जिसे मीडियम चैन ट्री ग्लाइसराइड कहा जाता है। सैचुरेटेड फैट को इसलिए खराब बताया जाता है क्योंकि इससे दिल की बीमारियों का रिस्क बढ़ता है। लेकिन स्टडीज के मुताबिक नारियल के तेल में सैचुरेटेड फैट से दिल की बीमारियों का रिस्क कम ही होता है।

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एंटीऑक्सीडेंट्स

नारियल के तेल में भी कुछ खास प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। लेकिन ये एंटीऑक्सीडेंट्स उतने प्रभावी नहीं होते हैं, जितने ऑलिव ऑयल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।

कौन सा ऑयल ज्यादा हेल्दी है? 

ऑलिव ऑयल को नारियल तेल के मुकाबले ज्यादा हेल्दी माना जाता है। इसके पीछे बहुत से कारण हैं। सबसे पहली बात, तो यह मेडिटेरेनियन डाइट में शामिल है जिसे सबसे ज्यादा हेल्दी डाइट माना जाता है। यह हृदय रोगों का रिस्क कम करता है। इसके अलावा कैंसर, डायबिटीज और वजन कम करना जैसी समस्याओं में भी ऑलिव ऑयल लाभकारी माना जाता है।

आप इनमें से किसी भी ऑयल का प्रयोग कर सकते हैं। मात्रा का ध्यान रखना दोनों में ही काफी जरूरी होता है। सलाद के लिए ऑलिव ऑयल का प्रयोग किया जा सकता है और डीप फ्राइंग आदि के लिए नारियल के तेल का प्रयोग किया जा सकता है।

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