क्या केरल में फैल रहा 'नोरोवायरस' है कोरोना वायरस जैसा संक्रामक और खतरनाक? जानें इसके बारे में जरूरी बातें

केरल के वायनाड में इन दिनों नोरोवायरस फैल रहा है। इस वायरस के लक्षण कोरोना वायरस जैसे ही हैं, लेकिन क्या ये उतना ही खतरनाक है? जानें एक्सपर्ट से।

Satish Singh
Written by: Satish SinghPublished at: Jul 20, 2021Updated at: Nov 17, 2021
क्या केरल में फैल रहा 'नोरोवायरस' है कोरोना वायरस जैसा संक्रामक और खतरनाक? जानें इसके बारे में जरूरी बातें

कोरोना वायरस के बाद अब केरल में सामने आ रहे नोरोवायरस (Norovirus) के मामलों से स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। हालांकि ये वायरस कोरोना जितना खतरनाक नहीं है, लेकिन संक्रामक जरूर है। केरल के वायनाड में अब तक नोरोवायरस के 15 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। पिछले दिनों ही यहां के वायनाड कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज के 13 छात्रों में कोरोना जैसे लक्षणों के बाद जब जांच की गई, तो पता चला कि वे सभी नोरोवायरस से संक्रमित हैं। पिछले दिनों यही नोरोवायरस यूके में भी फैला था। वैज्ञानिकों के अनुसार यह वायरस गर्मी के साथ ठंडे तापमान में खुद को जीवत रखता है, यहां तक कि डिटर्जेंट के कपड़ों को धोने के बावजूद भी खत्म नहीं होता। डॉक्टर मरीज के लक्षणों को देखते हुए इलाज करते हैं। इस आर्टिकल में हम नोरोवायरस से जुड़ी तमाम बातों पर चर्चा करते हैं, इसके लक्षण, इससे बचाव सहित यह बीमारी एक से दूसरे में कैसे फैलती है इसके बारे में जानते हैं।

कोरोना की ही तरह फैलता है नोरोवायरस

ईएसआई घाटशिला के कोरोना वार्ड के हेड और पीडिएट्रिक कंसल्टेंट डॉ. अभिषेक मुंडू बताते हैं कि इस वायरस नॉरवॉक वायरस (Norwalk Virus) पैथोजन है। इसे स्टमक फ्लू कहते हैं, वहीं डॉक्टरी भाषा में गैस्ट्रोएंट्राइटिस कहा जाता है। यह बीमारी यूके में काफी सामान्य है। इस बीमारी से डेथ रेट भी काफी ज्यादा होता है। नोरोवायरस काफी हद तक कोरोनावायस से मिलती-जुलती बीमारी है। कफ, डायरिया, उल्टी के साथ जी मचलाना और पेट में क्रैंप आदि बीमारी के सामान्य लक्षण हैं। इस बीमारी का न तो वैक्सीन है और न ही दवा। इसलिए विशेषज्ञ बीमारी के लक्षणों को देखते हुए मरीज का उपचार करते हैं। नोरोवायरस ज्यादा ठंड से लेकर गर्मी में जीवित रहता है। यह पानी, खाने-पीने की चीजों से फैलता है। इसलिए इससे बचाव के लिए सुरक्षा ही एकमात्र उपाय है। कोशिश करें कि हाथों को धोकर खाना बनाए, हाथों को नियमित धोते रहें, हैंड सैनेटाइजर का उपयोग करें। घर, होटल और ऑफिस के फ्लोर को नियमत तौर पर साफ रखें।

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गर्म और ठंडे दोनों तापमान में रहता है जीवित

एक्सपर्ट डॉ. अभिषेक मुंडू बताते हैं कि विदेशों में इस बीमारी से काफी संख्या में लोगों की मौत तक हुई है। उल्टी या डायरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। वहीं एक से दूसरे को होना काफी ज्यादा आसान हैं। इस बीमारी का वायरस जिद्दी किस्म का है। वायरस ठंडे तापमान के साथ गर्म तापमान में खुद को जीवित रख सकता है और उसके बाद यदि कोई उसके संपर्क में आए तो उसे भी नोरोवायरस की बीमारी हो सकती है। 145 डिग्री के तापमान पर खाना पकाया जाए फिर भी यह वायरस नहीं मरता है, फलों व सब्जियों का कच्चा सेवन किया जाए तो उससे यह वायरस एक से दूसरे में आसानी से फैल सकता है। यह वायरस भी कोरोना की तरह ही जानलेवा हो सकता है।

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संक्रमित व्यक्ति कई लोगों को फैला सकता है बीमारी

उल्टी और डायरिया नोरोवायरस या स्टमक फ्लू के मुख्य लक्षण हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति काफी संख्या में दूसरों को भी बीमार कर सकता है। क्योंकि यह कम्युनिकेबल डिजीज (संक्रामक बीमारी) यानि एक से दूसरे को फैलने वाली बीमारी की श्रेणी में आती है। साफ-सफाई रखकर काफी हद तक बीमारी से सुरक्षित रहा जा सकता है।

जानें कैसे होती है यह बीमारी, कैसे करें बचाव

  • अगर किसी को नोरोवायरस है तो उस व्यक्ति के साथ में रहने से या उसके आसपास रहने कारण भी बीमारी हो सकती है
  • नोरावायरस का संक्रमण खाने-पीने की चीजों से भी फैल सकता है।
  • यदि संक्रमित आदमी ने कहीं छींका और उसमें मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स फ्लोर पर गिर गए, फिर उसी जगह पर किसी दूसरे व्यक्ति ने हाथ रखकर अगर अपने मुंह या चेहरे को छू ले तो उसके कारण भी बीमारी फैल सकती है
  • एक ही आदमी को नोरावायरस होने के बाद दोबारा यह बीमारी हो सकती है। क्योंकि इस बीमारी के कई प्रकार हैं।

नोरोवायरस के लक्षण (Symptoms of Norovirus in Hindi)

बीमारी के होने से मरीज को उल्टी, डायरिया और दूषित भोजन खाने से पैदा हुई बीमारी के लक्षण दिखते हैं, जिनमें ;

  • बुखार आना
  • सिर दर्द
  • पूरे शरीर में दर्द
  • पेट दर्द या पेट में मरोड़े उठना
  • जी मचलाना
  • उल्टी
  • डायरिया के लक्षण

नोरोवायरस को स्टमक फ्लू और गेस्ट्रोएंट्राइटिस भी कहा जाता है। डॉ. अभिषेक बताते हैं कि इस बीमारी में जीआई (गेस्ट्रोएंट्राइटिस) के लक्षण दिखते हैं। अगर बीमारी का शुरुआत में ही इलाज न किया जाए तो मरीज के शरीर में पानी की कमी हो सकती है। अंतड़ियों में सूजन हो सकता है और मरीज को डिहाईड्रेशन हो सकता है। वैसे लोग जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है, जैसे कि बच्चे, बुजुर्ग और वैसे व्यस्क लोग जो किसी बीमारी से ग्रसित हैं उनको यह बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है। वैसे लोग जिनकी प्रतिरोधक क्षमता अधिक है उन्हें यह बीमारी होने की कम संभावना रहती है।

बच्चों में दिखते हैं डिहाईड्रेशन (पानी की कमी) के लक्षण

  • खड़े होकर काम करने पर चक्कर आना
  • मुंह और गले का सूखापन
  • बार-बार पेशाब लगना

छोटे बच्चों को अगर यह बीमारी हो गई तो बच्चों में डिहाईड्रेशन के लक्षण दिखेंगे। सामान्य बच्चा अगर रोता है तो उसकी आंखों से आंसू निकलता है, लेकिन इस बीमारी से ग्रसित कोई बच्चा अगर बीमार पड़ा तो उसके आंख से कम पानी निकलेगा या फिर निकलेगा ही नहीं।

संक्रमित खाने से भी फैल सकती है बीमारी

नोरोवायरस के कीटाणु आसानी के खाने-पीने की चीजों को दूषित कर सकते हैं। नोरोवायरस से संक्रमित व्यक्ति यदि किचन में खाना बनाए तो उससे दूसरों को बीमारी होने की संभावना अधिक होता है। अगर किचन में छींक दे वायरस फैल सकता है। छींकने और खांसने के कारण वायरस के छोटे-छोटे कण हवा में रहते हैं, उसके संपर्क में कोई आ जाए तो उसे भी बीमारी हो सकती है। इसके अलावा फसलों को पानी देने के लिए टैंकर में किसी संक्रमित का वायरल चला गया और फसलों में पानी का छिड़काव कर दिया तो उसके कारण भी बीमारी फैल सकती है। इसका वायरस काफी दिनों तक जीवित रहता है।

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नोरोवायरस से ऐसे करें बचाव (Prevention Tips for Norovirus in Hindi)

आप अपनी आदतों में सुधार लाकर खुद के साथ दूसरों को भी इस बीमारी से बचा सकते हैं।

  • कोरोनाकाल में जैसे हम अपने हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते थे उसी आदत को बनाए रखना
  • कुछ भी खाने के पहले या फिर अपने चेहरे और मुंह को छूने के पहले हाथों को अच्छे सैनेटाइज (एलकोहल बेस्ड) करना होगा या फिर साबुन-पानी से धोना होगा
  • खाना बनाने से पहले और खाने के पहले हाथों को अच्छी तरह से हाथों को धोना जरूरी है
  • मास्क का प्रयोग करें
  • टायलेट करने के बाद या फिर बच्चों का डायपर बदलने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए
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खाना बनाने के वक्त सुरक्षा का रखें ख्याल

किचन में यदि सुरक्षा न बरती जाए तो दूसरे भी बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए यहां इन बातों का ख्याल रखना जरूरी है;

  • जो भी बीमार है उसे किचन में नहीं जाना चाहिए
  • यदि खाना बनाने वाला ही बीमार है तो उसे खाना नहीं बनाना चाहिए, घर के साथ होटलो और रेस्टोरेंट में भी इस बात का ख्याल रखना चाहिए
  • खाना बनाने के पहले फल व सब्जियों को धोना चाहिए
  • किचन में बिना किसी काम के दूसरों को नहीं आने देना चाहिए

घर-ऑफिस और प्राइवेट प्लेस की सफाई जरूरी

बीमारी से पीड़ित व्यक्ति यदि घर, ऑफिस या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर उल्टी कर दे तो उस जगह को साफ करना जरूरी होता है। फ्लोर की सफाई के लिए जरूरी है कि क्लोरीन ब्लीच सॉल्यूशन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। क्योंकि यह वायरस काफी खतरनाक है और आसानी से नष्ट नहीं होता है।

क्या नोरोवायरस का इलाज है? (Treatment of Norovirus in Hindi)

नोरोवायरस से पीड़ित लोगों का इलाज करने के लिए कोई दवा मौजूद नहीं है। डॉ. अभिषेक बताते हैं कि मरीज के लक्षणों को देखकर ही उसका इलाज किया जाता है। बीमारी के होने से शरीर में पानी की कमी यानि डिहाईड्रेशन हो जाता है। शरीर में कमजोरी न आए इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और बीमारी को नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने पर कई केस में मरीज को पानी (इंट्राविनस और आईवी फ्लूड- intravenous or IV fluids) तक चढ़ाना पड़ता है।

बीमारी नई है और इसका इलाज भी नहीं है, ऐसे में बचाव ही है सुरक्षा

बीमारी नई होने के कारण इसकी दवा व बचाव नहीं है। जितना संभव हो बीमारी से बचाव के लिए नियमित तौर पर हाथ धोते रहें ताकि कोरोनावायरस की ही तरह इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सके। घर के बाहर निकलें तो मास्क पहनें, हाथों को समय-समय पर सैनेटाइजर से धोते हैं। यदि शरीर में इस बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो उसे नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टरी सलाह लें। बीमारी के होने पर उल्टी व डायरिया प्रारंभिक लक्षणों में से एक हैं ऐसे में जितना संभव हो ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

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