Monkeypox वायरस से जुड़े इन 6 मिथकों पर न करें भरोसा

Monkeypox Virus Myths: मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कई भ्रामक बातें शेयर की जारी हैं, जानें इस वायरस से जुड़े फैक्ट्स।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Aug 03, 2022Updated at: Aug 03, 2022
Monkeypox वायरस से जुड़े इन 6 मिथकों पर न करें भरोसा

Monkeypox Virus Myths: दुनियाभर के 20 से ज्यादा देशों में फैल चुके मंकीपॉक्स संक्रमण को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैश्विक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। भारत में भी मंकीपॉक्स संक्रमण की दस्तक हो चुकी है। इन सबके बीच एक बार फिर से सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर अफवाहों का दौर चल पड़ा है। सोशल मीडिया पर मंकीपॉक्स को लेकर शेयर की जा रही जानकारियां सही हो यह जरूरी नहीं है। मंकीपॉक्स संक्रमण से बचाव के लिए आपको सही जानकारी होना जरूरी है। कई बार लोग भ्रामक या गलत जानकारी पर भरोसा कर लेते हैं, जिसकी वजह से आगे चलकर कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं मंकीपॉक्स वायरस से जुड़ी भ्रामक बातें और उनकी सच्चाई।

मंकीपॉक्स वायरस से जुड़े मिथ और उनकी सच्चाई- Monkeypox Virus Myths Facts in Hindi

मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित होने के बाद दिखने वाले लक्षण चेचक के लक्षणों जैसे होते हैं। इस वजह से भी लोग मंकीपॉक्स संक्रमण को समझने में चूक जाते हैं। मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर दिखने वाले कुछ प्रमुख लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, स्किन पर उभरे हुए दानें, सिरदर्द आदि शामिल हैं। आमतौर पर ये लक्षण कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर भी दिखाई देते हैं। मंकीपॉक्स वायरस से जुड़ी सही जानकारी होने से आप इस संक्रमण की चपेट में आने से बच सकते हैं। मंकीपॉक्स संक्रमण के फैलने के बाद से ही सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कुछ भ्रामक बातें वायरल हो रही हैं, आइए जानते हैं मंकीपॉक्स से जुड़े मिथ और फैक्ट्स।

Monkeypox Virus Myths Facts

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1. मंकीपॉक्स एक नया वायरस है

मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर ये बात भी तेजी से फैल रही है, कि यह एक नया वायरस है। लेकिन सच्चाई यह कि मंकीपॉक्स एक पुराना वायरस है, जो सबसे पहले अफ्रीकी देशों में देखने को मिला था। मंकीपॉक्स एक जूनोटिक बीमारी है, जो बंदरों से इंसानों में फैली है।

2. मंकीपॉक्स बहुत ज्यादा संक्रामक बीमारी है

मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर लोगों में यह डर भी तेजी से फैल रहा है, कि यह संक्रमण बहुत ज्यादा खतरनाक और जानलेवा है। दरअसल यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए इसको लेकर लोगों में और ज्यादा डर है। हालांकि कोरोना वायरस संक्रमण की तुलना में मंकीपॉक्स कम खतरनाक है। लेकिन इस संक्रमण में लापरवाही भारी पड़ सकती है।

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3. समलैंगिक पुरुषों से फैलता है मंकीपॉक्स

मंकीपॉक्स संक्रमण से जुड़ी एक चौंकाने वाली बात यही है कि समलैंगिक या गे पुरुषों से यह वायरस तेजी से फैल रहा है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में ब्रिटेन और अमेरिका समेत कुछ देशों में गे पुरुषों में यह संक्रमण ज्यादा देखा गया था। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सेंटर (सीडीसी) ने मंकीपॉक्स को यौन संचारित नहीं माना है।

4. चेचक के टीके से मंकीपॉक्स में कोई फायदा नहीं मिलता है

मंकीपॉक्स और चेचक दोनों ही संक्रमण एक जैसे ही होते हैं। पहले यह माना जाता था कि चेचक के टीके से मंकीपॉक्स संक्रमण में 80 प्रतिशत सुरक्षा मिल सकती है। लेकिन हाल-फिलहाल के आंकड़ों को देखते हुए इस पर भरोसा करना मुश्किल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन या किसी दूसरी संस्था ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है।

5. मंकीपॉक्स का कोई इलाज नहीं है

मंकीपॉक्स को लेकर एक बात जो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा प्रचलित है, उसमें यह सबसे प्रमुख है। हालांकि मंकीपॉक्स का कोई फिक्स इलाज नहीं है, आमतौर पर मरीज 21 दिन के भीतर अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। कई मामलों में डॉक्टर लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए इलाज करते हैं।

6. मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर आइसोलेशन की आवश्यकता नहीं है

मंकीपॉक्स को लेकर यह बता भी बहुत ज्यादा प्रचलित है कि इस संक्रमण में आपको आइसोलेशन की जरूरत नहीं है। लेकिन यह संक्रमण बहुत आसानी से एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, इसलिए संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है।

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मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर आपको जांच जरूर करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज में रहना चाहिए। इस संक्रमण को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

(Image Courtesy: Freepik.com)

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