WHO ने मंकीपॉक्स को घोषित किया ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी, दिल्ली में भी आया एक मामला

Monkeypox Case in Delhi: दिल्ली में मंकीपॉक्स का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी बीच WHO ने Monkeypox को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jul 24, 2022Updated at: Jul 24, 2022
WHO ने मंकीपॉक्स को घोषित किया ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी, दिल्ली में भी आया एक मामला

Monkeypox in Delhi: दुनियाभर में लगातार बढ़ रहे मंकीपॉक्स (Monkeypox) के मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी (Global Health Emergency) घोषित कर दिया है। इससे ज्यादा चिंताजनक बात ये है कि रविवार को राजधानी दिल्ली में भी मंकीपॉक्स (Monkeypox First Case in Delhi) का पहला ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें व्यक्ति की कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है। आपको बता दें कि अब तक भारत सहित दुनिया के 65 देशों में मंकीपॉक्स के 15,600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। ये बीमारी कोविड की तरह ही बहुत तेजी से फैल रही है इसलिए वैश्विक संस्थाएं काफी समय से इसे हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की मांग कर रही थीं। भारत में मंकीपॉक्स (Monkeypox in India) का पहला मामला केरल में कुछ दिनों पहले सामने आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संक्रमित शख्स संक्रमण की पुष्टि के कुछ दिन पहले ही UAE की यात्रा करके भारत लौटा था। वहीं बीते दिनों केरल में ही मंकीपॉक्स का दूसरा मामला भी सामने आया था। इन मामलों के बाद केंद्र सरकार ने सतर्कता बरतते हुए एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों पर स्क्रीनिंग के निर्देश दिए थे।

दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला आया सामने (Monkeypox in Delhi)

भारत की राजधानी दिल्ली में रविवार को मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है। ये मामला वेस्ट दिल्ली के एक 34 वर्षीय व्यक्ति में देखा गया। चिंताजनक बात ये है कि इस व्यक्ति का विदेश यात्रा का कोई इतिहास नहीं है। व्यक्ति मंकीपॉक्स टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। इसी के साथ भारत में अब तक मंकीपॉक्स के 4 मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमित व्यक्ति में बुखार आने के बाद शरीर में छाले होने के लक्षण दिखे, जिसके बाद उसे मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। व्यक्ति के सैंपल को नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology (NIV) ने मंकीपॉक्स पॉजिटिव पाया है।

मंकीपॉक्स से सावधान रहने की क्यों है जरूरत?

मंकीपॉक्स आने वाले समय में कोरोना की ही तरह एक बड़े खतरे का रूप ले सकता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी सबसे हाई लेवल का एलर्ट होता है। ऐसा एलर्ट तब जारी किया जाता है, जब किसी बीमारी से पूरी दुनिया को एक बड़ा खतरा हो। लगभग 2 साल पहले 30 जनवरी 2020 को WHO ने पहली बार ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। इसके कुछ समय बाद ही कोरोना ने दुनियाभर में जो तबाही मचाई, उसका मंजर अभी भी सभी को याद है। कोरोना वायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। दुनियाभर में इसके लाखों मामले हर दिन सामने आ रहे हैं और सैकड़ों की संख्या में लोगों की मृत्यु हो रही है। इसी बीच मंकीपॉक्स के ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित हो जाने से खतरे की आशंका और बढ़ गई है।

कैसे फैला मंकीपॉक्स? (How Did Monkeypox Infection Started)

मंकीपॉक्स कोई नई बीमारी नहीं है। इस बीमारी का पहला मामला 1958 में सामने आया था। लेकिन तब ये बीमारी इंसानों में नहीं, बल्कि बंदरों में देखी गई थी। इंसानों में इस बीमारी से संक्रमित होने का पहला मामला 1970 में कांगो देश में सामने आया था। इसके बाद भी कुछ देशों में ज्यादा तो कुछ देशों में इक्का-दुक्का मामले सामने आते रहे लेकिन इसे जलवायु परिवर्तन, स्मॉलपॉक्स का टीकाकरण न कराने का दुष्प्रभाव आदि मानकर नजरअंदाज किया जाता रहा। लेकिन इसी साल 2022 में जब ये बीमारी अफ्रीका के बाहर पहुंची और धीरे-धीरे इंसानों में इसके मामले बढ़ने लगे, तब दुनियाभर के स्वास्थ्य संगठनों ने इस बीमारी के खतरे को महसूस किया। पिछले महीने विश्व स्वास्थ्य नेटवर्क (WHN) ने भी मंकीपॉक्स को महामारी घोषित किया था।

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मंकीपॉक्स कैसे फैलता है? (How Does Monkeypox Spread)

कोरोना वायरस की तरह ही मंकीपॉक्स वायरस भी संक्रमित जानवर या इंसान के नजदीक जाने से उसके शरीर से निकले द्रव (बोलने, छींकने, खांसने) के संपर्क में आने से फैलता  है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल किए गए सामान के जरिए भी ये संक्रमण फैल सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये बीमारी संक्रमित जानवर के काटने या उसका मीट खाने से भी फैल सकती है।

मंकीपॉक्स के लक्षण क्या हैं? (Symptoms on Monkeypox in Hindi)

मंकीपॉक्स के लक्षण कुछ हद तक स्मॉलपॉक्स (छोटी माता) से मिलते-जुलते हैं। WHO के मुताबिक मंकीपॉक्स के लक्षण इस प्रकार हैं-

मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षण (संक्रमण के 0 से 5 दिन के अंदर दिखने वाले)

  • बुखार
  • तेज सिरदर्द
  • लिम्फ नोड्स में सूजन
  • पीठ दर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • थकान

मंकीपॉक्स के गंभीर लक्षण (बुखार आने के 1 से 3 दिन के बाद दिखने वाले)

  • स्किन पर छोटे-छोटे चकत्ते या छाले जैसा हो जाना। 95% मामलों में ये लक्षण चेहरे, हाथों और पैर के तलवों में देखे गए हैं।
  • कुछ दिनों में इन छालों में पानी भरने लगता है।

WHO के मुताबिक मंकीपॉक्स के लक्षण 2 से 4 सप्ताह बाद खुद ही कम होने लगते हैं। लेकिन इस दौरान सही समय पर इलाज न मिलने से व्यक्ति की स्थिति गंभीर हो सकती है। इस वायरस की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। इसके अलावा जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है।

मंकीपॉक्स से बचाव के लिए क्या करें? (How to Prevent Monkeypox Virus)

मंकीपॉक्स भी कोरोना वायरस की तरह ही एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए इससे बचाव के लिए भी लगभग वही प्रोटोकॉल हैं, जो कोविड से बचाव के लिए हैं।

  • पब्लिक प्लेस पर मास्क जरूर पहनें।
  • बुखार होने पर किसी सार्वजनिक स्थान पर न जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
  • समय-समय पर अपने हाथ साबुन से धोते रहें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
  • जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या इम्यूनिटी कमजोर है, वो बिना मास्क पहने बाहर न निकलें और जरूरी होने पर ही बाहर जाएं।
 
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