Monkeypox: तेजी से फैल रहा मंकीपॉक्स वायरस, कैसे पहचानें मंकीपॉक्स से संक्रमित हैं या नहीं?

दुनियाभर के 19 देशों में मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण फैल चुका है, जानें मंकीपॉक्स के शुरूआती लक्षण और बचाव के बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 26, 2022Updated at: May 26, 2022
Monkeypox: तेजी से फैल रहा मंकीपॉक्स वायरस, कैसे पहचानें मंकीपॉक्स से संक्रमित हैं या नहीं?

कोरोना वायरस महामारी अभी तक पूरी दुनिया में तबाही मचा रही है और इसके बीच और बीमारी के तेजी से फैलने से दुनियाभर में दहशत का माहौल बन गया है। ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों में मंकीपॉक्स (Monkeypox Virus Infection) तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मंकीपॉक्स इन्फेक्शन अब तक दुनिया के 19 देशों में फैल चुकी है। इन 19 देशों में मंकीपॉक्स के 131 मामलों की पुष्टि हुई है और 106 मामले संदिग्ध हैं जिनकी जांच की जा रही है। दुनियाभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टर अभी तक पूरी तरह से समझ नहीं पाएं हैं कि यह बीमारी इतनी तेजी से कैसे फैल रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनियाभर में तेजी से फैल रही मंकीपॉक्स की बीमारी को लेकर चेतावनी भी जारी की है। मंकीपॉक्स दरअसल चेचक जैसी एक बीमारी है जिसका इन्फेक्शन होने पर शरीर पर गहरे लाल रंग के दानें और चकत्ते होते हैं। आइये विस्तार से जानते हैं कैसे पहचानें मंकीपॉक्स वायरस इन्फेक्शन के लक्षण और बचाव के टिप्स।

कैसे फैलता है मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण (How Do You Get Monkeypox?)

दुनिया के 19 देशों में मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण फैल चुका है और विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनिया की कई हेल्थ एजेंसी इसके खतरे के प्रति लोगों को आगाह कर रही हैं। माना जा रहा है कि मंकीपॉक्स का संक्रमण अगर इसी रफ्तार से फैलता रहा तो आगे चलकर यह संक्रमण कोरोना वायरस संक्रमण का रूप ले सकता है। हालांकि तमाम आंकड़े और अध्ययन इस बात का भी संकेत दे रहे हैं कि भारत में मंकीपॉक्स का संक्रमण फैलने की संभावना अन्य देशों की तुलना में कम है। मंकीपॉक्स एक ऑर्थोपॉक्सवायरस है जो चेचक की तरह से काम करता है। मंकीपॉक्स का संक्रमण होने पर आपको चेचक की बीमारी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। मौजूद जानकारी के मुताबिक मंकीपॉक्स का संक्रमण, संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से फैलता है। अगर कोई व्यक्ति मंकीपॉक्स से संक्रमित है और आप उसके साथ स्किन टू स्किन कांटेक्ट करते हैं तो आपको भी यह संक्रमण हो सकता है। सीडीसी समेत कई अन्य स्वास्थ्य एजेंसी इस बात की तरफ भी इशारा कर रही हैं कि मंकीपॉक्स का संक्रमण कुछ पश्चिमी देशों में समलैंगिक यौन संबंधों की वजह से तेजी से फैला है। हालांकि इस बात को लेकर अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।

monkeypox virus infection symptoms

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क्या हैं मंकीपॉक्स वायरस के शुरूआती लक्षण? (Monkeypox Virus Symptoms in Hindi)

दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे मंकीपॉक्स के मामलों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार निगरानी कर रहा है। डब्ल्यूएचओ समेत दुनियाभर के कई अन्य संगठन मंकीपॉक्स की बीमारी को लेकर अध्ययन कर रहे हैं। मंकीपॉक्स का संक्रमण होने पर सबसे पहले शरीर में गहरे लाल रंग के दानें और रैशेज नजर आते हैं जो कि चेचक की समस्या (Smallpox in Hindi) में होने वाले दानें की तरह होते हैं। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित होने पर अन्य लक्षणों के बारे में भी बताया है। मंकीपॉक्स इन्फेक्शन होने पर दिखने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • शरीर पर लाल रंग के दानें और चकत्ते।
  • बुखार, शरीर में दर्द।
  • ठंड लगना और थकान।
  • मुंह और गले में छाले और दानें।
  • लिम्फ नोड में सूजन।

गंभीर रूप से मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर मरीजों के चेहरे और हाथों पर दानें और घाव भी हो सकते हैं और यह शरीर में कहीं भी फैल सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि इस बीमारी का संक्रमण होने के बाद हर 10 में से 1 व्यक्ति की मौत होने का खतरा रहता है, हालांकि राहत भरी बात यह है कि जिन 19 देशों में अब तक मंकीपॉक्स के मामले पाए गए हैं वहां पर इसकी वजह से कोई भी मौत होने की सूचना नहीं है।

कितना खतरनाक है मंकीपॉक्स वायरस? (How Dangerous is Monkeypox in Hindi?)

अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और इटली समेत दुनिया के 19 देशों में मंकीपॉक्स वायरस फैल चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकीपॉक्स वायरस इन्फेक्शन को लेकर जानकारी साझा करते हुए कहा है कि अभी तक मंकीपॉक्स वायरस के म्यूटेशन से जुड़ी कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। यह जानकारी ऐसे समय पर आई है जब दुनियाभर में मंकीपॉक्स की तुलना कोरोना वायरस महामारी से की जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़ी साइंटिस्ट मारिया वैन केरखोव ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए बताया कि जिन देशों में मंकीपॉक्स का संक्रमण फैला है वह बहुत गंभीर नहीं है। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस बीमारी को नजरअंदाज करना गंभीर हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बीमारी कोरोना वायरस की तरह से आसानी से नहीं फैल सकती है।

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मंकीपॉक्स से बचाव के उपाय (How to Prevent Monkeypox?)

मंकीपॉक्स की बीमारी जानवरों से इंसानों में होनी वाली एक बीमारी है जिसमें दिखने वाले लक्षण चेचक के समान होते हैं। मंकीपॉक्स से बचाव के लिए आप ये टिप्स अपना सकते हैं।

  • संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचें।
  • संक्रमण फैलाने वाले जानवरों से दूर रहें।
  • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • मंकीपॉक्स से बचने के लिए चेचक का टीका उपयोगी है।
  • हाथों को साबुन या अल्कोहल आधारित सेनिटाइजर से साफ करें।

ऐसा माना जा रहा है कि मंकीपॉक्स के खिलाफ चेचक का टीका प्रभावी रूप से काम करता है। भारत में ज्यादातर लोगों को चेचक का टीका लगा है। बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद ही चेचक का टीका लगाया जाता है। ऐसे में देश में मंकीपॉक्स का संक्रमण गंभीर रूप से फैलने की आशंका कम है। हालांकि अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। देश में मंकीपॉक्स का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सरकार की तरफ से अभी से निगरानी की जा रही है।

(image source - denver gazette)

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