कोरोना वायरस के बाद अब 'मंकीपॉक्स' का खतरा, ब्रिटेन में सामने आये मामले, जानें इस बीमारी के लक्षण

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ब्रिटेन में मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है, यह एक दुर्लभ बीमारी है जानें इसके लक्षण और इलाज।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 09, 2022Updated at: May 09, 2022
कोरोना वायरस के बाद अब 'मंकीपॉक्स' का खतरा, ब्रिटेन में सामने आये मामले, जानें इस बीमारी के लक्षण

दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसके चलते कोरोना की चौथी लहर का खतरा सबके सिर पर मंडरा रहा है। इन सबके बीच एक ऐसी वायरस की पुष्टि हुई है जो कोरोना से अधिक घातक माना जा रहा है। दरअसल ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक चूहों से इंसानों में होने वाली संक्रमित बीमारी 'मंकीपॉक्स' वायरस (Monkeypox Virus in Hindi) की पुष्टि हुई है। जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन में मिले मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित व्यक्ति के नाइजीरिया से आने की पुष्टि हुई है। एजेंसी के मुताबिक मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण एक दुर्लभ संक्रमण है और यह इंसानों में आसानी से नहीं फैलता है। इस बीमारी से प्रभावित व्यक्ति सामान्यतः एक हफ्ते में ठीक हो जाता है लेकिन कुछ लोगों में यह बीमारी बहुत गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है। एक तरह कोरोना वायरस के कहर के चलते ब्रिटेन में गयी लाखों जानों के बाद अब मंकीपॉक्स का संक्रमण बेहद गंभीर माना जा रहा है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के क्लीनिकल एंड इमर्जिंग इन्फेक्शन्स के निदेशक डॉ कोलिन ब्राउन द्वारा मीडिया में दिए गए बयान में उन्होंने कहा है कि "हम एनएचएस इंग्लैंड और एनएचएस सुधार के साथ इस मामले पर काम कर रहे हैं जिससे संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आये लोगों तक पहुंचा जा सके और उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सलाह दी जा सके"। गौरतलब हो कि इससे पहले ब्रिटेन में मंकीपॉक्स वायरस के मामले की पुष्टि 2018 में हुई थी।

संक्रमित व्यक्ति का अस्पताल में हो रहा इलाज (Monkeypox Virus Infected Patient Being Treated)

ब्रिटेन में मंकीपॉक्स वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मंकीपॉक्स एक वायरल इन्फेक्शन है जो ज्यादातर चूहों और बंदरों से इंसानों में होता है। ब्रिटेन में मिले मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति के बारे में बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति नाइजीरिया से ब्रिटेन आया है। माना जा रहा है कि यह व्यक्ति नाइजीरिया में ही इस बीमारी से संक्रमित हुआ है। जानकारी के मुताबिक मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति का इलाज सेंट थॉमस हॉस्पिटल में किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेंट थॉमस हॉस्पिटल के डॉक्टर ने कहा है कि मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति के इलाज में डॉक्टर्स की एक टीम लगाई गयी है जो मरीज की निगरानी और उसका उपचार कर रही है। फिलहाल संक्रमित व्यक्ति की हालात खतरे से बाहर है। 

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क्या है मंकीपॉक्स वायरस? (What is Monkeypox Virus Infection in Hindi?)

मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण एक दुर्लभ संक्रमण है जो स्मॉल पॉक्स की तरह से ही होता है। स्मॉल पॉक्स को चेचक या छोटी माता के रूप में जाना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मंकीपॉक्स की बीमारी का पहला मामला इंसानों में साल 1970 में सामने आया था। 1970 से लेकर अब तक अफ्रीका के देशों में इस वायरस की पुष्टि हुई है। जानकारी के मुताबिक यह बीमारी रिसर्च के लिए इस्तेमाल किये गए बंदरों में सबसे पहले फैली थी जिसके बाद यह बीमारी बंदरों से इंसानों में अफ्रीका में पायी गयी थी। इस बीमारी में चेचक के लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा इस संक्रामक बीमारी में फ्लू जैसे लक्षण भी मरीज में दिखाई देते हैं। जिन लोगों में यह बीमारी गंभीर होती है उनमें निमोनिया के लक्षण भी देखने को मिलते हैं।

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इंसानों में कैसे फैलता है मंकीपॉक्स वायरस? (Monkeypox Virus Causes in Hindi)

मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है जो दुनिया के कुछ देशों में पायी गयी है। यह बीमारी ज्यादातर मामलों में चूहों और बंदरों से ही इंसानों में होती है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद यह बीमारी आंख, नाक या मुंह के जरिए इंसान के शरीर में फैल सकती है। मंकीपॉक्स से संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। यह वायरस चिकन पॉक्स की फैमिली से जुड़ा हुआ है और इससे संक्रमित होने पर मरीज में दिखाई देने वाले लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं। मंकीपॉक्स की बीमारी को लेकर दुनिया भर में आज भी रिसर्च जारी है।

मंकीपॉक्स के लक्षण (Monkeypox Virus Symptoms in Hindi)

मंकीपॉक्स से संक्रमित मरीजों में अभी तक दिखाई देने वाले लक्षणों में अब तक फ्लू के लक्षण, चेचक में दिखने वाले लक्षण और निमोनिया के लक्षण दिखाई दिए हैं। इसके अलावा मरीज के चेहरे और शरीर पर लाल रंग के दानें और रैशेज भी दिखाई देते हैं। यह लक्षण हल्के और गंभीर हो सकते हैं। शुरुआत में मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर दिखाई देने वाले लक्षण हल्के हो सकते हैं लेकिन आगे चलकर ये लक्षण अत्यंत गंभीर हो सकते हैं। मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर मरीज में दिखाई देने वाले लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • शरीर पर गहरे लाल रंग के दानें।
  • स्किन पर लाल रंग के रैशेज।
  • फ्लू के लक्षण।
  • निमोनिया की बीमारी के लक्षण।
  • बुखार और सिरदर्द।
  • मांसपेशियों में दर्द।
  • ठंड लगना।
  • अत्यधिक थकान।
  • लिम्फ नोड्स में सूजन।
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मंकीपॉक्स का इलाज और बचाव (Monkeypox Virus Treatment And Prevention in Hindi)

विश्व स्वस्थ्य संगठन के मुताबिक मंकीपॉक्स की बीमारी का फिलहाल कोई सटीक इलाज नहीं मौजूद है। इस बीमारी से संक्रमित होने पर मरीज के लक्षणों को कम करने के लिए इलाज किया जाता है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी के क्लीनिकल एंड इमर्जिंग इन्फेक्शन्स के निदेशक डॉ कोलिन ब्राउन के मुताबिक यह बीमारी आसानी से इंसानों में नहीं फैलती है इसलिए इसके मामले बेहद कम देखे जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेशन में रखने से अन्य लोगों में इसके फैलने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा मंकीपॉक्स के संक्रमण को रोकने के लिए सबसे पहले इसकी पुष्टि होने के बाद संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच करनी चाहिए। इसके अलावा सार्वजानिक जगहों पर फेस मास्क का इस्तेमाल करने और साफ-सफाई का ध्यान रखने से आप मंकीपॉक्स के संक्रमण में आने से बच सकते हैं।

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