अमेरिका समेत इन 12 देशों में फैली मंकीपॉक्स की बीमारी, WHO ने दी चेतवानी, जानें लक्षण और बचाव

मंकीपॉक्स वायरस दुनिया के 12 देशों में फैल चुका है, इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है, जानें मंकीपॉक्स के लक्षण और बचाव।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 23, 2022Updated at: May 23, 2022
अमेरिका समेत इन 12 देशों में फैली मंकीपॉक्स की बीमारी, WHO ने दी चेतवानी, जानें लक्षण और बचाव

Monkeypox Cases Worldwide: एक तरफ जहां दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप लगातार जारी है वहीं एक और दुर्लभ और घातक बीमारी की दस्तक होने से हडकंप मच गया है। अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के 12 देशों में मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के मामले मिले हैं जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों ने इसको लेकर चिंता व्यक्त की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से या कहा गया है कि यह बीमारी लोगों में तेजी से फैल रही है और अगर सही समय पर सही कदम नहीं उठाये गए तो मंकीपॉक्स एक महामारी का रूप ले सकती है। WHO के मुताबिक यह संक्रामक बीमारी ऐसे देशों में भी फैल रही है जहां इसकी उम्मीद नहीं की जा रही थी। दुनिया के 12 देशों में मंकीपॉक्स के 92 मरीज मिल चुके हैं इसके अलावा 28 ऐसे लोगों की भी जांच की गयी है जिन्हें संदिग्ध मरीज के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बीमारी के मामले और तेजी से फैलने के संकेत मिल रहे हैं। डब्ल्यूएचओ की जांच में यह पता चला है कि इस बीमारी का तेजी से फैलना पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। हालांकि अभी तक मंकीपॉक्स का कोई इलाज नहीं है इसलिए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसके इलाज के लिए चेचक के टीके का इस्तेमाल किया जा सकता है।

12 देशों में फैला मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus Cases Worldwide in Hindi)

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 12 देशों में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से फैल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की जांच में मिला है कि वेस्ट और सेंट्रल अफ्रीका में यह बीमारी तो सामान्य रूप से फैल ही रही है लेकिन कुछ ऐसे देशों में इस बीमारी का फैलना जहां पर अभी तक इसके कोई भी मामले नहीं मिले थे, खतरनाक है। अमेरिका, ब्रिटेन समेत दुनिया के 12 देशों में अब तक मंकीपॉक्स के 92 मामले मिल चुके हैं। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन, कनाडा, बेल्जियम, नीदरलैंड, इटली, स्वीडन, पुर्तगाल, फ्रांस और इंग्लैंड शामिल हैं। इन मामलों की जांच अलग-अलग स्वास्थ्य एजेंसियां कर रही हैं लेकिन इन मामलों का तेजी से फैलना गंभीर चिंता का कारण बन सकता है। यूरोपीय देशों में तेजी से फैल रहे मंकीपॉक्स के मामले लोगों की चिंता बढ़ाने वाले हैं।

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कितनी खतरनाक है मंकीपॉक्स की बीमारी? (Monekypox Virus Severity in Hindi)

अमेरिकी स्वस्थ्य एजेंसी सीडीसी के मुताबिक मंकीपॉक्स की बीमारी दुनिया के कई देशों में फैल चुकी है लेकिन इसका प्रसार बहुत तेजी से नहीं हो रहा है। दुनियाभर में कई वैज्ञानिक और लोग इसके कोरोना महामारी का रूप लेने की बातें कर रहे हैं लेकिन कोरोना संक्रमण की तुलना में इसके मामले तेजी से नहीं फैल रहे हैं। मंकीपॉक्स के मामले उन लोगों में तेजी से फैल रहे हैं जो इन बीमारी की चपेट में आये व्यक्ति के संपर्क में आ रहे हैं। चूंकि मंकीपॉक्स एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी है और अभी तक इसका कोई इलाज नहीं मिल पाया है इसलिए इसे ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बीमारी पर चिंता व्यक्त करते हुए देशों को इसके खतरे के प्रति आगाह किया है। WHO के मुताबिक मंकीपॉक्स वायरस का खतरा मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से बढ़ रहा है। ऐसे में इसके लक्षण दिखने पर लोगों को तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

मंकीपॉक्स के लक्षण (Monkeypox Virus Symptoms in Hindi)

मंकीपॉक्स से संक्रमित ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण चेचक के लक्षण जैसे ही दिखाई दे रहे हैं। इस वायरस से संक्रमित होने के बाद मरीजों में शरीर और चेहरे पर लाल रंग के दानें और रैशेज दिखाई देते हैं। मरीजों में दिखने वाले ये लक्षण हल्के और गंभीर हो सकते हैं। शुरुआत में दिखने वाले मंकीपॉक्स के लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं लेकिन जैसे-जैसे ही यह बीमारी बढ़ने लगती है वैसे ही इसके लक्षण भी गंभीर होने लगते हैं। मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित होने पर दिखने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • चेहरे और शरीर पर लाल रंग के दानें।
  • स्किन पर रैशेज।
  • बुखार और तेज सिरदर्द।
  • मांसपेशियों में तेज दर्द।
  • ठंड लगना।
  • थकान और लिम्फ नोड्स में सूजन।
  • निमोनिया के लक्षण।

मंकीपॉक्स से बचाव के टिप्स (Monkeypox Prevention Tips in Hindi)

मंकीपॉक्स वायरस का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाया है। डॉक्टर इस बीमारी में संक्रमण के लक्षणों को कम करने और मरीज की स्थिति में सुधार करने के लिए इलाज करते हैं। मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण में दिखने वाले लक्षण भी स्मॉलपॉक्स के लक्षणों के समान होते हैं। दरअसल यह बीमारी सबसे पहले साल 1970 में इंसानों में देखने को मिली थी। सबसे पहले यह बीमारी अफ्रीका में रिसर्च के दौरान बंदरों में फैली थी जिसके बाद इसका संक्रमण इंसानों में भी देखा गया था। मंकीपॉक्स की बीमारी से बचाव के लिए आप अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी द्वारा बताये गए इन टिप्स को अपनाएं।

  • ऐसे जानवरों के संपर्क में आने से बचें जिनसे मंकीपॉक्स का खतरा है।
  • संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने से बचें।
  • हाथ,मुंह की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और या अल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मंकीपॉक्स की बीमारी का सटीक इलाज अभी तक नहीं मिला है। यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसके इलाज के लिए चेचक की वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। दुनिया के 12 देशों में फैल चुके मंकीपॉक्स वायरस के बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और इसके लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

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