चुस्त और फुर्तीला रहना है तो रोज बस 5 मिनट करें मार्जरासन, मिलेंगे कई लाभ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 19, 2018
Quick Bites

  • मार्जरासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।
  • मार्जर का अर्थ है बिल्ली।
  • इस आसन से आपको गैस और कब्ज से भी छुटकारा मिलता है।

दिनभर के काम और भागदौड़ के कारण आपका थकना लाजमी है। कई बार शारीरिक थकान न भी हो पर मानसिक थकान के कारण आप काम नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आपके काम के साथ-साथ आपका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। अगर आप कुछ खास योगासनों का अभ्यास करें, तो आपको इस परेशानी से राहत मिल सकती है। ऐसा ही एक योगासन है मार्जरासन। मार्जर का अर्थ है बिल्ली यानि इस आसन को करते समय शरीर की आकृति बिल्ली जैसी हो जाती है। मार्जरासन के नियमित अभ्यास से आपके शरीर में स्फूर्ति आती है और शारीरिक के साथ-साथ मानसिक थकान भी खत्म होती है।

क्या हैं मार्जरासन के लाभ

  • मार्जरासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।
  • मर्जारासन के अभ्यास से आपको मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है।
  • इसके अभ्यास से शरीर फुर्तीला और चुस्त रहता है।
  • नसों के खिंचाव के कारण पांव और कंधों में होने वाले दर्द को मार्जरासन आसानी से ठीक करता है।
  • इस आसन के अभ्यास से आपको पेट की गैस और कब्ज से भी छुटकारा मिलता है।

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कैसे करेंगे ये आसन

  • टेबल मुद्रा के समान हथेलियों और घुटनों पर शरीर को स्थापित कर दीजिए। इस अवस्था में कलाई कंधे के नीचे और घुटने हिप्स के नीचे होने चाहिए। इसके बाद हथेलियों को फैलाइए, इस क्रिया में मध्यमा (पांचों उंगलियों के बीच की उंगली) को एकदम सीधा रखिए।
  • मेरूदंड (पीठ की हड्डी), गर्दन और सिर को एक सिधाई में रखिए। इस अवस्था में मेरूदंड को बिलकुल भी झुकाना नहीं चाहिए।इस आसन क्रिया में शरीर का पूरा भार हथेलियों और घुटनों पर एक समान रूप से डालिए। हिप्स को अंदर की ओर लीजिए और कमर को छत के ऊपर की तरफ उठाइए।
  • इसके बाद ठुड्डी को सीने से लगाइए। गहरी सांस अंदर खींचते हुए पेट को नीचे की तरफ ले आकर कमर को ऊपर की ओर ले जाइए। सिर को छत की दिशा में उठाते हुए सामने की तरफ देखिए। इस मुद्रा को कम से कम 5-7 बार दोहराइए।
  • आसन के दौरान हड्डियों में पूरा खिंचाव हो इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए। इस अवस्था में शरीर के पिछले भाग में दबाव नहीं हो इसका ख्याल रखना चाहिए। जब कमर को उठा रहे हों और पीठ को घुमा रहे हों तब उस समय कंधे तनाव रहित होने चाहिए।
  • मार्जरासन करने से शारीर का तनाव दूर होता है। इस आसन को करके शरीर को चुस्त और दुरुस्त बनाया जा सकता है।  इस योग मुद्रा से शरीर में रक्त-संचार सुचारू तरीके से होता है।  मार्जरासन से कंधों, कमर और हिप्स में जिस प्रकार से खिंचाव होता है वह शरीर को सक्रिय बनाए रखने के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • इस आसन से पाचनतंत्र मजबूत होता है जिससे पेट की बीमारियां जैसे- कब्ज, एसिडिटी आदि नहीं होती  है। अन्य  कठिन  योगासनों का अभ्यास करने के पश्चात शरीर को आराम देने के लिए इस आसन का अभ्या‍स बहुत ही लाभकारी होता है।

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बरतें ये सावधानियां

मार्जरासन का अभ्यास उस स्थिति में नहीं करना चाहिए जबकि कमर में किसी प्रकार की कोई भी परेशानी हो। घुटनों एवं कलाईयों में मोच अथवा दर्द की स्थिति में भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। इस आसन को करते समय शरीर को जितना सहज और लचीला बनाएंगे उतना ही अच्छा होगा।

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