घुटनों के दर्द और अर्थराइटिस के लिए रामबाण है तुलासन, जानें इसे करने की विधि

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 21, 2018
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Quick Bites

  • तुलासन में शरीर की आकृति तुला यानि तराजू जैसी हो जाती है।
  • तुलासन से पैरों, घुटनों और अर्थराइटिस के दर्द में राहत मिलती है।
  • इस आसन से स्पाइन मजबूत होता है और दिमाग शांत रहता है।

योग के द्वारा कई तरह की परेशानियों से राहत पाई जा सकती है। अक्सर लोगों को घुटने, एड़ियों और पैरों में दर्द की समस्या रहती है। कई बार ये किसी रोग जैसे अर्थराइटिस, डीवीटी आदि की वजह से होता है और कई बार इसका कारण नसों में खिंचाव या गलत बॉडी पोश्चर होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ आपकी हड्डियां कमजोर होती जाती हैं इसलिए कई लोगों को बड़ी उम्र में पैरों में दर्द की समस्या हो जाती है। इसके अलावा वजन ज्यादा होने से भी पैरों और घुटनों के दर्द की समस्या हो सकती है। अगर आप योगासन की मदद लें तो इस तरह के सभी दर्दों से आसानी से राहत मिल सकती है। तुलासन एक ऐसा ही योगासन है जो हाथों और पैरों के लिए बहुत लाभकारी है। इससे न सिर्फ आपका दर्द दूर होगा बल्कि आपकी हड्डियां भी मजबूत होती हैं, दिमाग शांत रहता है और पाचन ठीक रहता है।

क्या है तुलासन

तुलासन एक तरह का योगासन है जिसमें योग करने वाले की आकृति तुला यानि तराजू के जैसी हो जाती है। सभी योगासनों का अलग-अलग अंगों पर अलग-अलग प्रभाव होता है लेकिन ज्यादातर योगासन आपके पूरे शरीर को स्वस्थ रखते हैं। तुलासन में हाथ और पैरों का मुख्य इस्तेमाल होता है इसलिए इस योगासन से हाथ और पैरों की कई समस्याओं से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। मगर ये आसन पेट और दिमाग के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

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तुलासन करने के फायदे

  • तुलासन के नियमित अभ्यास से बाहें, कलाइयां और हाथ मजबूत होते हैं।
  • इस आसन से घुटनों, एड़ियों और पैरों के दर्द से राहत पाई जा सकती है।
  • तुलासन आपके मन को शांत करता है और एकाग्रता को बढ़ाता है।
  • इस आसन के अभ्यास से पाचन क्रिया ठीक रहती है और शरीर का संतुलन बना रहता है।
  • मेरूदंड यानि स्पाइन के लिए ये आसन बहुत फायदेमंद है।

कैसे करेंगे तुलासन

  • चटाई पर पालथी मारकर कमल की मुद्रा में बैठ जायें।  
  • अपने हाथों को चटाई पर अपने कूल्हों के बगल में रखें। आपकी कलाईयां आगे की ओर और उंगलियां फैली हुई होनी चाहिए। इसके बाद सांस लें।
  • धीरे-धीरे सांस लेने की कोशिश करे व सांस लेते समय अपने शरीर को ऊपर की तरफ उठाए।
  • अपने शरीर को उतना ही ऊपर उठायें जितना आप उठा सकते हैं। फिर धीरे-धीरे सांस को बाहर निकालते हुए अपने शरीर को नीचे की तरफ वापिस अपनी पहली वाली अवस्था में आ जाए।
  • इस आसन को करते समय ये ध्यान रखे आपके हाथ बिल्कुल सीधे होने चाहिए।पहली बार में इस योगासन को करना आसान नहीं होगा। लेकिन प्रतिदिन इस आसन का अभ्‍यास करने से यह आराम से होने लगता है।

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बरतें ये सावधानियां

  • यदि आपके जांघों या कूल्हों में जकड़न है तो यह आसन न करें।
  • यदि आपको घुटने या एड़ी में कोई चोट लगी है तो भी यह आसन न करें।  
  • यदि कलाई या कंधे में कोई चोट है तो यह आसन न करें।

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