पेट के सेहत से कैसे जुड़ी है आपके दिल की सेहत? जानें पेट के कारण होने वाली हार्ट संबंधी बीमारियों के बारे में

दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए आपको अपने पेट के स्वास्थ्य का ख्याल जरूर रखना चाहिए, जानें कैसे आपके पेट की वजह से दिल के सेहत पर असर पड़ता है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Aug 16, 2021 18:53 IST
पेट के सेहत से कैसे जुड़ी है आपके दिल की सेहत? जानें पेट के कारण होने वाली हार्ट संबंधी बीमारियों के बारे में

तमाम रिसर्च और अध्ययन के बाद इस बात का पता लगाया गया है कि दिल से जुड़ी कई बीमारियों का कारण आपके पेट का स्वास्थ्य भी हो सकता है। दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण शारीरिक स्थिति, खानपान और धूम्रपान आदि को माना जाता था लेकिन क्या आपको पता है कि आपके पेट की सेहत का भी असर दिल की सेहत पर पड़ता है। पेट में गड़बड़ी के कारण इसका असर आपके दिल पर पड़ता है (Gut Heart Connection) जो गंभीर होने पर दिल से जुड़ी बीमारी का कारण बन सकता है। आपके माइक्रोबायोम में मौजूद बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव पाचन में सहायक होते हैं लेकिन इसमें दिक्कत पैदा होने पर ये दिल की सेहत को खराब कर सकते है। आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

पेट की सेहत का हार्ट हेल्थ पर असर (Gut Heart Connection Effects)

एक इंसान के माइक्रोबायोम लगभग 38 ट्रिलियन बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनमें से तमाम बैक्टीरिया सेहत के लिए फायदेमंद भी होते हैं जो पाचन तंत्र के काम में मदद करते हैं और शरीर को हानिकारक सूक्ष्म जीवों से बचाते हैं। लेकिन इसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया जब बढ़ जाते हैं तो ये पाचन तंत्र के साथ शरीर के कई काम को नुकसान पहुंचाते हैं। इस प्रकार इन हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से इंसान को आंत में सूजन की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। जिसकी वजह से आपकी रक्त वाहिकाओं पर बुरा असर होता है। आंतों में सूजन आने पर रक्त वाहिकाओं का काम प्रभावित होता है और एथेरोस्क्लेरोसिस जैसी समस्या का खतरा रहता है। इसकी वजह से दिल से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा बना रहता है। 

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कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा (Risk of Coronary Artery Disease)

पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से दिल की धमनियों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। माइक्रोबायोम में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से आंतों में सूजन आने की समस्या होती है। आंतों में सूजन आने पर कोशिकाओं में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से रक्त वाहिकाओं द्वारा ठीक ढंग से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन नहीं किया जाता है। माइक्रोबायोटा की संरचना की जांच के बाद रिसर्च में यह जानकारी भी मिली है कि फर्मिक्यूट्स और फाईलम के स्तर में असंतुलन के कारण कोरोनरी डिजीज का खतरा और बढ़ जाता है।

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ब्लड प्रेशर पर पड़ता है असर (Can Affect Blood Pressure)

चूहों पर हुए अध्ययन के मुताबिक आंत में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया के कारण शरीर के ब्लड प्रेशर पर भी असर पड़ सकता है। कुछ ऐसे भी बैक्टीरिया हैं जिन्हें हम प्रोबायोटिक्स के माध्यम से पेट में लेते हैं जो कि ब्लड प्रेशर के स्तर को कम कर सकते हैं। ये बैक्टीरिया जब अवशोषित किये जाते हैं तो इनसे बनने वाले केमिकल की वजह से ब्लड प्रेशर के स्तर में बदलाव आता है। इस तरह से पेट में मौजूद बैक्टीरिया के कारण आपको लो ब्लड प्रेशर की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। 

हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा (Heart Attack and Stroke)

दिल की सेहत पर पेट की सेहत के प्रभावों को लेकर हुई कई शोध और अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि आंत में मौजूद बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीवों के कारण हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक की समस्या का खतरा भी रहता है। आपकी आंत की सेहत से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। जब आप लाल मांस, अंडे या अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो इसमें मौजूद कोलाइन को पेट के हानिकारक बैक्टीरिया, ट्राइमेथिलैमाइन एन-ऑक्साइड (टीएमएओ) नामक हानिकारक पदार्थ में परिवर्तित कर सकता है। यह पदार्थ रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

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इसके अलावा पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से पहले से दिल की बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। ट्राइमेथिलैमाइन एन-ऑक्साइड (टीएमएओ) नामक हानिकारक पदार्थ का स्तर अधिक हो जाने से खून के थक्के जमने और स्ट्रोक आदि का जोखिम बढ़ जाता है। आंत में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से आपको उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए चिकित्सक दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को खानपान के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। 

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