क्या कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) है कोरोना का लक्षण? डॉक्टर से जानें

कोविड कंजंक्टिवाइटिस भी सामान्य कंजंक्टिवाइटिस की तरह ही है। लेकिन यह होने पर कोविड की भी जांच की जाती है। 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: May 20, 2021
क्या कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) है कोरोना का लक्षण? डॉक्टर से जानें

कोरोना होने पर आमतौर पर बुखार, सूखी खांसी और थकान के लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन (second wave of corona) में आंखों में गुलाबीपन यानी कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। विजन आई सेंटर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तुषार ग्रोवर (Dr. Tushar Grover, Vision eye Center) का कहना है कि कंजंक्टिवाइटिस कोरोना का संभावित लक्षण है। विशेषज्ञों ने इसे ‘कोविड कंजंक्टिवाइटिस’ (Covid conjunctivitis) नाम दिया है। डॉक्टर तुषार का कहना है कि कोविड कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण (Covid conjunctivitis symptoms) भी सामान्य कंजंक्टिवाइटिस की तरह ही हैं। डॉक्टर का कहना है कि कोविड कंजंक्टिवाइटिस में सिम्पोमैटिक इलाज किया जाता है। कोविड (Coronavirus in india) के साथ-साथ कोविड कंजंक्टिवाइटिस भी ठीक हो जाता है। इस कंजंक्टिवाइटिस को आम भाषा में ‘आंख आना’ भी कहा जाता है। कोविड कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण और बचाव क्या हैं, इस पर हमने डॉक्टर तुषार से बात की। 

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क्यों होता है कंजंक्टिवाइटिस (Causes of conjunctivitis)

डॉक्टर तुषार का कहना है कि कंजंक्टिवाइटिस पहले भी होता है। लेकिन लेकिन अब कोरोना के मरीजों में भी ये देखा जा रहा है। कंजंक्टिवाइटिस एक संक्रामक रोग है। यह कंजाक्टीवा के कारण होता है। कंजंक्टिवाइसिस वायरल, बैक्टीरियल और एलर्जी तीनों प्रकार का हो सकता है। समय पर इसका इलाज जरूरी है। अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो गंभीर दृष्टि दोष भी हो सकता है। 

कोविड कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण

  • आंखों में लालपन
  • जलन
  • किसकिसाहट
  • आंख में खुजली होना
  • आंख से पानी आना
  • आंखों के किनारों पर चिपचिपा पदार्थ जमना

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ब्लैक फंगस और कोविड कंजंक्टिवाइटिस में अंतर

डॉक्टर ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस में शरीर के कई हिस्से प्रभावित होते हैं। ब्लैक फंगस आंख के अंदर होता है। आंख को काला कर देता है। लेकिन कंजंक्टिवाइटिस केवल आंख में होता है और आंख के बाहरी हिस्से पर होता है। डॉक्टर का कहना है कि म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस कंजंक्टिवाइटिस से ज्यादा खतरानाक है। कंजंक्टिवाइटिस एक से दो हफ्तों में ठीक हो जाता है पर ब्लैक फंगस में रोग गंभीर हो जाता है। 

कोविड कंजंक्टिवाइटिस का इलाज

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तुषार का कहना है कि अभी जो भी पेशेंट कंजंक्टिवाइटिस का आता है तो साथ में उनका कोविड भी जांचना पड़ता है। क्योंकि कंजंक्टिवाइटिस कोविड का भी लक्षण है। ऐसे में मरीज का कंजंक्टिवाइटिस और कोरोना दोनों का इलाज चलता है। 

डॉक्टर का कहना है कि कोरोना के चलते माइल्ड मरीज होम आइसोलेशने में ही इलाज कर रहे हैं। ऐसे में वे कोल्ड कंप्रेसिव, ल्यूब्रीकेंट ड्रॉप और एंटीबायटोकि आई ड्रॉप ले सकते हैं। कंजंक्टिवाइटिस इन आई ड्रॉप से ठीक हो जाता है। डॉक्टर का कहना है कि कोविड कंजंक्टिवाइटिस का सिम्पटोमैटिक ट्रीटमेंट किया जाता है। कोविड से रिकवरी के बाद कंजक्टिवाइटिस भी ठीक हो जाता है। यह कंजक्टिवाइटिस बहुत नुकसादायक नहीं है। यह एक दो हफ्ते में ठीक हो जाती है।

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कोविड कंजंक्टिवाइटिस मरीज को ध्यान में रखने योग्य बातें

  • होम आइसोलेशन में रहें।
  • जिस व्यक्ति को कंजंक्टिवाइटिस हुआ है उन्हें आंखों पर चश्मा लगाना चाहिए। ताकि यह दूसरों को न फैले।
  • खांसते या छींकते वक्त कपड़े का प्रयोग करें।
  • अपने पर्सनल आइटम जैसे तौलीया आदि को शेयर न करें।
  • हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।

कोविड कंजंक्टिवाइटिस भी सामान्य कंजंक्टिवाइटिस की तरह ही है। लेकिन यह होने पर कोविड की भी जांच की जाती है। अगर आपको कंजंक्टिवाइटिस है तो एक बार कोविड की भी जांच करा लें। ऐसे में आपको सही इलाज मिल पाएगा। कोविड के नए स्ट्रेन के साथ-साथ नए लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। 

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