जानें क्‍या है ऑटिज्‍म और कोलेस्ट्रॉल के बीच संबंध, शोधकर्ताओं ने किया खुलासा

कोलेस्ट्रॉल ऑटिज्‍म में एक प्रमुख भूमिका निभाता है, आइए इस रिसर्च से इन दोनों के बीच के संबंध के बारे में विस्तार से जानें। 

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Aug 26, 2020
जानें क्‍या है ऑटिज्‍म और कोलेस्ट्रॉल के बीच संबंध, शोधकर्ताओं ने किया खुलासा

ऑटिज्म और कोलेस्ट्रॉल दो अलग-अलग चीजें हैं। लेकिन यह दोनों एक दूसरे से जुड़ी हैं। जी हां, कोलेस्ट्रॉल एक स्वास्थ्य कारक है, ऑटिज्‍म एक स्वास्थ्य स्थिति है। किसी ने भी इन दोनों के बीच संबंध की कल्पना नहीं की होगी, लेकिन शोधकर्ताओं ने इस शोध में इनके बीच के गहरे संबंध के बारे में खुलासा किया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, ऑटिज्‍म का एक उपप्रकार कोलेस्ट्रॉल का प्रबंधन करने वाले जीन से उत्पन्न होता है। यह ऑटिज्‍म को रोकने में मदद कर सकता है।

एक ऑटिस्टिक बच्चे को संभालना मुश्किल नहीं, बल्कि बहुत मुश्किल काम है। ज्यादातर बार, आप अनुमान नहीं लगा सकते कि उन्हें क्या और कौन सी चीजें ट्रिगर कर सकती हैं। माता-पिता केवल यही कर सकते हैं कि अपने बच्चे में ऑटिज्‍म के चेतावनी संकेतों की पहचान कर सकते हैं। क्योंकि कोई भी बच्चा ऑटिस्टिक पैदा नहीं होता है, लेकिन उम्र के साथ उसमें इसके संकेत और लक्षण गंभीर रूप से दिख सकते हैं। खैर,  इस नए अध्ययन के बाद, शोधकर्ताओं का मानना है कि लिपिड ब्‍लड में बदलाव के साथ ही कोलेस्ट्रॉल के स्तर में बदलाव भी ऑटिज्‍म के विकास में एक प्रमुख कारक हो सकता है, जो एक न्यूरोडेवलपमेंट डिसफंक्शन है।

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Autism and cholesterol

ऑटिज्म और कोलेस्ट्रॉल के बीच संबंध 

हाल में हुआ ये नया अध्‍ययन ऑटिज्‍म और कोलेस्‍ट्रॉल के बीच के संबंध के बारे में बात करता है। इस अध्‍ययन को तीन संस्थानों हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने संयुक्त रूप से किया है, जो 'नेचर मेडिसिन' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं की टीम ने मस्तिष्क का डीएनए विश्लेषण किया जिसके बाद उन्होंने पाया कि ऑटिज्म और लिपिड की शिथिलता में आणविक जड़ें समान हैं। शोधकर्ताओं ने स्पष्टता के लिए ऑटिस्टिक बच्चों और उनके माता-पिता के प्रोफाइल का अध्ययन किया। आश्चर्यजनक रूप से, निष्कर्षों ने उनके विश्लेषण की पुष्टि की। बच्चों और माता-पिता दोनों में स्पष्ट रूप से लिपिड ब्‍लड में परिवर्तन था।

इसने कई सवाल उठाए हैं कि कोलेस्ट्रॉल का स्तर न्यूरोडेवलपमेंटल डिसफंक्शन को कैसे प्रभावित कर सकता है और लिपिड मेटाबॉलिज्‍म को सामान्य करने के बाद क्या ऐसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में ब्लावेटनिक इंस्टीट्यूट में बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स विभाग का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ शोधकर्ता आइजैक कोहाणे कहते हैं, "हमारे परिणाम ऑटिज्‍म की जटिलता का एक स्पष्ट चित्रण है और यह तथ्य कि ऑटिज्‍म कई अलग-अलग स्थितियों को शामिल करता है। 

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autism treatment

उन्होंने कहा, "इसके प्रत्येक उपप्रकार में शिथिलता की जड़ों की पहचान करना सही और समय पर निदान के लिए उपचार और स्क्रीनिंग टूल दोनों को डिजाइन करने के लिए महत्वपूर्ण है - यह सटीक चिकित्सा का सार है। " 

हालांकि, ऑटिस्टिक बच्चे का प्रबंधन करना आसान नहीं है और माता-पिता को अपनी स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए एक बच्चे में ऑटिज़्म के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने की आवश्यकता है। समय पर निदान और सही उपचार बच्चों को एक सामान्य जीवन जीने में मदद कर सकता है।

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