रोजमेरी ऑयल से आर्थराइटिस और मांसपेशियों की सूजन होती है दूर, जानें जैस्मिन, लैवेंडर, रोज ऑयल की विशेषता

फूलों की खुशबू किसको पसंद नहीं होती। ऐसे में अगर पता चले कि इन खुशबू से सेहत को भी दुरुस्त रखा जा सकता है तो सोने पर सुहागा समझिए। आइए जानते हैं कैसे

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Oct 21, 2020
रोजमेरी ऑयल से आर्थराइटिस और मांसपेशियों की सूजन होती है दूर, जानें जैस्मिन, लैवेंडर, रोज ऑयल की विशेषता

फूलों की खुशबू किसको पसंद नहीं होती। ऐसे में अगर पता चले कि इन खुशबू से सेहत को भी दुरुस्त रखा जा सकता है तो सोने पर सुहागा समझिए। आइए जानते हैं कैसे.फूलों पौधों और विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों के अर्क से बना अरोमा ऑयल जिसे एसेंशियल ऑयल भी कहते हैं, सेहत के लिए बेहद कारगर होता है। बता दें कि फ्लोरल अरोमा और हर्बल अरोमा, अरोमा ऑयल्स के ही भाग हैं। इनका प्रयोग सीधे त्वचा पर नहीं किया जाता। वरना इससे त्वचा को हानि पहुंच सकती है। इसके लिए हम कैरीअर्स ऑयल का प्रयोग करते हैं। एसेंशियल ऑयल को कैरीअर्स ऑयल के साथ मिलाकर लगाया जाता है। इससे सुगंध भी संतुलित रहती है। रोजमेरी ऑयल, रोज ऑयल, जैस्मिन ऑयल, लैवेंडर ऑयल त्वचा के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद कारगर होते हैं। इनके प्रयोग से अनेक बीमारियों को दूर किया जा सकता है। आज हम इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि एसेंशियल ऑइल्स किस तरह हमारे शरीर के लिए फायदेमंद हैं। पढ़ते हैं आगे... 

aroma oils

रोजमेरी ऑयल की विशेषता

मानसिक तनाव को दूर करने के लिए यह तेल बेहद फायदेमंद है। यह न केवल याद्दाश्त को तेज़ करता है बल्कि अगर किसी को कंजक्शन और साइनोसाइटिस है तो उनके लिए भी यह लाभकारी है। इसके अलावा यदि आप इस ऑयल को किसी लोशन के साथ शरीर पर लगाते हैं तो इससे मांसपेशियों की सूजन दूर होती है। साथ ही लीवर, अर्थराइटिस और अन्य पेट की समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।

रोज ऑयल की विशेषता

चेहरे की मसाज के लिए इस तेल का प्रयोग किया जाता है क्योंकि इस ऑयल में छिपे गुण चेहरे की त्वचा के लिए बेहद उपयोगी हैं। इसका प्रयोग आप गुलाब जल या रोज ऑयल के साथ कर सकते हैं। दोनों को मिलाकर अगर आप चेहरे पर लगाएंगे तो इससे निखार आती है। जो नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करता है उसकी उम्र कम दिखती है। वहीं खोई हुई चमक भी लौट आती है। इससे ना केवल चेहरे की त्वचा में कसाव आता है बल्कि यह हर्बल तेल डोनर के रूप में भी काम करता है।

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जैसमिन ऑयल के गुण

इसकी सुगंध बेहद तेज़ होती है इसीलिए जिन लोगों को तेज़ सुगंध पसंद होती है वे इसका इस्तेमाल करते हैं। इसका इस्तेमाल कम मात्रा में किया जाता है। इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से त्वचा को हानि पहुंच सकती है। इसका दूसरा नाम एंटीडिप्रेसेंट भी है, जिससे शरीर को ताजगी मिलती है।

लैवेंडर ऑयल की विशेषता

हमारा मूड स्विंग होता रहता है ऐसे में यह मूड को ठीक करता है। इससे न केवल तनाव दूर होता है बल्कि यह त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी है। बता दें कि इसके अंदर एंटीमाइक्रोबियल्स गुण मौजूद होते हैं, जिसके कारण त्वचा के संक्रमण से यह हमारा बचाव करता है। साथ ही एक्ने से लड़ने में भी यह बेहद कारगर है। 

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कुछ जरूरी बातें

  • बता दें कि एसेंशियल ऑयल का उपचार प्राकृतिक उपचार के रूप में देखा जाता है।
  • एसेंशियल ऑयल के एहसास से ही हमारा मस्तिष्क प्रभावित होता है।
  • जब भी किसी सौंदर्य संबंधित उत्पाद या अन्य उत्पादों को बनाया जाता है तो उद्योगों में 300 से ज्यादा किस्म के अरोमा तेलों का प्रयोग किया जाता है।
  • बता दें कि अरोमा ऑइल्स को कैरीअर्स ऑयल के साथ मिलाकर यूज किया जाता है। क्योंकि एसेंशियल ऑयल की अपनी कोई सुगंध नहीं होती है इसीलिए यह अरोमा उसके साथ मिलकर सुगंध के साथ साथ समस्या का उपचार भी करता है।
  • एक्सपर्ट्स अरोमा तेल का इस्तेमाल दिन में करने के लिए मना करते हैं। इनके लिए उत्तम समय रात का बताया गया है।

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