Decreased Urine Output: क्यों आता है कम यूरिन? जानें इसके 18 लक्षण और बचाव

कम यूरिन आने का मतलब है कि आपकी किडनी ठीक प्रकार से काम नहीं कर रही है। ऐसे में समय पर लक्षण पहचानकर इलाज शुरू कर दें।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Feb 09, 2021
Decreased Urine Output: क्यों आता है कम यूरिन? जानें इसके 18 लक्षण और बचाव

शरीर से सामान्य से कम यूरिन (Decreased Urine Output) आने के पीछे दिल से संबंधित समस्याएं, पेशाब नली में रूकावट या कम पानी पीना आदि होता है। ऐसे में अगर इस तरीके की परेशानी नजर आए तो तुरंत जांच करवानी जरूरी होती है। यह इस बात का संकेत होता है कि आपकी किडनी खराब होना शुरू हो गई है। हालांकि इसके अन्य लक्षण भी नजर आते हैं जैसे ब्लड प्रेशर का कम हो जाना, दिल की गति का बढ़ जाना, गहरे रंग का पेशाब आना आदि। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि पेशाब कम (Low Urine Output) आना क्या है? साथ ही जानेंगे कि इसके लक्षण, कारण और बचाव क्या हैं? पढ़ते हैं आगे...

डिक्रीज यूरीन आउटपुट यानि यूरिन का कम आना (what is decreased urine output)

ऑलिगुरिया, यह वह स्थिति होती है जब पेशाब कम आता है। इस स्थिति में व्यक्ति 400 मिलीलीटर से कम यूरिन शरीर से बाहर निकालता है। इसके कारण गुर्दे खराब होना, शरीर में पानी की कमी होना, यूरिनरी रिटेंशन, मूत्र पंथ में संक्रमण आदि हो सकते हैं। ऐसे में समय रहते लक्षणों और कारणों को समझना जरूरी है।

यूरिन कम आने के लक्षण (symptoms of decreased urine output)

यूरिन के कम आने के लक्षण निम्न प्रकार हैं-

1 - ब्लड प्रेशर का कम हो जाना,

2 - दिल की दर का बढ़ना

3 - आंखों से कम आंसू आना

4 - आंखों का अंदर की तरफ घसना

5 - गहरे रंग का पेशाब आना

6 - मांसपेशियों का कमजोर हो जाना

7 - अत्यधिक प्यास लगना

8 - थकना और सुस्ती महसूस करना

9 - मुंह का सूखना

10 - अधिक प्यास लगना

कुछ अन्य लक्षण इस प्रकार भी हैं-

11 - हड्डियों में दर्द महसूस करना

12 - सिर दर्द होना

13 - कम भूख लगना

14 - कम सुनाई देना

15 - मानसिक विकास जैसे चेतना का खो जाना

16  - मांसपेशियों में दर्द होना

17 - त्वचा का पीला पड़ जाना

18 - मुंह से बदबू आना

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पेशाब कम आने के कारण (causes of decreased urine output)

पेशाब कम आने के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं-

1 - जब आपकी गुर्दे ठीक प्रकार से काम करते हैं लेकिन उनको पर्याप्त मात्रा में ब्लड नहीं पहुंच पाता। बता दें कि इसका मतलब यह है कि किडनी की संरचनात्मक ठीक नहीं है। यह समस्या तब पैदा होती है जब किडनी की कोशिकाओं को लंबे समय तक ब्लड नहीं मिल पाता। इसके अलावा कुछ दवाओं के सेवन से भी इस प्रकार की समस्या पैदा हो सकती है।

पेशाब कम आने के पीछे निम्न कारण हैं- 

2 - यूरिन के रास्ते में किसी भी प्रकार की रुकावट आना

3 - किडनी में सूजन या किडनी का क्षतिग्रस्त हो जाना

4 - शरीर में पानी की कमी होना, जिसके कारण बुखार, दस्त, उल्टी आदि लक्षण नजर आना

5 - गंभीर इंफेक्शन होने के कारण

यूरिन कम आने पर किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

डायबिटीज से पीढ़ित लोग, हार्ट फेल हो जाने की समस्या, सेप्सिस यानी ब्लड इनफेक्शन, लिवर रोग, लो ब्लड प्रेशर, हार्ट फेल, किडनी रोग आदि पेशाब कम आने के खतरे को और बढ़ा देती है।

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यूरिन कम आने से बचाव (Prevention of decrease urine output)

1 - अगर आप सिगरेट और शराब का सेवन करते हैं तो इस आदत को तुरंत बदल लें।

2 - जो लोग हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि रोग से परेशान है वे अपनी जीवनशैली में बदलाव करके, उचित आहार से, दवाई आदि लेने से भी इस समस्या को कम कर सकते हैं।

3 - अगर आपका वजन सही है तब भी इस समस्या को दूर रखा जा सकता।

4 - बुखार, दस्त या अन्य कोई बीमारी होने पर शरीर में पानी की कमी ना होने दें। ऐसे में इन दिनों इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा पेय पदार्थों के माध्यम से करें।

5 - पर्याप्त मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थों के सेवन से आप पानी की कमी से छुटकारा पा सकते हैं।

नोट - पेशाब कम आने का कारण जानने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट की मदद लेते हैं। वे यूरिन टेस्ट के माध्यम से किडनी में सूजन, मूत्राशय में संक्रमण आदि का पता लगाते हैं। यूरिन कल्चर के माध्यम से गुर्दे में संक्रमण या मूत्राशय में संक्रमण के बारे में पता लगाते हैं। अल्ट्रासाउंड टेस्ट से वे किडनी के अंतर्गत गांठ कैंसर युक्त तो नहीं, इस बात का पता लगाते हैं। ब्लड टेस्ट के माध्यम से वे गुर्दे में खराबी, एनीमिया, मूत्र पथ में संक्रमण आदि का पता लगाते हैं। वहीं वे सिटी स्कैन के माध्यम से डॉक्टर अंदरूनी अंगों को की जांच करते हैं। सिस्टोस्कॉपी के माध्यम से डॉक्टर मूत्राशय में किसी प्रकार का ट्यूमर आदि का पता लगाते हैं।

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