टीवी और कंप्‍यूटर से चिड़चिड़े बन रहे हैं बच्‍चे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 29, 2013
Quick Bites

  • बच्‍चों का भावनात्‍मक समस्‍या, चिड़चिड़पन और अवसाद से गुजरना।
  • निष्क्रिय जीवनशैली का भी बच्‍चों पर पड़ रहा नकरात्‍मक प्रभाव। 
  • एक्‍सरसाइज नहीं करना है इसकी सबसे बड़ी वजह।

kids are becoming irritable owing to tv and computer

टीवी और कंप्‍यूटर आज की जरूरत बन गई हैं। लेकिन क्‍या आपको पता हैं कि इनका ज्‍यादा प्रयोग बच्‍चों के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। टीवी और कंप्‍यूटर के सामने ज्‍यादा समय बिताने से बच्‍चों में बेचैनी का स्‍तर बढ़ रहा है और वे चिड़चिड़े हो रहे हैं।

 

पब्लिक हेल्‍थ इंग्‍लैंड के शोध के मुताबिक निष्क्रिय जीवनशैली भी बच्‍चों पर नकारात्‍मक असर डाल रही है। अधिक समय तक टीवी देखने या कंप्‍यूटर पर गेम खेलने से बच्‍चों की सेहत पर असर पड़ रहा है। साथ ही बच्‍चों में आत्‍मसम्‍मान और खुशी की भावना भी कमी हो रही है। ऐसे बच्‍चों को भावनात्‍मक समस्‍या, चिड़चिड़ापन और अवसाद से भी गुजरना पड़ रहा है।

 

अध्ययन से पता चला है कि एक दिन में दो घंटे या इससे अधिक टीवी या कंप्यूटर पर बैठने से बच्‍चों में चि‍ड़चिड़ापन बढ रहा है। अध्ययन में शामिल किए गए बच्‍चों से उनके स्‍वभाव के बारे में जानकारी करने के साथ ही यह पूछा गया कि वे कितनी देर कंप्यूटर और टीवी पर बैठते हैं।

 

सर्वे से पता चला कि दिनभर में दो घंटे से ज्‍यादा समय टीवी या कंप्यूटर पर व्‍यतीत करने वाले बच्‍चों में से 60 फीसदी में स्‍वभाव से जुड़ी समस्याएं पायी गई। यह भी पाया गया कि सात वर्ष तक की उम्र के आधे बच्‍चे पर्याप्‍त रूप से व्‍यायाम नहीं करते हैं। शोध के आंकड़ों के मुताबिक 51 फीसदी बच्‍चे ही प्रतिदिन व्‍यायाम करते हैं।



 

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