शिशु में दस्‍त, अपच और नींद न आने की समस्‍या का आयुर्वेदिक उपचार है जायफल, जानें सेवन का सही तरीका

अगर शिशु को दस्त लग गए हैं और वो सुबह से रोए जा रहा है तो जायफल का इस्तेमाल करें। लेकिन इसका इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी सावधानी बरतें।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: May 11, 2017Updated at: Aug 26, 2020
शिशु में दस्‍त, अपच और नींद न आने की समस्‍या का आयुर्वेदिक उपचार है जायफल, जानें सेवन का सही तरीका

हम अपने भोजन को मसाला देना पसंद करते हैं क्योंकि यह भोजन में नया स्‍वाद जोड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार, विभिन्न जड़ी-बूटियां और मसाले विभिन्न चिकित्सा स्थितियों को ठीक करने में मदद करते हैं। कुछ लोग बच्चों को मसाले देने की सलाह देते हैं, एक ऐसा मसाला जो आपके बच्चे को फायदा पहुंचा सकता है वह है जायफल। जी हां, आपके छोटे के लिए जायफल बहुत फायदेमंद हो सकता है। यदि आप सोच रहे हैं कि आप इस सुगंधित मसाले का उपयोग कैसे कर सकते हैं और यह आपके बच्चे को क्या लाभ देगा, तो हम आपको विस्‍तार से बता रहे हैं। 

जायफल क्‍या है? 

जायफल एक लोकप्रिय मसाला है, जो जायफल के पेड़ से प्राप्त होता है। यह एक बीज के रूप में पाया जाता है। इसमें थोड़ा अखरोट जैसा स्वाद होता है और इसकी प्रकृति गर्म होती है। इसका उपयोग अक्सर डेसर्ट और करी में किया जाता है। हालांकि, जायफल को आमतौर औषधि के तौर पर भी प्रयोग किया जाता है। जायफल में कई ऐसे शक्तिशाली यौगिक पाए जाते हैं जो बीमारियों के इलाज में प्रभावशाली होते हैं। खासकर बच्‍चों को उनकी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के लिए दिया जाता है।

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बच्‍चों के लिए जायफल के फायदे: Health Benefits of Nutmeg for Babies

जायफल अपने विभिन्‍न औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। आप इसे अपने शिशु को नियमित तौर डॉक्‍टर की सलाह पर दे सकते हैं। जायफल के फायदे निम्‍नलिखित हैं।

1. पेट की समस्‍या 

अपने बच्चे को जायफल देना उसके पेट के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। शिशुओं को गैस होने का खतरा होता है। लेकिन अपने आहार में जयफल को शामिल करने से इस तरह की समस्याएं दूर हो सकती हैं। यह बच्चों में पेट में ऐंठन या दर्द को ठीक करने में भी मदद कर सकता है।

2. बेहतर नींद 

लंबे समय से, माताओं ने अपने बच्चों के लिए जायफल का उपयोग प्रभावी ढंग से किया है क्योंकि यह सुगंधित मसाला उनमें बेहतर नींद लाने में मदद करता है। जब आप अपने बच्चे के दूध में इस मसाले को मिलाते हैं, तो आपका बच्चा आराम और शांत महसूस कर सकता है, और इस तरह, वह शांति से सो सकता है। इसके अलावा, इस मसाले का उपयोग पेट की समस्याओं को दूर रखने में फायदेमंद है, जो कभी-कभी आपके बच्चे की नींद में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

3. अपच की समस्या 

चूंकि शिशुओं में पूरी तरह से परिपक्व पाचन तंत्र नहीं होता है, इसलिए इससे उन्हें अपच की समस्या हो सकती है। जैसा कि आप अपने बच्चे के आहार में विभिन्न प्रकार के ठोस खाद्य पदार्थों को देते हैं, लेकिन उनका अपरिपक्व पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम नहीं कर सकता है और उसे पेट में दर्द, गैस, या दस्त भी हो सकता है। शिशुओं में दस्त के लिए जायफल का सेवन इस बीमारी के लक्षणों के उपचार में कारगर साबित हो सकता है।

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4. सर्दी और खांसी 

यह चमत्कारिक मसाला शरीर को गर्माहट प्रदान करता है और इस प्रकार शिशुओं में सर्दी और खांसी के लक्षणों का इलाज करने में मदद करता है। बच्चे की ठंड के लिए जयफल देना सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है।

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जायफल के सेवन का तरीका और मात्रा 

जायफल को आप पत्‍थर पर पानी के साथ पीसकर चम्‍मच में निकाल लें और इससे किसी आहार के साथ दें। यदि आपका शिशु छह महीने से अधिक उम्र का है, तो आप गर्मी के दिनों में एक बार 0.5 मिलीग्राम और सर्दियों में 0.5 मिलीग्राम दिन में दो बार दे सकते हैं। हालांकि, अपने बच्चे के बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही जायफल देना सही माना जाता है। 

क्‍या आपका बच्‍चा बीमार है और पता लगाना मुश्किल हो रहा है तो देखें ये वीडियो: 

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