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खराब नींद के कारण भी आप हो सकते हैं इस्केमिक हार्ट डिजीज के शिकार, जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

इस्केमिक हार्ट डिजीज दिल से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जो धमनियों में प्लाक जमा होने के कारण होती है, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज के बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 18, 2022Updated at: May 18, 2022
खराब नींद के कारण भी आप हो सकते हैं इस्केमिक हार्ट डिजीज के शिकार, जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

दिल से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां खानपान और जीवनशैली के कारण होती हैं। अगर आपका खानपान और लाइफस्टाइल ठीक नहीं है तो हार्ट डिजीज का खतरा बना रहता है। खानपान में असंतुलन के कारण शरीर का ब्लड प्रेशर भी असंतुलित होता है जिसके कारण कई गंभीर समस्याएं होती हैं। दिल से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है इस्केमिक हार्ट डिजीज। इस्केमिक हार्ट डिजीज (Ischemic Heart Disease in Hindi) एक ऐसी समस्या है जिसमें शरीर के अंगों में रक्त की आपूर्ति बाधित होती है और आप हार्ट अटैक, फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। इस्केमिक हार्ट डिजीज को कोरोनरी आर्टरी डिजीज और कोरोनरी हार्ट डिजीज भी कहा जाता है। दरअसल यह दिल से जुड़ी बीमारियों का एक समूह है जिसमें शरीर के अलग-अलग अंगों में न सिर्फ ब्लड की आपूर्ति सही ढंग से नहीं हो पाती है बल्कि इसकी वजह से ऑक्सीजन का सर्कुलेशन भी ठीक ढंग से नहीं होता है। आइये विस्तार से जानते हैं इस्केमिक हार्ट डिजीज के कारण, लक्षण और इलाज व बचाव के बारे में।

इस्केमिक हार्ट डिजीज क्या है? (What is Ischemic Heart Disease in Hindi)

इस्केमिक हार्ट डिजीज दिल से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जो शरीर की धमनियों में रक्त प्रवाह बाधित होने के कारण होती हैं। बाबू ईश्वर शरण सिंह अस्पताल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ आर के यादव इस बीमारी में धमनियों में प्लाक जमा हो जाता है और इसकी वजह से धमनियों से रक्त का प्रवाह सही ढंग से नहीं हो पाता है। धमनियों में प्लाक जमने की वजह से दिल की मांसपेशियों में खून की सप्लाई भी रुक जाती है और दिल तक ऑक्सीजन की भी पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंच पाती है। इसकी वजह से आपको हार्ट अटैक, सीने में दर्द और हार्ट फेलियर की समस्या भी हो सकती है। आमतौर पर यह बीमारी असंतुलित खानपान और खराब जीवनशैली के कारण होती है लेकिन कुछ लोगों में यह समस्या कई अन्य कारणों की वजह से भी हो सकती है। स्मोकिंग करने वाले लोगों में इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। 

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इस्केमिक हार्ट डिजीज के कारण (Ischemic Heart Disease Causes in Hindi)

ज्यादातर लोगों में इस्केमिक हार्ट डिजीज की समस्या बढ़ती उम्र और खराब जीवनशैली के कारण होती है। इसका सबसे प्रमुख कारण धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा होना है। धमनियों में प्लाक जमा होने से दिल समेत शरीर के अलग-अलग अंगों में खून की सप्लाई सही ढंग से नहीं हो पाती है और इसकी वजह से कई गंभीर समस्याएं होती हैं। स्मोकिंग और खराब डाइट के कारण इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। कई शोध और अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस्केमिक हार्ट डिजीज नींद से जुड़ी समस्याओं के कारण भी हो सकती है। खराब नींद और नींद की कमी की वजह से भी इस समस्या का खतरा रहता है। इस्केमिक हार्ट डिजीज के मुख्य कारण इस प्रकार से हैं।

  • आनुवंशिक कारणों की वजह से।
  • हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के कारण।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल।
  • डायबिटीज की समस्या के कारण।
  • मोटापे की समस्या।
  • किडनी से जुड़ी बीमारियों की वजह से।
  • असंतुलित डाइट और खराब जीवनशैली के कारण।
  • धूम्रपान करने की वजह से।
  • शराब और नशीली दवाओं का सेवन।
  • खराब नींद के कारण।

इस्केमिक हार्ट डिजीज के लक्षण (Ischemic Heart Disease Symptoms in Hindi)

इस्केमिक हार्ट डिजीज की समस्या की शुरुआत में कुछ लोगों में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे यह समस्या बढ़ती है इसके लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। धमनियों में प्लाक जमने पर जब आपकी धमनियां संकरी होने लगती हैं तो इसकी वजह से आपके हार्ट में ब्लड और ऑक्सीजन की सही ढंग से सप्लाई नहीं हो पाती है। इस स्थिति में शुरुआत में आपको सीने में दर्द, लगातार खांसी और सांस से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इसके बाद जैसे-जैसे आपकी समस्या बढ़ती है इसके लक्षण भी गंभीर होने लगते हैं। इस्केमिक हार्ट डिजीज में आपको ये लक्षण दिखाई देते हैं।

  • सीने में गंभीर दर्द।
  • अत्यधिक थकान और हाथ-पैर में जकड़न।
  • चक्कर आना और बेहोशी।
  • उल्टी, मतली की समस्या।
  • कमजोरी।
  • हाथ सुन्न होना।
  • बोलने में दिक्कत।

इस्केमिक हार्ट डिजीज का इलाज और बचाव (Ischemic Heart Disease Treatment And Prevention in Hindi)

इस्केमिक हार्ट डिजीज के इलाज के लिए सबसे पहले आपकी जांच की जाती है। हार्ट की जांच के बाद बीमारी की गंभीरता और उसके लक्षणों के आधार पर डॉक्टर इलाज करते हैं। इलाज में इसके कारणों को कम करने के लिए भी दवाएं दी जाती हैं। शरीर में हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए दवाएं दी जाती हैं। इसके अलावा डायबिटीज और कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने पर आपको कई अन्य दवाओं के सेवन की सलाह दी जाती है।

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इस्केमिक हार्ट डिजीज से बचाव के लिए आपको खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार करने की सलाह दी जाती है। दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए संतुलित खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल होना बहुत जरूरी है। इस समस्या से बचने के लिए स्मोकिंग से दूरी बनानी चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से हार्ट के लिए फायदेमंद डाइट और एक्सरसाइज का पालन करने से आप इस्केमिक हार्ट डिजीज के चपेट में आने से बच सकते हैं।

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