हाई बीपी की समस्या से पहले शरीर में दिखाई देते हैं प्री-हाइपरटेंशन के लक्षण, जानें क्या है यह स्थिति

हाई बीपी की समस्या से पहले आपको प्री-हाइपरटेंशन की समस्या होती है, जानें प्री-हाइपरटेंशन के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 17, 2022Updated at: May 25, 2022
हाई बीपी की समस्या से पहले शरीर में दिखाई देते हैं प्री-हाइपरटेंशन के लक्षण, जानें क्या है यह स्थिति

आज के समय में असंतुलित जीवनशैली और अनहेल्दी डाइट के कारण हाई बीपी की समस्या बहुत कॉमन हो गयी है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को मेडिकल की भाषा में हाइपरटेंशन (Hypertension in Hindi) कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सामान्य से ज्यादा तेज हो जाता है। सामान्य ब्लड प्रेशर के अनियंत्रित होने पर ब्लड प्रेशर की समस्या शुरू होती है। हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर से पहले शरीर के ब्लड प्रेशर में होने वाले बदलाव के कारण प्री-हाइपरटेंशन की स्थिति होती है। प्री-हाइपरटेंशन को हाई बीपी का शुरुआती स्टेज माना जाता है। प्री-हाइपरटेंशन के बाद ही हाई बीपी की समस्या की शुरुआत होती है। दुनियाभर के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक हर 8 व्यक्ति में से 1 व्यक्ति हाइपरटेंशन या हाई बीपी की समस्या से जूझ रहा है।

इस लेख को OMH की खास सीरीज फोकस ऑफ द मंथ के अंतर्गत ल‍िखा गया है ज‍िसका उद्देश्‍य है क‍िसी खास स्‍वास्‍थ्‍य मुद्दे पर पाठकों को जानकार बनाना और इस महीने हम हाइपरटेंशन से जुड़ी जानकारी पर गौर करेंगे। इस महीने हम अपने Campaign ‘focus of the month’ - Beat The Pressure में ब्लड प्रेशर से जुड़ी जरूरी जानकारियां और टिप्स आपके साथ शेयर कर रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर का सही समय पर इलाज और बचाव नहीं करने पर यह समस्या जानलेवा हो सकती है। पूरी दुनिया में 17 मई को हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को इसके प्रति और सजग बनाने के लिए विश्व उच्च रक्तचाप दिवस यानी वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। इस वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World Hypertension Day) के मौके पर हम आपको प्री-हाइपरटेंशन की स्थिति के बारे में बताने जा रहे हैं। आइये विस्तार से जानते हैं प्री-हाइपरटेंशन क्या है? इसके लक्षण क्या हैं और बचाव के उपाय।

क्या है प्री-हाइपरटेंशन की समस्या? (What is Pre-Hypertension in Hindi?)

आसान भाषा में कहें तो प्री-हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति है जहां से आपके शरीर में हाई बीपी की शुरुआत होती है। इसे स्टेज 1 हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। बाबू ईश्वर शरण सिंह अस्पताल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ आर के यादव के मुताबिक प्री-हाइपरटेंशन एक चेतावनी है जिससे बचने के लिए सही समय पर कदम उठाने चाहिए अन्यथा आप हाइपरटेंशन के मरीज हो सकते हैं। इस समस्या का कोई विशेष इलाज नहीं है, आप सही समय पर डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव कर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। प्री-हाइपरटेंशन को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा माना जाता है। जब आपके शरीर की ब्लड प्रेशर रीडिंग सिस्टोलिक 120 mm HG और डायस्टोलिक 80 से 89 mm Hg होती है तो इसे प्री-हाइपरटेंशन माना जाता है। इस स्थिति में आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा तो होता है लेकिन इसे हाइपरटेंशन नहीं कहा जा सकता।

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प्री-हाइपरटेंशन के लक्षण (Pre-Hypertension Symptoms in Hindi)

ज्यादातर मामलों में प्री-हाइपरटेंशन की समस्या में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन जिन लोगों में यह स्थिति काफी दिनों से बनी होती है उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। प्री-हाइपरटेंशन की समस्या में कई ऐसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं जिन्हें हाइपरटेंशन के लक्षण माना जाता है। प्री-हाइपरटेंशन के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं। 

  • लगातार सिरदर्द।
  • अत्यधिक थकान और चक्कर आना।
  • बेचैनी और नींद की कमी।
  • चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना।

प्री-हाइपरटेंशन के ये लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं या कुछ व्यक्तियों में इसके लक्षण नहीं दिखाई दे सकते हैं। जब यह समस्या बढ़ने लगती है तो इसकी वजह से दिल से जुड़ी कई समस्याएं भी शुरू हो सकती हैं। इसके लिए आपको समय-समय पर अपने ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करनी चाहिये।

प्री-हाइपरटेंशन के कारण (What Causes Pre-Hypertension?)

असंतुलित खानपान और खराब जीवनशैली के कारण आपको ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। प्री-हाइपरटेंशन की स्थिति असंतुलित जीवनशैली और खानपान में गड़बड़ी के अलावा शरीर की स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करती है। हाइपरटेंशन और प्री-हाइपरटेंशन की समस्या के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं।

  • तनावपूर्ण जीवनशैली।
  • अनियमित रूप से भोजन करने की आदत।
  • रात में देर से भोजन करना।
  • फिजिकल एक्टिविटी नहीं करना।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज की समस्या।

प्री-हाइपरटेंशन से बचाव के तरीके (Pre-Hypertension Prevention Tips in Hindi)

प्री-हाइपरटेंशन की समस्या का कोई सटीक इलाज मौजूद नहीं है। अगर आप लंबे समय से प्री-हाइपरटेंशन की समस्या से ग्रसित हैं तो इसके गंभीर होने पर आपको हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए आपको अपनी जीवनशैली और डाइट में सुधार करना चाहिए। रोजाना 30 से 40 मिनट तक व्यायाम, योग आदि का अभ्यास और संतुलित व हेल्दी डाइट का पालन करने से आप प्री-हाइपरटेंशन की समस्या से बचाव कर सकते हैं। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। 

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प्री-हाइपरटेंशन की स्थिति को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है। इस स्थिति के लक्षण दिखते ही आपको डॉक्टर की सलाह लेकर बचाव के लिए जरूरी कदम उठानें चाहिए। मोटापे की समस्या, धूम्रपान और शराब आदि का सेवन करने वाले लोगों को इस समस्या का ज्यादा खतरा रहता है।

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