Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या वाकई प्रेग्नेंसी में सेक्स का ज्यादा मन करता है और करता है तो क्या ये नॉर्मल है? जानें डॉक्टर से

Does Pregnancy Increase Sexual Urge: प्रेग्नेंसी में सेक्शुअल डिजायर घटना या बढ़ना पूरी तरह से नॉर्मल है। वैसे तो इसके लिए हार्मोनल बदलाव को जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

Does Pregnancy Increase Sex Drive: आपको यह जानकारी होगी कि महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर समय-समय पर बदलती रहती है। कभी यह ज्यादा होती है, तो कभी कम हो जाती है। विशेषज्ञों की मानें, तो अक्सर ओवुलेशन या पीरियड्स के आसपास महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इसी दौरान उनके शरीर में हार्मोनल बदलाव काफी ज्यादा होते हैं। वहीं, अगर कोई महिला रिलेशनशिप के खराब दौर से गुजर रही है, अक्सर तनाव में रहती है, तो उनमें सेक्शुअल डिजायर की कमी देखी जा सकती है। लोगों के बीच एक यह अवधारणा भी काफी प्रचलन में है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई ऐसा होता है? अगर हां, तो क्या प्रेग्नेंसी में सेक्स की चाह बढ़ना सामान्य है? आइए, जानते हैं इस बारे में Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता क्या बताती हैं।

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है?- Does Pregnancy Increase Sexual Desire

is it normal to have sexual desire during pregnancy 1 (10)

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बदल सकती है और यह पूरी तरह नॉर्मल है। कुछ महिलाओं में इन दिनों सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है और इसके पीछे कुछ कारणों को जिम्मेदार माना जा सकता है, जैसे-

हार्मोनल बदलाव

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर अपनी चरम पर होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित एक लेख से पता चलता है कि जब महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, तो इससे उनका मूड बेहतर होता है और एनर्जी का स्तर बढ़ जाता है। इसी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है।

ब्लड फ्लो बढ़ता है

चूंकि, प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव होते हैं, इसकी वजह से उनके शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होता है। जेनिटल और पेल्विक एरिया पर भी इसका असर देखने को मिलता है। यही नहीं, प्रेग्नेंसी के कारण जेनिटल एरिया में लुब्रिकेशन और सेंसिटिविटी भी बढ़ जाती है। नतीजतन, सेक्शुअल डिजायर में बढ़ोत्तरी होने लगती है।

इसे भी पढ़ें: महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है प्रोजेस्टेरोन हार्मोन, जानें इसके 4 मुख्य फंक्शन

प्रेग्नेंसी में सेक्शुअल डिजायर कम होने के कारण

हर महिला में प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्शुअल डिजायर बढ़े, यह जरूरी नहीं है। कुछ महिलाओं में इसका स्तर कम भी हो सकता है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे-

  1. पहली तिमाही में अक्सर महिलाओं को उल्टी, मतली जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में महिलाओं की सेक्शुअल डिजायर पर नेगेटिव असर पड़ने लगता है।
  2. प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं थकान, कमजोरी से घिरी रहती हैं। यह भी सेक्शुअल डिजायर के स्तर को कम करने के लिए जिम्मेदार कारक है।
  3. प्रेग्नेंसी में कई महिलाओं में गर्भ में पल रहे शिशु को लेकर डर या एंग्जाइटी होती है। इसी वजह से वे इन दिनों यौन संबंध बनाने से बचती हैं।

इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है? डॉक्टर से समझें

निष्कर्ष

हर महिला के लिए प्रेग्नेंसी के सफर अलग होता है। कोई इस सफर का लुत्फ उठाती हैं, तो कुछ महिलाएं प्रेग्नेंसी के तीनों तिमाही में परेशान रहती हैं। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रेग्नेंसी में हर महिला की सेक्शुअल डिजायर भी अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा कुछ महिलाओं की प्रेग्नेंसी जटिलताओं से भरी होती है। ऐसी महिलाओं को प्रेग्नेंसी में यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए। साथ ही यदि डॉक्टर ने High-risk Pregnancy या Placenta Previa जैसी स्थिति बताई है, तो संबंध बनाने से बचना बेहतर होता है।

All Image credit: Freepik

FAQ

  • गर्भावस्था के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

    गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खानपान, लाइफस्टाइल का पूरा ध्यान रखना चाहिए। रोजाना पर्याप्त नींद लेना चाहिए और डॉक्टर की दी हुई दवा को नियम अनुसार लेना चाहिए।
  • प्रेग्नेंसी में कौन सा महीना सबसे नाजुक होता है?

    वैसे प्रेग्नेंसी की तीनों तिमाही में महिलाओं को अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए। प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही और आखिरी तिमाही काफी जटिल होती है। इन दिनों महिलाओं को अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
  • गर्भावस्था के दौरान शरीर को स्वस्थ कैसे रखें?

    गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रहने के लिए महिलाओं को लीन प्रोटीन लेना चाहिए, हेल्दी सब्जियां और फल खाने चाहिए, कैल्शियम इनटेक पर जोर देना चाहिए। इस तरह सेहत में सुधार करने में मदद मिलती है।

Read Next

क्या गर्भावस्था में ब्राह्मी के पत्ते खाए जा सकते हैं? जानें आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 09, 2026 16:09 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jan 09, 2026 16:09 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jan 09, 2026 16:09 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content