आजकल बढ़ रहा है रिश्तों के कारण डिप्रेशन, इस तरह करें बचाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 04, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • रिश्तों में दरार पड़ने से आप अकेलेपन का शिकार हो सकते हैं।  
  • अलग सोच ओर रूचियों के कारण भी स्थितियां दिखाई देती हैं।
  • रिश्तों में विफलता से एक-दूसरे पर विश्वास खत्म हो जाता है।

सोशल मीडिया और नाइट क्लब्स के इस दौर में रिश्ते जितनी तेजी से बन रहे हैं उतनी ही तेजी से बिगड़ रहे हैं। बनते-बिगड़ते इन रिश्तों के बीच झूलते युवा तेजी से डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। रिश्तों की सफलता तभी तक रहती है जब तक दोनों ओर से एक-दूसरे पर विश्वास बना रहे। रिश्तों में विफलता रिश्ते के विकास के आड़े आती है। रिश्तों में आने वाली दरार से दोनों साथियों में भावनात्म‍क रूप से असुरक्षा की भावना घर कर जाती है। रिश्तों की सफलता के लिए जरूरी है कि एक-दूसरे को क्वालिटी टाइम दिया जाए यदि ये संभव नहीं है तो कम से कम कुछ समय साथ में जरूर बिताएं। रिश्तों में दरार पड़ने से आप अकेलेपन का शिकार हो सकते हैं और इससे आपके रिश्‍तों में भी अवसाद होने लगता है। आइए जानें रिश्तों में अवसाद के कारणों कों।

रिश्तों में अवसाद का कारण

आजकल की जीवन शैली के चलते रिश्तों में आए दिन दरारें पड़ रही हैं। कभी ये दरारें आपसी मनमुटाव के चलते होती है तो कभी एक-दूसरे को ठीक से न समझ पाने के कारण। कई बार एक-दूसरे की अलग सोच ओर रूचियों के कारण भी रिश्तों में अवसाद की स्थितियां दिखाई देती हैं। शोधों की मानें तो कई बार अत्यधिक बीमार रहने से, तमाम तकनीकें और नए- गैजेट्स के अधिक प्रयोग से भी पति-पत्नीं के संबंधों में दरार पड़ जाती हैं।

इसे भी पढ़ें:- सिर्फ इन 2 कमियों की वजह से लड़के देते हैं अपनी पार्टनर को धोखा

रिश्तों में अवसाद का प्रभाव

  • रिश्तों में अवसाद के कारण चि‍ड़चिड़ेपन की स्थिति हो सकती है।
  • आमतौर पर हर व्यक्ति की दर्द सहने की क्षमता अलग-अलग होती है, कोई अपनी परिस्थितियों से आसानी से जूझ लेता है तो कोई अपने रिश्ते में दरार के कारण अवसाद में चला जाता है।
  • रिश्तों में अवसाद के कारण कई लोगों में भावनात्मक असुरक्षा पनपने लगती है जिसके चलते वे तनाव में आ जाते हैं और अकेलापन महसूस करने लगते है।
  • कई बार तनाव इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि डिप्रेशन की स्थिति आ जाती है।
  • रिश्तों में विफलता से एक-दूसरे पर विश्वास खत्म हो जाता है।
  • रिश्तों में कड़वाहट के चलते दोनों एक-दूसरे की देखभाल करना कम कर देते हैं।
  • इसका असर बच्चों व अन्य सदस्यों जैसे दोस्तों और काम पर भी पड़ता है।
  • रिश्तों में विफलता कई बार लापरवाही और गैरजिम्मेदारी के कारण भी बढ़ने लगती हैं।

इसे भी पढ़ें:- शादी के बाद लड़कियां अपनाएं ये सात टिप्स, फैन हो जाएंगे ससुराल वाले

अवसाद से बचने के लिए क्या करें

  • यदि आपके रिश्तों में अवसाद पनपने लगा है तो पहले उन कारणों को जानना चाहिए जिनसे यह समस्याएं हो रही है।
  • यदि दोनों एक-दूसरे की समस्याओं को सुलझाने में असमर्थ है तो काउंसलिंग लेना भी बेहतर हो सकता है।
  • रिश्तों में संवाद होना जरूरी है। आपकी सब समस्याओं का समाधान संवाद पर ही टिका है। रिश्ते के विकास के लिए संवाद भी बराबर करते रहें।
  • संभव हो तो अपने साथी को सरप्राइज और उपहार दें।
  • अपने व्यवहार को थोडा लचीला बनाएं।
  • किसी एक रिश्ते में अपने आपकों पूरी तरह से ना निर्भर कर, सभी रिश्तों को महत्व दें।
  • दोस्‍त बनाएं अपने सुख और दुख बांटना सीखें।
  • मन में उन मधुर क्षणों को याद करना, जो उस मित्र के कारण जीवन में आए थे।
  • शांत रहें।
  • बिना उत्तेजित हुए बात सुनें और कहें।
  • संभव हो तो डेटिंग पर जाएं। डेटिंग और सफल संबंधों का पूरक है।

किसी भी रिश्ते को सुधारने के लिए सबसे जरूरी है कि रिश्तों के महत्व को समझना और उस महत्व को लगातार बरकरार रखना जरूरी है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles on Relationship in Hindi

Loading...
Write Comment Read ReviewDisclaimer
Is it Helpful Article?YES17 Votes 47821 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर