Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या गर्मियों में इंटरमिटेंट फास्टिंग करना सेफ है? एक्सपर्ट से जानें

वजन कम करने के लिए अक्सर इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं, जिससे वजन कम करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है। लेकिन क्या इसको गर्मियों में करना सेफ है?

आज के समय में ज्यादातर लोग अधिक वजन होने की समस्या से परेशान रहते हैं। इससे राहत के लिए बहुत से लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग का सहारा लेते हैं। इस दौरान व्यक्ति को 16 घंटे की फास्टिंग करनी होती है और 8 घंटे में हेल्दी और पोषक तत्वों से युक्त फूड्स का सेवन किया जा सकता है। लेकिन क्या इसको गर्मियों के मौसम में करना सही है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। ऐसे में आइए जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें क्या गर्मियों में इंटरमिटेंट फास्टिंग को करना सही है या नहीं?

गर्मियों में इंटरमिटेंट फास्टिंग की जा सकती है?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, गर्मियों में इंटरमिटेंट फास्टिंग करना सेफ माना जाता है, लेकिन मौसम में बदलाव के साथ जरूरत के अनुसार इसमें कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। ध्यान रहे, इस दौरान शरीर को हाइड्रेट रखें और शरीर में पोषक तत्वों की कमी न होने दें। इससे गर्मी के होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

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गर्मियों में इंटरमिटेंट फास्टिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, गर्मियों में तापमान के बढ़ने और पर्याप्त पानी न पीने के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने और डिहाइड्रेशन होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन समस्याओं से राहत के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

पर्याप्त पानी पिएं

गर्मियों में अधिक पसीना आने के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या होती है। जिससे शरीर की पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान पर्याप्त पानी पिएं या हर्बल टी या नींबू पानी का सेवन भी किया जा सकता है। ऐसा करने से शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद मिलती है।

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हाइड्रेटिंग फूड्स खाएं

इंटरमिटेंट फास्टिंग के खाने के 8 घंटे में शरीर को हाइड्रेट रखने मौसमी फलों के लिए डाइट में तरबूज, खरबूजा और बैरीज जैसे फलों और सब्जियों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इन फलों में अच्छी मात्रा में विटामिन-सी, फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व होता है, जिससे शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद मिलती है।

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वर्कआउट का टाइम बदलें

वजन कम करने के लिए अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग के साथ-साथ एक्सरसाइज करते हैं, तो गर्मियों में एक्सरसाइज के समय में बदलाव करें। इसके लिए सुबह या शाम के समय का चुनाव करें।

डिहाइड्रेशन के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

इस दौरान शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। अगर इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान व्यक्ति को चक्कर आने, सिर दर्द होने, कमजोरी होने, मुंह में ड्राइनेस होने और थकान होने जैसी समस्याएं होती हैं, तो शरीर की हाइड्रेशन पर ध्यान दें और अधिक परेशानी होने पर इंटरमिटेंट फास्टिंग न करते हुए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

निष्कर्ष

गर्मियों में इंटरमिटेंट फास्टिंग करते समय में शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को बैलेंस करने और शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, हाइड्रेटिंग फूड्स खाएं और वर्कआउट का टाइम बदलें। इसके अलावा, इस दौरान अगर किसी व्यक्ति को डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखते हैं, तो इनको नजरअंदाज न करते हुए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • डिहाइड्रेशन की पहचान कैसे करें?

    डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर व्यक्ति को अधिक प्यास लगने, मुंह में ड्राइनेस होने, सिरदर्द होने, चक्कर आने, थकान होने, यूरिन का रंग गहरा होने और गंभीर स्थिति में बेहोशी आने की समस्या होने सकती है।
  • इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान क्या खा सकते हैं?

    इंटरमिटेंट फास्टिंग में अंडे, एवोकाडो, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, ग्रीक योगर्ट, हरी सब्जियों और फलों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 02, 2026 11:09 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • May 02, 2026 11:09 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Archana Jain

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